छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराने गई गर्भवती को थाने में पीटा, पेट में मारी लात, टीआई लाइन अटैच , August 17, 2020 at 05:48AM

छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराने आई गर्भवती महिला को पचपेड़ी थाने में बंद कर पीटा गया। हवालात के भीतर उसके पेट पर लात मारी गई। वह गिड़गिड़ाती रही पर किसी को रहम नहीं आया। शिकायत के बाद एसपी ने टीआई को लाइन अटैच व हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। एएसपी ग्रामीण संजय ध्रुव व डीएसपी सुनील डेविड ने मामले की जांच की। घटना 14 अगस्त को हुई थी। पचपेड़ी थाना क्षेत्र की 27 वर्षीय महिला सात माह की गर्भवती है। वह अकेले घर पर थी। इसी दौरान मन्नू बंजारे नाम का युवक घर में घुस गया और छेड़खानी करने लगा। महिला के शोर मचाने पर वह भाग निकला। पति व देवर घर आए तो महिला ने उन्हें घटना की जानकारी दी और फिर तीनों पचपेड़ी थाने रिपोर्ट दर्ज कराने आए।

यहां पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। महिला व उसके पति के साथ वहां मौजूद पुलिस ने गाली गलाैज की। महिला का पति पुलिस की अभद्रता का मोबाइल में वीडियो बनाने लगा। देखकर पुलिस हवलदार गोपाल खांडेकर, खान सिपाही व अन्य ने महिला, उसके पति व देवर को लात-घूंसों से पीटा और वीडियो को डिलीट कर दिया। उस समय थाने में कोई महिला सिपाही नहीं थी। महिला का आरोप है कि इससे से पुलिस का मन नहीं भरा और हवालात में बंद कर दिया। यहां उसके पेट में लात मारा। वह छोड़ने का निवेदन करती रही पर रहम नहीं किया। गांव के अन्य लोग भी तब थाने में मौजूद थे। बाद में धमकी देकर छोड़ा गया।

वहां से महिला अपने पति, देवर के साथ एसपी प्रशांत अग्रवाल से मिलकर लिखित में शिकायत की। एसपी ने एसपी ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल एएसपी ग्रामीण संजय ध्रुव व डीएसपी सुनील डेविड को जांच अधिकारी बनाकर पचपेड़ी भेजा। जांच के दौरान महिला का आरोप सही निकला। प्रतिवेदन मिलते ही एसपी ने टीआई एमडी अनंत को लाइन अटैच कर दिया है। वहीं हेड कांस्टेबल गोपाल खांडेकर को निलंबित किया गया है। सिटी कोतवाली थाने में पदस्थ सुनील तिर्की को वहां का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
शिकायत के बाद एफआईआर आरोपी भी गिरफ्तार
महिला के एसपी से शिकायत के बाद मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी मन्नू बंजारे को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
बड़े अधिकारियों के मोबाइल बंद
इस मामले में जब पुलिस का पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो बड़े अधिकारियों ने पहले तो मोबाइल रिसीव नहीं किया बाद में बंद कर दिया।



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