कोविड अस्पताल में क्षमता से 29 मरीज ज्यादा भर्ती, क्योंकि 1000 बेड के 9 आइसोलेशन सेंटर अधूरे , August 18, 2020 at 09:31AM

सोमवार को दोपहर तक 5 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के साथ ही कोविड अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या 74 पहुंच गई है। जो क्षमता से 29 ज्यादा है, ऐसा शासन के नियम व गाइडलाइन अनुसार अस्पताल प्रबंधन का कहना है। अधिकतम 45 सामान्य मरीजों को ही रखने का नियम है ताकि डॉक्टरों को इलाज में सहूलियत हो। लेकिन आइसोलेशन सेंटर तैयार नहीं हुआ है इसलिए नौबत ऐसी आ रही है कि गंभीर मरीजों के लिए रिजर्व 26 बिस्तरों में अब कोरोना के बिना लक्षण वाले मरीजों को भी रखना पड़ सकता है। वहीं कई मरीजों को रेफर करना भी पड़ रहा है।
जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ते क्रम पर है इसलिए जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल में इन्हें रखने जगह की कमी पड़ रही है। वैसे तो यहां कोरोना मरीजों के लिए कुल 100 बिस्तर है लेकिन सामान्य मरीजों के लिए सिर्फ 74 ही है, क्योंकि6 आईसीयू, वेंटिलेटर व 20 एचडीयू मतलब स्टेप डाउन आईसीयू यानी छोटा आईसीयू बेड है। जिसे गंभीर मरीजों के लिए सुरक्षित रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि गाइडलाइन अनुसार 60 प्रतिशत यानी 45 बिस्तर सामान्य मरीजों के लिए है। लेकिन यहां आइसोलेशन सेंटर तैयार नहीं है इसलिए वर्तमान में मिल रहे मरीजों को भी यहां भर्ती कर रहे है। जबकि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में निर्देश दिए जा रहे है कि जल्द सेंटर तैयार करें लेकिन यह काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है। अफसरों का कहना है कि एक-दो दिन में आइसोलेशन सेंटर में नए मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
गंभीर नहीं हुए तो हालात बिगड़ सकते हैं: स्वास्थ्य विभाग स्वीकार कर रही है कि अब सामुदायिक संक्रमण शुरू हो चुका है। रोज नए केस मिल रहे हैं। जो कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में आकर संक्रमित हो रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे का कहना है कि लोगों को गंभीर होने की जरूरत है क्योंकि सामुदायिक संक्रमण का दौर शुरू हो चुका है। अगर गंभीर नहीं हुए तो हालात बिगड़ सकते हैं।

कोविड अस्पताल फुल इसलिए अब आगे यह विकल्प
1. 9 आइसोलेशन सेंटर-
जिले में पाकुरभाट सहित अलग-अलग स्थानों पर 9 आइसोलेशन सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। जिसकी कुल क्षमता एक हजार बेड है। भविष्य में पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या अधिक होने तथा कोविड हाॅस्पिटल शत प्रतिशत भर जाने पर इन आइसोलेशन सेंटर का उपयोग करना प्रस्तावित है। ऐसी नौबत अब आ चुकी है। इन सेंटर्स में डॉक्टर्स व स्टाॅफ का चिह्नांकन किए हैं।

2. घर पर ही इलाज- शासन के निर्देश पर जिले में भी बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेट कर उपचार किया जा सकता है। इसकी अनुमति कलेक्टर जनमेजय महोबे दे चुके हैं। बशर्ते घर में अलग हवादार कमरे, अलग शौचालय, किचन व हाल के अतिरिक्त न्यूनतम 3 अलग कमरा होना जरूरी है। साथ ही घर में कोई भी व्यक्ति बीमार या गर्भवती महिला न हो।

3. आईसीयू, एचडीयू बेड का उपयोग- सीएमएचओ का कहना है कि आइसोलेशन सेंटर में मरीजों को भर्ती करने में न्यूनतम एक से दो दिन लग सकते हैं। इस स्थिति में कोविड अस्पताल के ही आईसीयू और एचडीयू बेड का उपयोग करना मजबूरी रहेगा क्योंकि रोजाना नए केस मिल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन भी स्वीकार कर कह रही है कि मरीजों के साथ अन्याय नहीं कर सकते क्योंकि इसमें उसकी गलती नहीं है।

मरीजों की संख्या बढ़ रही
कोविड (जिला अस्पताल) के सिविल सर्जन डॉ. एस. देवदास ने बताया कि जो भी कोरोना मरीज मिल रहे उन्हें कोविड अस्पताल में ही भर्ती कर रहे है। मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। हमारे यहां मरीज आएंगे, उसको भर्ती करेंगे ही, आइसोलेशन सेंटर के संबंध में सीएमएचओ ही बेहतर जानकारी दे सकते हैं।

व्यवस्था की जा रही है
सीएमएचओ डॉ. बीएल रात्रे ने बताया कि कोरोना मरीजों को रखने के लिए व्यवस्था हो रही है। एक-दो दिन में पाकुरभाट में बने आइसोलेशन सेंटर में मरीजों को भर्ती कराने की तैयारी है। वहां अधिकतम 300 मरीजों को एक साथ भर्ती कर सकते हैं। फिलहाल हालात अनुसार कोविड अस्पताल में ही भर्ती कर रहे हैं।



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29 patients admitted more than capacity in Kovid Hospital, because 9 isolation centers of 1000 beds are incomplete


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