भिलाई की सिमी से इंटरव्यू में पूछा गया- आईआईटी मुंबई के कैंपस में गाय क्यों घूमती है, दिया दिलचस्प जवाब, अब बनेंगी कलेक्टर , August 05, 2020 at 05:42AM

मंगलवार को आए यूपीएससी 2019 परीक्षा के परिणामों में राज्य से मेरिट लिस्ट में जगह बनाने वालों ने दैनिक भास्कर से बात की। भिलाई की सिमी ने बताया कि, इंटरव्यू देने के लिए वो नई दिल्ली स्थित यूपीएससी के दफ्तर गईं। आईआईटी ग्रेजुएट होने की वजह से इंटरव्यू पैनल के लोगों ने सिमी से पूछा कि इसके कैंपस में गाय क्यों घूमती पाई जातीं हैं। जवाब में सिमी ने कहा कि वो बड़ी किस्मत वाली होती हैं, हमें आईआईटी पहुंचने के लिए मुश्किल एग्जाम देना पड़ता है और गाय बस यूं ही घूमते हुए आईआईटी पहुंच जाती हैं। यह जवाब सुनकर इंटरव्यू पैनलिस्ट खुद को हंसने से रोक ना सके। मंगलवार को आए रिजल्ट में सिमी ने 31वीं रैंक हासिल की है। अब इनका कलेक्टर बनना तय है।

गरीब बच्चों के देखकर लगा कि अफसर बनाना है
अपनी तैयारी को लेकर सिमी ने कहा कि पिता डीएन करण भिलाई स्टील प्लांट में फायनेंस डिपार्टमेंट के जीएम हैं और मां डीपीएस दुर्ग में टीचर। इस वजह से पढ़ाई का माहौल मिला। आईआईटी में पढ़ाई के दौरान गरीब बच्चों को पढ़ाने का काम करती थीं। यहीं से लगने लगा कि समाज के पिछड़े तबके लिए सिविल सर्विस अधिकारी बनकर काम किया जा सकता है। बीटेक पूरा होते ही तैयारी शुरू कर दी। टॉपिक्स पर फोकस रहकर तैयारी की। पैरेंट्स ने मेंटली सपोर्ट किया वो हमेशा कहते थे कि तुम कर सकती हो, मैंने पहली बार ही यूपीएससी का एग्जाम दिया था, अब सलेक्शन की वजह से बेहद खुश हूं।

इंटरनेट की तैयारी से पाई सफलता अब आईपीएस बनेंगे

तस्वीर आयुष की है। उन्होंने बताया इंटरव्यू में जाने से पहले पीपीई किट और दस्ताने दिए गए थे, इसे ही पहनकर हमने इंटरव्यू दिया।
तस्वीर आयुष की है। उन्होंने बताया इंटरव्यू में जाने से पहले पीपीई किट और दस्ताने दिए गए थे, इसे ही पहनकर हमने इंटरव्यू दिया।

रायपुर के आयुष खरे जल्द ही आईपीएस अधिकारी की वर्दी में नजर आएंगे। इनके पिता डॉ अनिल कुमार, एक सरकारी कॉलेज प्रिंसिपल हैं और मां डॉ अर्चना खरे, कामधेनू यूनिवर्सिटी में एचओडी। एयरफोर्स के लिए दी परीक्षा में कामयाबी नहीं मिली तो यूपीएससी की परीक्षा देने की सोची। साल 2018 की परीक्षा में सिर्फ ढाई नंबर से चूके। इस बार पुरानी गलतियों को सुधारा और ऑल इंडिया 267 हासिल की। इस रैंक की बदौलत उन्हें इंडियन पुलिस सर्विस में पोस्ट मिल सकती है। आयुष ने बताया कि सब्जेक्ट को आम जिंदगी से रिलेट करके पढ़ाई की।

पर्यावरण के बारे पढ़ा तो आसपास के हालत पर नजर डाली ताकि जो पढ़ रहे हैं उसको जी सकें, उसी के बारे सोचें। घर पर रहकर इंटरनेट की मदद से तैयारी की। स्वयं प्रभा पोर्टल, ई-पीजी पाठशाला के जरिए काफी मदद मिली। 4 से 5 घंटे हर रोज पढ़ाई को दिए पिछले सालों के सवालों की मजबूत प्रैक्टिस की। इंटरव्यू में एक्सपर्ट ने पूछा 99 बड़ा या 100। आयुष ने बताया कि एक्सपर्ट के साथ इस पर मैंने डिस्कशन किया यह बात कही कि परीक्षा में रैंक अगर 99 आए 100 की बजाए तो यह ज्यादा बड़ा नंबर होगा क्योंकि 100 हमें एक कदम नीचे ले जाएगा।

बचपन से ही ठान लिया था अफसर ही बनेंगे, पूरा किया सपना
तस्वीर योगेश पटेल की है, जल्द ही छत्तीसगढ़ के किसी जिले में बतौर पुलिस अधिकारी काम करते नजर आएंगे।

