बाजारों में दिनभर लगा मजमा कार्रवाई के बावजूद अव्यवस्था, सब्जी, किराना और बाकी बाजारों पर टूट पड़े लोग, भूल गए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग , August 08, 2020 at 06:16AM

राजधानी में शुक्रवार को अनलाॅक का पहला दिन अफरातफरी, अव्यवस्था और कोरोना कायदों के उल्लंघन के नाम हो गया। दुकानें खुलते ही लोग गोलबाजार, मालवीय रोड, एमजी रोड, रामसागरपारा, तेलघानी नाका, गुढ़ियारी, डूमरतराई, पंडरी, टिकरापारा, आमापारा समेत शहर के लगभग सभी बाजारों पर टूट पड़े। सड़कों से दुकानों तक मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की धज्जियां उड़ीं। लोगों ने दुकानों में भीड़ लगाकर खरीदारी की, दुकानदारों ने भी मना नहीं किया।

अनलॉक का पहला दिन होने की वजह से दुकानों और बाजारों के समय को लेकर कारोबारी और पुलिस-प्रशासन की टीम भी उलझी रही। किराना दुकान तय समय के बाद भी यानी 4 बजे के बाद भी खुले रहे। मोहल्लों में किराना दुकानें शाम 7 बजे तक खुली रहीं और बाजारों में 5 बजे के बाद लोग इन दुकानों से खरीदारी करते रहे। चाय-पान दुकानों को शाम 7 बजे तक की छूट है, लेकिन पुलिस ऐसी दुकानों को शाम 4 बजे से ही बंद करने में जुटी रही। इसी तरह गोलबाजार, शास्त्री बाजार और आमापारा में दोपहर 12 बजे के बाद भी सब्जियां बिकती रहीं। आदेश के अनुसार सब्जी बाजार दोपहर 12 बजे बंद हो जाने चाहिए।

सर्वाधिक भीड़ 11 से 12 तक

बाजारों में सबसे ज्यादा भीड़ सुबह 11 से 12 बजे दिखाई दी। दरअसल प्रशासन ने सब्जी बाजारों को दोपहर 12 बजे तक की छूट दी है। इसी समय में किराना दुकानें भी खुली रहीं और बाकी दुकानें भी सुबह 11 बजे से शुरू हो गए। इस एक घंटे में सबसे ज्यादा भीड़ नजर आई। अब अफसर कह रहे हैं कि इस एक घंटे को तुरंत मैनेज करना होगा। इसके लिए सब्जी-नानवेज का समय सुबह 6 से 11 करने का विकल्प भी आया है।

धर्मस्थलों में भी जुटी भीड़

लगातार दो हफ्ते के लॉकडाउन के बाद सभी धार्मिक संस्थान भी खुल गए। यहां लोगों की भीड़ दिखाई दिए। देवालयों में दर्शन के लिए लोगों की कतार दिखाई दी। मस्जिदों में जुमे की नमाज के लिए लोग एकजुट हुए। लंबे समय के बाद चर्चों में अराधना और गुरुद्वारों में अरदास गूंजा। धार्मिक संस्थान खुलने की वजह से फूल बाजार भी चमके। प्रसाद, मिठाई, फूल और मालाओं की भी बिक्री हुई।

होटलों से दूर रहे लोग

लंबे समय से आर्थिक नुकसान झेल रहे होटल-रेस्तरां पहली बार लंबे समय के लिए खुले, लेकिन इन जगहों पर लोग नहीं दिखाई दिए। प्रशासन ने सुबह 10 से रात 9 बजे तक होटलों को खोलने की अनुमति दी है। इनका समय सबसे ज्यादा है, लेकिन सभी के यहां टेबल खाली रहे। लोग अभी भी होटलों में बैठकर खाने के बजाय ऑनलाइन डिलीवरी पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। इसके लिए रात का समय निर्धारित है।

शाम 7 के बाद सन्नाटा

अनलाॅक के पहले दिन दिनभर तो काफी व्यवस्था रही, लेकिन शाम 7 बजते ही सड़कों पर वाहन कम होने लगे, पुलिस की गाड़ियां निकलीं और लगभग सभी बाजार बंद हो गए। बड़े शो रूम और शॉपिंग मॉल इसी समय बंद हुए और साढ़े 7 बजे से ही सड़कें सूनी हो गईं।

कोरोना वारियर भी उतरे मास्क बांटे नियम बताए पर नहीं बनी व्यवस्था

अनलाॅक के पहले दिन अव्यवस्था का अंदेशा प्रशासन को भी था, इसलिए 40 संगठनों से जुड़े लोगों को कोरोना वारियर के तौर पर शहर के बाजारों और सड़कों पर उतार दिया गया। वे मास्क बांट रहे थे, लोगों को नियम और सोशल डिस्टेंसिंग भी बता रहे थे। इसके बावजूद भीड़ इतनी लगी कि प्रमुख बाजारों में कोई व्यवस्था नहीं बनाई जा सकी। यहां तक कि कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन भी इस दौरान लाव-लश्कर के साथ बाजारों में घूमते रहे। भ्रमण के बाद उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए कि खुलने-बंद होने के समय का सख्ती से पालन होगा, तभी व्यवस्था बनेगी। बाजारों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए 40 से ज्यादा स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों ने शुक्रवार को लोगों को मास्क लगाने, डिस्टेंसिंग और भीड़ से बचने के लिए जागरुक किया।



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