महिला आरक्षक बोली- बेटा कमजोर, सास को लकवा, पति बिलासपुर में; डीजीपी ने कहा- सामान पैक करो, ट्रांसफर आदेश तुरंत भेज रहे हैं , August 20, 2020 at 05:56AM

सर, मेरा बेटा जन्म से ही कमजोर है। सास को लकवा है, बिस्तर से उठ भी नहीं पाती। पति संकरी बटालियन में पदस्थ हैं। इस कारण ड्यूटी करने में परेशानी हो रही है। यह कहकर बलरामपुर में पदस्थ महिला आरक्षक हेमलता साहू रो पड़ी। डीजीपी डीएम अवस्थी ने यह सुनकर पहले तो हेमलता को ढांढस बंधाया, फिर कहा कि वे बिलासपुर आने के लिए सामान पैक करें, हम आदेश भेज रहे हैं।

थोड़ी ही देर में बलरामपुर एसपी के साथ हेमलता के मोबाइल पर ट्रांसफर आदेश वॉट्सऐप कर दिया गया। दरअसल, सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद डीजीपी अवस्थी ने बुधवार से वीडियो कॉल के जरिए पुलिसकर्मियों व उनके परिजन की समस्याएं व शिकायत सुनने की पहल की है। 15 अगस्त से मोबाइल नंबर 9479194990 पर वॉट्सऐप के जरिए समस्याएं व शिकायतें मंगाई गई थीं।

200 से ज्यादा लोगों के आवेदन आए थे, जिनमें पहले दिन 20 लोगों से बात हो पाई। इस दौरान वीडियो कॉल पर डीजीपी से बात करते हुए पुलिसकर्मियों व उनके परिजन की आंखें छलक आईं। कई पुलिसवालों की समस्या ऐसी थी कि वहां मौजूद स्टाफ की आंखें भर आईं।

इस दौरान बस्तर के पखनार कैंप में पदस्थ आरक्षक अखिलेश यादव ने डीजीपी को बताया कि उनका घर राजनांदगांव में है। कुछ समय पहले उनके बच्चे का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद से उनकी पत्नी लगातार अवसाद में है। डीजीपी ने पूछा कि क्या वे राजनांदगांव ट्रांसफर चाहते हैं।

अखिलेश ने कहा कि वे ट्रांसफर नहीं चाहते, बस कुछ समय के लिए राजनांदगांव अटैच कर दिया जाए। डीजीपी ने कमांडेंट सरजू राम सलाम को फोन किया और कहा कि वे अगस्त 2023 तक के लिए राजनांदगांव अटैच कर दें। डीजीपी का आदेश था कि कमांडेंट ने तत्काल आदेश किया।

तत्काल अनुकंपा नियुक्ति आदेश
दुर्ग की शुभांगनी सेंगर के पिता सुरेश सिंह सेंगर हवलदार थे। उनका मार्च में देहांत हो गया है। शुभांगिनी ने आरक्षक 'अ' वर्ग में नियुक्ति देने की मांग की। साथ ही, दुर्ग के आसपास किसी जिले में नियुक्ति देने का आग्रह किया, जिससे अपनी मां का ख्याल रख सके। डीजीपी ने तत्काल बालोद में अनुकंपा नियुक्ति का आदेश जारी किया।

दंतेवाड़ा के पोटाली कैम्प में पदस्थ सीएएफ के एक जवान केशव कुमार ने डीजीपी को बताया कि उनकी दोनों किडनी खराब है। गठियावात और मोतियाबिंद की शिकायत है। उनका परिवार दुर्ग में रहता है। घर से दूर रहने के कारण स्वास्थ्य खराब हो रहा है। डीजीपी ने केशव को दुर्ग पुलिस लाइन पदस्थ किया है।

20 साल बाद जशपुर से बिलासपुर तबादला
जशपुर में पदस्थ ओसंत सब इंस्पेक्टर ओसंत कुमार चंद्रा की पत्नी उर्मिला ने बिलासपुर ट्रांसफर का आग्रह किया। उर्मिला ने बताया कि उन्हें अपने बेटे का ग्यारहवीं में एडमिशन कराना है। 20 साल बाद चंद्रा का बिलासपुर ट्रांसफर कर दिया गया। बिलासपुर में पदस्थ एएसआई रूपा ठाकुर ने बताया कि उनका तीन बार मिस्कैरिज हो चुका है। उनके पति व छोटी बेटी रायगढ़ में हैं।

रूपा की परेशानी को देखते हुए रायगढ़ ट्रांसफर कर दिया। एएसआई रेडियो चुमेश कुमार साहू की पत्नी राजिम नगर पंचायत में इंजीनियर हैं। अकेले बेटी की देखभाल में दिक्कत होती है। साहू का रायपुर ट्रांसफर करने के लिए आदेश जारी किया गया है।



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200 से ज्यादा लोगों के आवेदन आए थे, जिनमें पहले दिन 20 लोगों से बात हो पाई। इस दौरान वीडियो कॉल पर डीजीपी से बात करते हुए पुलिसकर्मियों व उनके परिजन की आंखें छलक आईं।


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