कोरिया से सुकमा तक पग-पग में होंगे भगवान राम के दर्शन, वनवास से जुड़ी कथाएं भी , August 06, 2020 at 05:44AM

कोरिया से सुकमा तक बनने वाला राम वन गमन पथ कदम-कदम पर राम-मय होगा। सीएम भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाले 2260 किमी लंबे राम वन गमन परियोजना का कान्सेप्ट प्लान तैयार हो चुका है। छत्तीसगढ़ शासन ने जो कार्ययोजना तैयार की है, उसमें श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को राम वन गमन पथ की यात्रा के दौरान पग-पग पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे। इस मार्ग के किनारे जगह-जगह संकेतक तीर्थ स्थलों एवं पर्यटनों की जानकारी सहित भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़ी कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। वन गमन पथ के दोनों ओर विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण भी किया जा रहा है, ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के दिलों दिमाग में प्रभु श्रीराम के वनवास का अहसास बना रहे।
सीएम बघेल और मंत्रियों की उपस्थिति में पर्यटन सचिव पी. अनबलगन ने प्रेजेंटेशन दिया। 137 करोड़ 75 लाख रुपए की कुल लागत वाली इस परियोजना पर इसी महीने के अंतिम सप्ताह से काम शुरू हो जाएगा। इसकी शुरुआत रायपुर के निकट स्थित चंदखुरी से होगी। चंदखुरी भगवान राम का ननिहाल है। यहां सातवीं शताब्दी के माता कौशल्या मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण तथा विकास के लिए 15 करोड़ 45 लाख रुपए खर्च होंगे। अन्बलगन ने बताया कि छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के 75 स्थलों को चिन्हित किया गया है। प्रथम चरण में जिन 9 स्थलों का विकास किया जा रहा है, उनमें सीतामढ़ी हरचौका, रामगढ़, शिवरीनारायण, तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा सप्तऋषि आश्रम, जगदलपुर और रामाराम शामिल है। फिलहाल प्रथम चरण में 5 स्थलों के विकास एवं सौंदर्यीकरण की कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कार्यों की स्वीकृति दी जा चुकी है। राम वन गमन पथ पर पहले चरण में जिन 9 स्थानों का चयन किया गया है, उन सभी में आकर्षक लैंडस्केप तैयार किया जाएगा। इन सभी स्थानों पर पर्यटकों के लिए नागरिक सुविधाओं का विकास सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। विश्वस्तरीय अधोसंरचनाओं के निर्माण के दौरान उच्चकोटि का प्री-कास्ट और फेब्रीकेशन वर्क सुनिश्चित किया जाएगा।

सभी स्थानों पर भव्य द्वार बनाए जाएंगे, जिनके शीर्ष पर भगवान राम का धनुष और उसकी प्रत्यंचा पर रखा हुआ तीर होगा। द्वार पर जय श्रीराम के घोष के साथ राम-पताका लहरा रही होगी। तीर्थ-पर्यटनों पर स्थापित किये जाने वाले लैंपोस्ट भी प्राचीन काल की याद दिलाएंगे। इनके शीर्ष पर भी भगवान श्रीराम की आकृति होगी। एक अन्य डिजाइन में लैंपपोस्ट के शीर्ष पर भी तीर-धनुष स्थापित किया जाएगा।

शिवरीनरायण ब्रिज के ऊपर लेजर लाइट शो
चंदखुरी, शिवरीनारायण, तुरतुरिया और राजिम के लिए प्रोजेक्ट तैयार है। शिवरीनरायण ब्रिज के ऊपर लेजर लाइट शो का इंतजाम भी होगा। धमतरी में सप्तऋषि आश्रम का सौंदर्यीकरण किया जाना है। नगरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाएगा। बायोडायवर्सिटी पार्क का भी निर्माण किया जाएगा। इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि पर्यटन-तीर्थों में धार्मिक-स्थलों के आसपास सजने वाले पूजन-सामग्रियों के परंपरागत बाजार को भी व्यवस्थित कर नए तरह से डिजाइन किया जाए। इन बाजारों में आधुनिक तरीके से निर्मित, किंतु प्राचीनता की याद दिलाते स्टाल स्थापित किये जाएंगे। पार्किंग स्थलों को भी अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित किया जाएगा। मंत्री रविन्द्र चौबे मोहम्मद अकबर, टी.एस. सिंहदेव, ताम्रध्वज साहू, डॉ. शिवकुमार डहरिया, अमरजीत भगत ने कई उपयोगी सुझाव भी दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा, रूचिर गर्ग सहित अधिकारी मौजूद थे।



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हर तीर्थ स्थल के सामने भव्य प्रवेश द्वार, सामने होगी भगवान राम की विशाल मूर्ति।


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