बुजुर्ग के परिजन बोले- मानसिक रोगी नहीं थे वो, कोरोना की रिपोर्ट भी नहीं मिली; स्वास्थ्य विभाग ने कहा- व्यवहार असमान्य, पॉजिटिव थे , August 13, 2020 at 06:11AM

छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एम्स में मंगलवार देर रात हुई 65 साल के बुजुर्ग की मौत का मामला उलझ गया है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्ग का असमान्य व्यवहार और कोरोना पॉजिटिव बताया था। साथ ही खुदकुशी की बात कही थी। वहीं परिजनों का कहना है कि वो मानसिक रोगी नहीं थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट भी अभी तक नहीं मिली है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

बुजुर्ग की बहू ने मीडिया में बयान दिया है कि उनके ससुर को सामान्य बीमारी थी। उनका शुगर बढ़ गया था। हल्की खांसी थी और पेट में गैस बन रही थी। इसलिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निजी अस्पताल से एम्स जाने के बाद उनसे किसी की बातचीत नहीं हुई थी।

दरअसल, मंगलवार देर रात करीब 1.30 बजे बुजुर्ग एम्स में जमीन पर गंभीर हालत में पड़े मिले थे। वह तीसरे फ्लोर पर स्थित वार्ड में भर्ती थे। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि बुखार व सांस लेने में तकलीफ के चलते उन्हें 7 अगस्त को भर्ती कराया गया था। अगले दिन उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनका व्यवहार असमान्य व मनोरोग चिकित्सक से परामर्श देने की बात कही गई है।

बाथरूम की बालकनी से बुजुर्ग ने लगाई छलांग
आमानाका टीआई भरत बरेठ ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन से सीसीटीवी का फुटेज मांगा गया है। बुजुर्ग के वार्ड में तीन और मरीज थे। वे रात 9 बजे भोजन करने के बाद सो गए थे। रात करीब 12.30 बजे बुजुर्ग बाथरूम गए, इसमें बालकनी भी है। उसी बालकनी से बुजुर्ग ने छलांग लगा दी। एम्स प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी है कि बुजुर्ग को नींद नहीं आती थी। वे रात में हंगामा कर रहे थे।

एम्स की ओर से बताया गया कि 8 तारीख की सुबह उन्हें मनोचिकित्सक के पास इलाज के लिए ले गए थे। उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उन्हें एक रात को बिस्तर पर बांध कर भी रखा गया था। मनोचिकित्सक उनका इलाज कर रहे थे। रात में नर्सिंग स्टाफ राउंड के लिए उठे तो वे बुजुर्ग को देखने गए थे। बुजुर्ग बिस्तर में नहीं थे। उसी समय चिल्लाने की आवाज आई। नीचे देखे तो बुजुर्ग पड़े हुए थे।

हीरापुर में बेटे के सामने बुजुर्ग का अंतिम संस्कार
बुजुर्ग का बुधवार शाम 7 बजे हीरापुरा मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। बुजुर्ग के बेटे को मुक्तिधाम बुलाया गया था। उन्होंने दूर से ही दर्शन किया। उनके सामने ही बुजुर्ग का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से बुजुर्ग का अंतिम संस्कार देखा। परिजनों को बुजुर्ग का आखिरी दर्शन तक नसीब नहीं हुआ है।

5 दिनों तक बुजुर्ग के संपर्क में नहीं थे परिजन
वहीं शाम को बुजुर्ग की बहू सामने आई। उन्होंने मीडिया में बयान दिया है कि उनके ससुर को सामान्य बीमारी थी। उनका शुगर बढ़ गया था। हल्की खांसी थी और पेट में गैस बन रही थी। इसलिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निजी अस्पताल से एम्स जाने के बाद उनसे किसी की बातचीत नहीं हुई थी। 5 दिनों तक कोई संपर्क नहीं था। उनका क्या इलाज किया जा रहा था, इसकी भी जानकारी नहीं दी।



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छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित एम्स में मंगलवार देर रात हुई 65 साल के बुजुर्ग की मौत का मामला उलझ गया है। परिजनों का कहना है कि वो मानसिक रोगी नहीं थे। उनकी कोरोना रिपोर्ट भी अभी तक नहीं मिली है।


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