शहर ने बदला जीने का तरीका, अब आपकी बारी क्यूंकि सतर्कता ही है बचाव का उपाय , August 05, 2020 at 06:04AM

राजधानी में मार्च में पहला मरीज मिला। करीब तीन माह में मरीज कम बढ़े, इसलिए बेफिक्री रही। पर जुलाई में हुए कोरोना विस्फोट ने राजधानी-प्रदेश को झकझोर दिया है। रायपुर में ही बड़ा वर्ग कोरोना प्रोटोकॉल के मुताबिक जीवनशैली बदल चुका या बदल रहा है। क्या बदलाव और क्यों जरूरी, इस विशेष रिपोर्ट में :-

व्यक्ति के लिए


मास्क जरूरी : कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मास्क अनिवार्य है। अधिकतर लोग इसका पालन करते नजर आ रहे हैं। अगर आप मास्क पहनकर बाहर नहीं निकलते तो 100 रुपए जुर्माना है।
सेनिटाइजेशन : हर घर में सेनेटाइजर पहुंच गया। बड़ी संख्या में लोग पॉकेट व बैग में सेनेटाइजर की शीशी रख रहे हैं। सरकारी और कॉर्पोरेट दफ्तरों में घुसते ही फीवर जांचा रहा है। सेनेटाइजर भी रखे हैं।
सिंगल सवारी : शासन ने हर टूव्हीलर पर दो सवारी प्रतिबंधित कर दी है। कार में भी दो लोगों को ही इजाजत है। काफी लोग पालन कर रहे हैं, कुछ नहीं भी कर रहे हैं। 200 रुपए जुर्माने का प्रावधान भी है।
थूकना मना : संक्रमण के फैलाव के डर से सड़क या सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकतर लोग इसका पालन कर रहे हैं, कुछ नहीं भी। इस पर भी 100 रुपए जुर्माना है।
होम क्वारेंटाइन : विदेश-अन्य राज्यों से आने पर संबंधित के लिए होम क्वारेंटाइन रहने का प्रावधान है। इसका पालन कुछ लोग करने लगे हैं, क्योंकि घर के बाहर नोटिस चस्पां रखते हैं। जुर्माना भी है।

परिवार के लिए
पार्टियां रुकीं : जन्मदिन (बर्थडे), गृह प्रवेश, सगाई समेत पारिवारिक कार्यक्रम व पार्टियां बंद हो गईं। घरवालों के साथ अपने घर में सेलिब्रेशन चल रहा है। पार्टी की तो दफा 188 का केस लगाया जाएगा।
शादी सीमित : शादी समारोह में दूल्हे और दुल्हन की ओर से 25-25 यानी कुल 50 लोगों को ही इजाजत है। ज्यादातर शादियां सीमित मेहमानों में हो रही हैं। उल्लंघन पर जुर्म दर्ज करने का प्रावधान है।
अंतिम संस्कार : अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोगों को शामिल होने की अनुमति प्रशासन से मिल रही है। अधिकांश लोग इसका पालन करने लगे हैं। ज्यादा लोगों के शामिल होने पर केस दर्ज हो सकता है।
नो आउटिंग : लॉकडाइन की वजह से परिवार के साथ घूमने, पिकनिक मानने, पर्यटन स्थल घूमने व एंटरटेनमेंट के साथ शॉपिंग पर रोक है। इसका उल्लंघन करने पर भी गिरफ्तारी का प्रावधान रखा है।

समाज के लिए


सामूहिक विवाह : समाजों में सामूहिक विवाह पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। कुछ समाज जरूर वर्चुअल (ऑनलाइन) तरीके से युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन कर रहे हैं, यही संभव है।
मीटिंग, गेदरिंग : कार्यक्रम, सोसायटी-कॉलोनियों की गेदरिंग, पार्टी, किटी और मीटिंग बैन है। बहुत जरूरी हुआ तो 4-5 लोग बैठ सकते हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य, अन्यथा केस दर्ज होगा।
भंडारा-लंगर : समाज-संस्थाओं के भंडारा व लंगर पर सख्ती से प्रतिबंध लागू है। अगर लोगों को भोजन बांटना है और प्रशासन से अनुमति जरूरी है। कुछ संस्थाएं ऐसा कर रही हैं। बाकी पर रोक है।
धर्म-रीतियां : मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा व चर्च बंद हैं। ऐसा कोई भी धार्मिक आयोजन जिसमें भीड़ जुटे, प्रतिबंधित कर दिया गया है। ज्यादातर लोग घरों से ही धार्मिक संस्कार-रीतियों का पालन कर रहे हैं।
मदद : जरूरतमंदों, बेसहारा और भूखे लोगों की मदद के लिए नई परंपरा शुरू हुई है। सूखा अनाज-मसाले देना और मास्क-कपड़े पहुंचाना। इसके लिए डिस्टेंसिंग जरूरी है, सभी अनुमति भी ले रहे हैं।



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