तस्वीर योगेश पटेल की है, जल्द ही छत्तीसगढ़ के किसी जिले में बतौर पुलिस अधिकारी काम करते नजर आएंगे।

योगेश पटेल मूलत: महासमुंद के पिथौरा के रहने वाले हैं। इनके पिता हरि कृष्ण पटेल लेक्चरर हैं। बचपन से ही घर पर पढ़ाई का पूरा माहौल मिला। उसी दौरान तय कर लिया था कि बड़ा होकर अफसर बनना है। यूपीएससी के बारे में शुरू-शुरू में पिता ने गाइड किया। इसके बाद योगेश इसे लेकर काफी फोकस हो गए। इन दिनों योगेश चंदखुरी की पुलिस ट्रेनिंग अकेडमी में हैं। पिछली कोशिश में भी इन्होंने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। इन्हें आईपीएस अफसर पर जॉब मिल चुकी है। इस बार मिली ऑल इंडिया रैंक 434 से इन्हें उम्मीद कम है कि आईएएस अफसर बनने का मौका मिले।

योगेश ने अपने अनुभव से बताया कि कि कभी नहीं होगा की बजाए कभी तो होगा सलेक्शन...वाली सोच के साथ कैंडिडेट्स को तैयारी में जुट जाना चाहिए। मैंने पढ़ाई का मटेरियल कम से कम रखा। ज्यादा चीजें पढ़ने से कंफ्यूजन होता है। दोस्तों से पढ़ाई पर डिस्कशन किए, रिविजन पर फोकस किया। पुराने सवालों की प्रैक्टिस की। इंटरव्यू में मुझ से छत्तीसगढ़ के कोयला खरीदी इसके आर्थिक पहलू और नक्सलवाद की समस्या पर पूछा गया कि कैसे नक्सलवाद पर कंट्रोल पाया जा सकता है। मैंने कहा कि इस समस्या से चारो दिशाओं में काम करना होगा। हम विकास करें, लोगों का भरोसा जीतकर और स्मार्ट पुलिसिंग के जरिए निजात पा सकते हैं। इस पर काम किया भी जा रहा है।

आप कैसे करें तैयारी

तस्वीर रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी की है। प्रदेश के चर्चित आईएएस रहे हैं और इन दिनों युवाओं को यूपीएससी की गाइडेंस देने का काम कर रहे हैं।
तस्वीर रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी की है। प्रदेश के चर्चित आईएएस रहे हैं और इन दिनों युवाओं को यूपीएससी की गाइडेंस देने का काम कर रहे हैं।

रायपुर के पूर्व कलेक्टर ओपी चौधरी ने बताया कि जो स्टूडेंट्स यूपीएससी की तैयारी के बारे में सोच रहे हैं उन्हें आज ही से इन पांच बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • लैंग्वेज पर कमांड हो, चाहे हिंदी में मीडियम से हों या अंग्रेजी के स्टूडेंट भाषा पर अच्छी पकड़ बनाना शुरू करें।
  • थॉट प्रोसेस डेवलप करें, आसपास की समाज पर असर डालने वाली घटनाओं के बारे में सोचना बात करना शुरू करें।
  • राइटिंग स्किल्स, किसी भी बड़े या छोटे मुद्दे पर लिखने की आदत डालें, इस प्रैक्टिस से ही तैयारी अच्छी होगी।
  • इंटरव्यू स्किल्स, बात करना शुरू किए, दोस्तों से नेशनल इंटरनेशनल मुद्दों पर तर्क करें, इस तरह के वीडियो देखें ।
  • राइटिंग स्पीड, यह सबसे जरूरी है कि आपको तेज लिखना आता हो, क्योंकि ज्यादातर लोगों के नंबर इसी की वजह से छूटते हैं।

इन बातों के साथ अंग्रेजी के न्यूज पेपर पढ़ें, डीडी न्यूज, राज्यसभा, लोकसभा टीवी के एनालिटिकल कार्यक्रम देखें, यूपीएससी के सारे रूल्स और सिलेबस का बुकलेट लें इसे समझें, सभी विषय के अनसॉल्व्ड पेपर लें और हर रोज प्रैक्टिस शुरू करें दें। यू- ट्यूब पर लेक्चर और टॉपर के टॉक वीडियो देखें। मंथली करंट अफेयर मैग्जीन पढ़ें, जीएस की बेसिक बुक्स को पढ़ना शुरू कर दें।



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तस्वीर दुर्ग कलेक्टर के साथ सिमी की मुलाकात के दौरान ली गई है। कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे ने कहा कि दो महीने ट्रेनिंग में जाने से पहले दुर्ग के बच्चों को यूपीएससी की तैयारी की ट्रेनिंग सिमी देंगी। साल 2015 में यह बारहवीं बोर्ड सीबीएसई की टापर भी रहीं हैं।


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