आंध्र, तेलंगाना से टूटा कोंटा का संपर्क, सड़कें डूबीं, कांधे पर साथी का शव लेकर जवानों ने पार किया रास्ता , August 16, 2020 at 08:56PM

सुकमा के कई गांवों का संपर्क आस-पास के राज्यों से टूट गया है। आम तौर पर ग्रामीण जिन सड़कों के रास्ते काम और दूसरी जरुरतों को पूरा करने का सफर करते थे, वो डूब चुकी हैं। ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गोदावरी नदी पूरे उफान पर है। छह साल बाद गोदावरी नदी ने अपने तीसरे वार्निंग लेवल 53 फीट को पार कर दिया है। शाम छह बजे गोदावरी नदी का जलस्तर भद्राचलम में 55 फीट पर पहुंच गया।


सीआरपीएफ जवानों की मुश्किल
जिला अस्पताल में इलाज के दौरान एक जवान ने अंतिम सांस ली। शव को ले जाने के दौरान बारिश और सड़क डूबने की वजह से दो घंटे जवानों का वाहन फंसा रहा। स्थिति को देखते हुए सीआरपीएफ के जवानो ने कंधा देकर जवान का शव इंजरम नदी के पार पहुंचाया । सीआरपीएफ 219 बटालिया के सेकेंड कमांडेंट मोहन बिश्ट ने जवानों की मदद की। सहायक आरक्षक सोहन ठाकुर लंबे समय से बीमार चल रहे थे। जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इस बीच रविवार को अचानक उनका निधन हो गया। बाढ़ के खतरे के बीच जवान के शव को परिवार वालों तक पहुंचाया गया।


लोग छोड़ रहे गांव

लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। जो हिस्सा तस्वीर में है वहां गांव की सड़क और रास्ते थे, सब कुछ बाढ़ में डूब चुका है।
लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है। जो हिस्सा तस्वीर में है वहां गांव की सड़क और रास्ते थे, सब कुछ बाढ़ में डूब चुका है।


बाढ़ के बादल अब सुकमा जिले के कई तटीय हिस्सों में मंडरा रहे हैं। खतरे को देखते हुए यहां से लोगों निकालकर राहत शिविरों में लाने के काम में दिनभर प्रशासनिक अमला लगा रहा। चिंतुर गांव में डूबान वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया है। कोंटा में शबरी नदी का जलस्तर 14 मीटर पार करने के बाद यहां की पुरानी बस्ती के लोग घर खाली कर अपने रिश्तेदार के घरों और व राहत शिविरों में चले गए हैं। सुकमा में रविवार की शाम 6 बजे शबरी नदी का जलस्तर 8.40 मीटर रिकार्ड किया गया। झापरा गांव के पास शबरी नदी पर बने पुल के ऊपरी हिस्सों को छूकर पानी बह रहा था।


हाइवे बुरी तरह प्रभावित

तस्वीर नेशनल हाइवे की है। काफी देर तक यहां जाम के हालात रहे। जिला प्रशासन यहां मदद पहुंचाने का काम कर रहा है।
तस्वीर नेशनल हाइवे की है। काफी देर तक यहां जाम के हालात रहे। जिला प्रशासन यहां मदद पहुंचाने का काम कर रहा है।


रविवार को इंजरम नाला उफान पर होने के कारण नेशनल हाईवे 30 पर कुछ घंटे के लिए आवागमन रोक दिया गया। पानी कम होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरु हुई। इसके अलावा कोंटा के आगे आंध्र प्रदेश के चट्‌टी में नेशनल हाईवे 30 पर पानी आ जाने के कारण आवागमन ठप पड़ गया। यहां प्रशासन ने होमगार्ड व एसडीआरएफ की टीम के अलावा जिला पुलिस बल के जवानों की तैनाती की थी। बाढ़ के हालात को देखते हुए कोंटा एसडीएम हिमांचल साहू ने अन्य अफसरों के साथ पूरे इलाके का दौरा कर अफसरों को हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।



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तस्वीर सुकमा की है। बारिश की वजह से देर तक जवान का शव परिजन तक नहीं पहुंच सका। फिर पैदल ही कांधे पर ताबूत रखकर जवान नदी और मुश्किल रास्तों को पार कर पहुंचे।


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