31 अगस्त तक हो सकते हैं 20 हजार संक्रमित, अभी रोज मिल रहे औसत 294 केस; सबसे ज्यादा एक्टिव केस वहीं जहां ज्यादा मूवमेंट , August 06, 2020 at 11:11AM

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। अभी औसतन 294 केस रोज आ रहे हैं। राज्य सरकार ने 10 हजार सैंपल रोज का लक्ष्य रखा है। अगर इसे किया जाता है तो 31 अगस्त तक संक्रमित मरीजों की संख्या दोगुनी यानी कि 20 हजार से ज्यादा होगी। फिलहाल अभी 6 से 7 हजार सैंपल की जांच रोजाना की जा रही है।

पहले 62 दिन में 1000 केस हुए, फिर 18 दिन ही लगे
प्रदेश में पहले एक हजार केस होने में 62 दिन का समय लगा। इसके बाद 1000 केस पहुंचने में सिर्फ 18 दिन ही लगे। प्रदेश का पहला संक्रमित केस 18 मार्च को रायपुर में आया था। जब समता कॉलोनी की एक युवती पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद 19 मई को 1000 केस हो गए। जबकि 10 हजार केस 4 अगस्त यानी कि 58 दिन में ही पहुंच गए।

वो जिले ज्यादा प्रभावित जहां बाहर से मूवमेंट
उन जिलों में ही ज्यादा मरीज आ रहे हैं, जहां लोगों का मूवमेंट ज्यादा है। यानी कि लोग प्रदेश या जिले के बाहर से आते हैं। इसी के चलते रायपुर सहित दुर्ग, बिलासपुर और बस्तर में सबसे ज्यादा एक्टिव मरीज हैं। वहीं अन्य जिलों से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा कम हुआ है। कई जिलों में तो पिछले कुछ दिनों से एक भी केस नहीं आया है।

पिछले 17 दिनों में रोज औसतन 6 हजार टेस्ट हुए। इनमें 5 हजार संक्रमित मिले। सबसे ज्यादा केस रायपुर में 3480 हैं। वहीं दुर्ग में 924, बिलासपुर में 680 और बस्तर में 254 मरीज मिले हैं। जबकि कोरबा, राजनांदगांव, कवर्धा, जांजगीर-चांपा में मरीजों की संख्या में कमी आई है। आंकड़ों की बात करें तो रायपुर में 1230, दुर्ग में 296, बिलासपुर में 96 व बस्तर में 100 एक्टिव केस हैं।

प्रदेश में संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट अच्छा
इन सबके बीच अच्छी बात यह है कि संक्रमित मरीजों का रिकवरी रेट अच्छा है। जो मरीज भर्ती हो रहे हैं, वो जल्द ही ठीक होकर घर भी लौट रहे। पहले भर्ती होने का औसत12 दिन था, लेकिन अब 3 से 5 दिन पर पहुंच गया है। वहीं स्वस्थ होने वालों का रिकवरी रेट 75.5 प्रतिशत है। दिक्कत उन्हें ही है, जो पहले से किसी बीमारी से पीड़ित हैं।



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ये तस्वीर छत्तीसगढ़ के भिलाई की है। यहां स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए सेक्टर-7 में शिविर लगाया है। इसको लेकर लंबे समय से स्थानीय लोग कह रहे थे। इसके बाद स्थानीय पार्षद के सहयोग से इसे लगवाया गया है।


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