सरकार ने जारी किया राम वन गमन पथ का लुक, इसी महिने से शुरू हो जाएगा काम, बनेगा टूरिज्म सर्किट , August 06, 2020 at 06:51AM

बुधवार को छत्तीसगढ़ की सरकार ने थ्रीडी तस्वीरें जारी की। यह उन जगहों की तस्वीरें हैं, जहां राम सर्किट डेवलप किया जा रहा है। रामायण के मुताबिक भगवान राम ने वनवास का वक्त दंडकारण्य में बिताया। छत्तीसगढ़ का बड़ा हिस्सा ही प्राचीन समय का दंडकारण्य माना जाता है। अब उन जगहों को नई सुविधाओं के साथ विकसित किया जा रहा है, जिन्हें लेकर यह दावा किया जाता है कि वनवास के वक्त भगवान यहीं रहे। बुधवार को जब पीएम मोदी अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन कर रहे थे, इसी दिन प्रदेश के राम सर्किट का एनिमेटेड रूप लोगों के बीच कांग्रेस सरकार ने जारी कर दिया। इसी महीने से इन जगहों पर काम शुरू हो जाएगा।


कदम-कदम पर होंगे दर्शन
कोरिया जिले से सुकमा तक बन रहे राम वन गमन पथ में लोगों को कदम-कदम पर भगवान श्रीराम के दर्शन होंगे। राम वन गमन पथ के कुल लम्बाई लगभग 2260 किलोमीटर है। इन रास्तों पर किनारे जगह-जगह साइन बोर्ड, श्रीराम के वनवास से जुड़ी कथाएं देखने और सुनने को मिलेंगी। इन रास्तों पर कई तरह के पेड़ लगाए जा रहे हैं। ये पेड़ वैसा ही फील कराएंगे जैसा भगवान राम के वन वास के वक्त को लेकर यादें लोगों के जेहन में हैं।


यह होगा पूरे सर्किट में

इस तरह के गेट लोगों का स्वागत करेंगे। पूरे सर्किट में इस तरह के गेट होंगे।
इस तरह के गेट लोगों का स्वागत करेंगे। पूरे सर्किट में इस तरह के गेट होंगे।


पर्यटन सचिव पी.अनबलगन ने इसे लेकर बुधवार को प्रेजेंटेशन दिया। 137 करोड़ 75 लाख रुपये की कुल लागत वाले इस प्रोजेक्ट में अगस्त महीने के अंतिम सप्ताह से काम शुरु हो जाएगा। इसकी शुरुआत रायपुर के पास चंदखुरी के माता कौशल्या मंदिर से होगी। लगभग 1400 किलोमीटर सड़कों के दोनों ओर वृक्षारोपण होगा। राम वन गमन पथ पर पहले चरण में 9 स्थानों का चयन किया गया है। सभी जगहों पर लैंड स्केपिंग प्री-कास्ट और फेब्रीकेशन वर्क, गेट पर भगवान राम का धनुष तीर होगा। राम के झंडे लगेंगे, प्राचीन लुक के लैंपोस्ट होंगे


शिविरीनरायण ब्रिज के ऊपर लेजर लाइट शो का इंतजाम भी होगा। धमतरी जिले में सप्तऋषि आश्रम का सौंदर्यीकरण किया जाना है। नगरी को पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। बायोडायवर्सिटी पार्क बनेंगे। जिन 9 जगहों को डेवलप किया जा रहा है उनमें उनमें सीतामढ़ी हरचौका (कोरिया), रामगढ़ (सरगुजा), शिवरीनारायण (जांजगीर-चांपा), तुरतुरिया (बलौदाबाजार), चंदखुरी (रायपुर), राजिम (गरियाबंद), सिहावा सप्तऋषि आश्रम (धमतरी), जगदलपुर (बस्तर) और रामाराम (सुकमा) शामिल हैं।



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सरकार के दावे के मुताबिक इस तरह की विशाल प्रतिमाएं भी लोगों को आर्कषित करेंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाजा से यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा है।


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