आवेश बोले- मैं अंखी दास को जानता भी नहीं; अमेरिकी अखबार में छपी खबर पर पोस्ट से हुआ हंगामा , August 18, 2020 at 06:26PM

फेसबुक के भाजपा से कनेक्शन के आरोपों को लेकर शुरु हुआ विवाद अब छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंच गया है। अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी खबर के बाद रायपुर के पत्रकार आवेश तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने सरकार के खिलाफ बोलने वालों को प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर आवेश तिवारी ने दैनिक भास्कर से बात की।

नियमों की अनदेखी कर रहा है फेसबुक
फेसबुक पर दो दिन पहले 16 अगस्त को आवेश तिवारी ने 8 बिंदुओं के साथ एक पोस्ट किया। इसमें फेसबुक पर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने लिखा, 'हेट स्पीच के जिन नियमों के तहत पिछले कुछ सालों से फेसबुक सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों को प्रतिबंधित कर रहा है और कट्टर हिंदूवादी विचारों की अनदेखी कर रहा है उसके लिए आंखी दास जिम्मेदार हैं।'

पोस्ट के बाद मुझे लगातार धमकियां मिल रही थीं
आवेश तिवारी ने बताया कि उन्हें फेसबुक पर की गई पोस्ट के बाद से लगातार धमकियां मिल रही हैं। वॉट्सऐप पर धमकी भरे कॉल आ रहे थे। उन्होंने कहा, 'वे अंखी दास को जानते तक नहीं हैं। न ही मैंने कभी उनका फेसबुक प्रोफाइल देखा है और न ही कभी उनसे बात हुई है। मुझे एक दोस्त से पता चला कि मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अगर मेरी पोस्ट गलत थी, तो फेसबुक उसे हटा देता।

हेट स्पीच नहीं हटाने को लेकर अंखी दास डाल रही थीं दबाव
फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर अंखी दास ने दिल्ली में आवेश पर एफआईआर दर्ज करवाई है। इसके बाद आवेश ने भी रायपुर के कबीर नगर थाने में रिपोर्ट दी है। इसमें आरोप लगाया है कि फेसबुक के राजनीतिक हित के लिए अंखी दास ने हेट स्पीच से जुड़ी पोस्ट नहीं हटाने के लिए अपने अधिनस्थों पर दबाव डाला। एफआईआर में मुंगेली के राम साहू और इंदौर के विवेक सिन्हा का भी नाम है।



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अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल में छपी खबर के बाद रायपुर के पत्रकार आवेश तिवारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट की थी। इसमें उन्होंने सरकार के खिलाफ बोलने वालों को प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है।


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