एसपी का दावा 45 दिनों में 102 नक्सलियों ने किया सरेंडर, नक्सली बोले फर्जी हैं सारे आत्मसमर्पण , August 16, 2020 at 11:59AM

स्वतंत्रता दिवस के ठीक एक दिन बाद रविवार को एक नक्सल पर्चा वायरल हो रहा है। जिले के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों की तरफ से ही इसे जारी किया गया है। इसमें नक्सलियों ने दंतेवाड़ा पुलिस के लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान के बारे में लिखा है। पर्चे में दावा किया गया है कि इस अभियान के तहत हुए सैकड़ों सरेंडर फर्जी हैं। कुछ एंकाउंटर को भी नक्सली फर्जी बता रहे हैं। गांव वालों को डराकर, पुलिस अधिकारी पैसे कमाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।


नक्सलियों की बौखलाहट साफ है

दंतेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने मार्च के महीने में बेहद संवेदनशील गांव बड़े गुडरा जाकर इन्होंने 5 लाख के इनामी नक्सली बुधरा सोढ़ी के परिजनों से मुलाकात की और इसके बाद सरेंडर अभियान की शुरूआत की।
दंतेवाड़ा एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने मार्च के महीने में बेहद संवेदनशील गांव बड़े गुडरा जाकर इन्होंने 5 लाख के इनामी नक्सली बुधरा सोढ़ी के परिजनों से मुलाकात की और इसके बाद सरेंडर अभियान की शुरूआत की।


इसके जवाब में दंतेवाड़ा के एसपी डॉ अभिषेक पल्लव ने कहा कि बीते 45 दिनों में 102 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इनमें कई इनामी बड़े नक्सली भी शामिल हैं। कई इलाकों में नक्सलियों की पैठ खतम हो चुकी है। इस वजह से नक्सली बौखला गए हैं। फर्जी सरेंडर और एन्काउंटर पर उन्होंने प्रतिक्रिया दी कि कमजोर होते नक्सल संगठन और हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ते नक्सलियों की वजह से बौखलाहट में इस तरह के पर्चे नक्सली जारी कर रहे हैं।


यह तिरंगे की जीत है

तस्वीर ड्रोन की मदद से ली गई है। दंतेवाड़ा के मारजुम गांव के लोग यहां स्वतंत्रता दिवस मनाने जमा हुए थे। पहली गांव के लोगों ने यहां तिरंगे को सलामी दी थी।
तस्वीर ड्रोन की मदद से ली गई है। दंतेवाड़ा के मारजुम गांव के लोग यहां स्वतंत्रता दिवस मनाने जमा हुए थे। पहली गांव के लोगों ने यहां तिरंगे को सलामी दी थी।


15 अगस्त के दिन , पूरे इलाके में सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम किए गए थे। मारजुम में पहली बार मनाया गया स्वतंत्रता दिवस चर्चा में रहा। इस पर एसपी ने कहा कि यह तिरंगे की जीत है। शनिवार को पूरे इलाके में एक भी जगह ऐसी नहीं थी जहां नक्सलियों ने काला झंडा फहराया हो। सभी जगह लोगों ने आजादी का जश्न मनाया। यह बस्तर में सकारत्मक बदलाव को दिखाता है। यह तिरंगे की जीत है। आमतौर पर कई अंदरूनी गांवों में पहले स्वतंत्रता दिवस का विरोध करने नक्सली काले झंडे फहराते थे।


यह है लोन वर्राटू अभियान

तस्वीर एसपी ऑफिस में हुए हाल ही के सरेंडर की है। हिंसा छोड़ने वाले नक्सलियों को एक शपथ दिलाई जाती है, उन्हें रोजगार देने का काम भी पुलिस कर रही है।
तस्वीर एसपी ऑफिस में हुए हाल ही के सरेंडर की है। हिंसा छोड़ने वाले नक्सलियों को एक शपथ दिलाई जाती है, उन्हें रोजगार देने का काम भी पुलिस कर रही है।


अपने पर्चे में जिस लोन वर्राटू (घर वापस आइए) अभियान का जिक्र नक्सलियों ने किया दरअसल दंतेवाड़ा पुलिस के लिए वह काफी अहम अभियान हैं। इसके तहत पुलिस नक्सलियों के परिजनों से मिल रही है। गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं और रोजमर्रा की चीजें पहुंचा रही है। रोजगार के बारे में लोगों को जागरुक कर रही है। करीब 1600 नक्सलियों की लिस्ट तैयार की गई है। इनके पोस्टर गांव-गांव में लगाकर सरेंडर करने की अपील कर रही है। अब तक सरेंडर कर चुके नक्सलियों के लिए पुलिस कृषि, सरकारी नौकरी जैसे रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए हैं।



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तस्वीर दंतेवाड़ा की है। विश्व आदिवासी दिवस के दिन तीर धनुष और बंदूक जैसे हथियारों के साथ 12 नक्सलियों ने एसपी के सामने सरेंडर किया था।


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