मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा- बस्तर के रामपाल और सुकमा के रामाराम को पर्यटन सर्किट में किया शामिल , August 04, 2020 at 10:32PM

देश में भगवान राम की चर्चा है। छत्तीसगढ़ की सरकार भी राम से जुड़ी निशानियों को संवारने के मिशन पर काम कर रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यहां बनाए जा रहे भगवान राम से जुड़े पर्यटन सर्किट में बस्तर के रामपाल और सुकमा के रामराम नाम की जगहों को भी शामिल किया गया है। माना जाता है कि प्रदेश में भगवान राम ने वनवास का वक्त बिताया था। वनवास काल से संबंधित स्थानों का पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकास किया जा रहा है। शासन ने राम से संबंधित 75 स्थानों का चयन किया है। पहले चरण में इनमें से 9 स्थानों का सौंदर्यीकरण एवं विकास किया जा रहा है।

सीएम बघेल ने बस्तर की नई जगहों को लेकर कहा कि लंका कूच से पहले जिस तरह रामेश्वरम् में भगवान श्रीराम ने शिवलिंग स्थापित कर पूजा-अर्चना की थी, उसी तरह उत्तर से दक्षिण भारत में प्रवेश से पहले उन्होंने छत्तीसगढ़ के रामपाल नाम की जगह में भी शिवलिंग स्थापित कर आराधना की थी। रामपाल बस्तर जिले में स्थित है। रामपाल के बाद सुकमा जिले के रामाराम में भूदेवी की आराधना की थी। अब दोनों स्थानों को भी अपने नये पर्यटन सर्किट में शामिल किया जा रहा है। राम सर्किट तैयार करने के लिए 137 करोड़ 45 लाख रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है।



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तस्वीर बस्तर की है। यहां रामेश्वरम की तरह शिवलिंग स्थापित करके भगवान राम के पूजा करने की मान्यता है।


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