ईदगाह रही सूनी, घरों में नमाज पढ़ कुर्बानी दी, सावधानी बरतने वालों ने दूर से कहा- ईद मुबारक , August 02, 2020 at 06:06AM

कुर्बानी का पर्व ईद उल अजहा शनिवार को अकीदत के साथ मनाया गया। महामारी के संक्रमण को देखते हुए इस बार मुस्लिम समाज ने घर पर रहते हुए खुदा की इबादत की। कुर्बानी भी घरों में ही हुई। बंदाें ने गले मिलकर बधाई देने से भी परहेज किया। इसकी जगह एक-दूसरे को दूर से ईद मुबारक कहकर शुभकामनाएं दी। इधर, शहर की सभी ईदगाह सूने रहे। मस्जिदों में नमाज तो हुई, लेकिन इस दौरान इमाम समेत सिर्फ 5 लोग की मौजूद रहे।
दरअसल, कोविड-19 के संक्रमण ने इस बार सभी त्योहारों की मिठास फीकी कर दी है। मुस्लिमों ने रमजान भी घर के भीतर मनाया और शनिवार को भी बकरीद का जश्न भी घरों में ही मनाया गया। पहले की तरह ईदगाह जाने के बजाय लोगों ने घरों में चाश्त की नमाज अता की। कुर्बानी देने के बाद गोश्त भी गरीबों और नाते-रिश्तेदारों में बांटने की जगह पड़ोसियों में तकसीम किया गया। बता दें कि, ईद उल फितर के बाद ईद उल अजहा यानी बकरीद मुसलमानों का दूसरा सबसे बड़ा पर्व है। दोनों ही मौकों पर ईदगाह जाकर या मस्जिदों में विशेष नमाज अता की जाती है। ईद-उल फितर पर शीर खुरमा बनाने का रिवाज है, जबकि ईद-उल जुहा पर बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी दी जाती है। हालांकि, इस साल कोरोना वायरस के संकट की वजह से स्थिति अलग है। त्योहारों पर जमा होने वाली भीड़ पर पाबंदियां लगा दी है। लिहाजा, ऐहतियात के साथ प्रदेशभर में बकरीद मनाई गई।

मस्जिदाें में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अदा की गई नमाज
बकरीद के मौके पर शहर के मस्जिदों में फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ नमाज पढ़ी गई। इस दौरान मस्जिद में इमाम समेत सिर्फ 5 लोग ही मौजूद रहे। शहर ए काजी मौलाना मोहम्मद अली फारुकी ने बताया कि लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए मुस्लिम समाज ने इस बार बकरीद मनाई। नमाज के दौरान सभी ने पूरे विश्व को कोरोना महामारी से बचाने की दुआ मांगी गई।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
Eidgah is a sunny place, offering prayers in homes, sacrificing cautioners said remotely- Eid Mubarak


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Ph4DWt

0 komentar