नहरों में उग आई 5 फीट ऊंची घास खेतों के लिए नहीं मिल पाएगा पानी , August 17, 2020 at 06:01AM

किसानों को इस बार खेतों में पानी के लिए तरसना पड़ जाएगा। ऐसा अफसरों की लापरवाही की वजह से हैं क्योंकि बारिश के पूर्व नहरों की साफ-सफाई नहीं की गई। बिरकोना और बिलासपुर कोटा मार्ग की नहर खरपतवार से पटी हुई है। खारंग डिवीजन में हर साल 1 करोड़ की राशि सिर्फ नहरों की वार्षिक मरम्मत व सफाई के लिए आती है। इस डिवीजन में रतनपुर खूंटाघाट से मोपका तक की 28.8 किलोमीटर की नहर में खरपतवार पूरी तरह जम चुकी है। यही हाल बिलासपुर से कोटा मार्ग में चोरभट्ठी के पास भैंसाझार परियोजना की नहर का है।

यहां पांच फीट ऊंची खरपतवार उग चुकी है। अफसर यहां सफाई नहीं होने के पीछे नहर को फिलहाल निर्माणाधीन होना बता रहे हैं। वार्षिक मरम्मत के अलावा नहरों की सफाई जिला पंचायत के जरिए रोजगार गारंटी योजना के बजट से भी होती है। दोनों नहर की सफाई बरसात के पहले हो जानी थी लेकिन अफसरों की लापरवाही की वजह से ऐसा नहीं हो पाया। अब यदि आगे खेतों में पानी की जरूरत पड़ती है तो खरपतवार की वजह से किसानों को पानी नहीं मिल पाएगा।

बिरकोना के रामकृष्ण यादव ने बताया कि नहर को कई साल से देखते आ रहे हैं लेकिन इसकी कभी सफाई नहीं हुई। खूंटाघाट से आने वाली इस नहर में कभी पानी लबालब होता था लेकिन साफ-सफाई नहीं होने की वजह से अब यह नाला बन गई है और डिस्पोजल फेंकने के काम आती है। इसी तरह गोपाल रात्रे ने कहा कि कचरा जाम होने से बमुश्किल पानी यहां से निकल पाता है।
50 फीसदी पानी ही निकल पाएगा: विशेषज्ञ

जल संसाधन विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर एसके अवधिया के अनुसार नहर के आकार व गहराई पर निर्भर करता है कि कचरा जाम होने की स्थिति में कितना पानी रिलीज होगा। बड़ी नहर में पचास फीसदी पानी ही रिलीज हो पाता है जबकि छोटी नहर में पूरा पानी रुक जाता है। बिरकोना बड़ी नहर है, इस स्थिति में आधा पानी ही रिलीज हो पाएगा।

पानी निकल जाएगा: सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर अजय सोमवार ने पहले तो नहर में सफाई के लिए बजट नहीं होने की बात कही फिर सफाई नहीं करने वाले अफसरों का बचाव किया। यही भी कहा कि पानी की जरूरत होने पर किसान खुद कहते हैं पानी नहीं आ रहा है तब हमें सफाई करनी ही पड़ती है।

सीधी बात: आरपी शुक्ला, ईई खारंग डिवीजन, जलसंसाधन, विभाग

बरसात आधी हो गई अब सफाई के लिए टेंडर
बरसात के पूर्व क्या नहरों की साफ कराई गई थी?
- पूरी नहर की सफाई संभव नहीं है,कुछ जगहों पर हुई थी।
क्या साफ सफाई के लिए टेंडर किया गया था?
- नहीं किया गया था। अभी प्रक्रिया में है।
खूंटाघाट नहरों में खरपतवार है,वहां सफाई क्यों नहीं कराई गई?
- उस नहर में लोग कचरा फेंक देते हैं इसलिए खरपतवार हैं।
क्या ऐसा कहकर आप अपनी जिम्मेदारी से बच जाएंगे।
- हम कहां कह रहे हैं कि हम अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं।
टेंडर की प्रक्रिया बरसात पूर्व क्यों नहीं कराई गई जिससे नहरों की सफाई हो पाती?
- यह सही है वह हो नहीं पाया। अब टेंडर करा रहे हैं।



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