मनियारी, रहन, घोंघा, छोटी नर्मदा, गोकने नाला उफान पर, कई मकान टूटे, सैकड़ों एकड़ में धान की फसल डूबी , August 20, 2020 at 06:03AM

तखतपुर से सुनील शर्मा । भारी बारिश की वजह से जिले के मनियारी नदी के साथ ही रहन, घोंघा, छोटी नर्मदा और गोकने नाला तीन दिनों से उफान पर है। इसकी वजह से एक ओर जहां कई घर टूट गए वहीं सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल डूब गई। किसान हताश व निराश होने लगे हैं। राजीव गांधी जलाशय के वेस्ट वियर का पानी आने की वजह से मनियारी का जलस्तर तेजी से बढ़ा था जो अब कुछ कम हुआ है लेकिन इस पानी ने किसानों के खेतों में तबाही मचा दी है। जानकारों का कहना है कि यदि पानी समय पर नहीं निकला तो धान के पौधे सड़ जाएंगे।
जिले में अब तक 848 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है जो कि पिछले वर्षों की तुलना में अधिक है। यही वजह है कि नदी-नाले उफान पर हैं। जिले में सबसे ज्यादा प्रभावित तखतपुर क्षेत्र है। वहां अधिकांश जगह पानी पुल से ऊपर बह रहा है। ऐसे में जहां गांव टापू में तब्दील हो चुके हैं, वहीं हर तरह से ग्रामीणों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। भास्कर रिपोर्टर ने राजपुर, केकती, पेंड्री, दैजा, उमरिया, हरदी, बेलपान, विजयपुर, सिंघनपुरी,नेवसा जाकर वहां के हालात का जायजा लिया। भारी बारिश की वजह से नदी नालों का पानी खेतों में बह रहा है। कहीं-कहीं फसल पूरी डूब चुकी है तो कहीं-कहीं आधी। कहीं तालाब लबालब हो चुके हैं और उसका पानी खेत में आ रहा है। तो कहीं सड़क के ऊपर से पानी बह रहा है। खम्हरिया से भीतर गांवों में जाने के साथ ही खेतों की खराब हालत देखी जा सकती है। उमरिया में कई खेत पानी डूब चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि संतोष कौशिक सहित कई के खेतों में दो दिनों से पानी भरा है। कहीं-कहीं पानी बह रहा है तो कहीं जमा हो गया है। ऐसी ही हालत बेलपान की भी है। वहां के प्रसिद्ध नर्मदा कुंड ही नहीं खेतों में भी पानी भर गया है। इसी गांव के सीताराम ने बताया कि तीन दिनों से छोटी नर्मदा का पानी खेतों में भरा है। फसल को नुकसान होना तय है। विजयपुर और उससे लगे गांवों में भी बारिश के पानी की वजह से खेत लबालब है। सिंघनपुरी के सरपंच राहुल शुक्ला ने बताया कि सिंघनपुरी और उसके आश्रित ग्राम नेवसा में कई एकड़ खेत पानी में डूब गए हैं।

भथरी में सब्जियों की खेती डूब गई
तखतपुर से लगे ग्राम भथरी में सर्वाधिक किसान सब्जियों का उत्पादन करते हैं। जनकपुर से भथरी को जोड़ने वाले पुल पर ऊपर से पानी बह रहा है। तेज बहाव से पुल के पहले करीब दस फीट सड़क बह गई है। वहीं नदी किनारे उगाई गई सब्जियों की खेती डूब चुकी है। वहीं किनारे में बसे लोगों को रेस्क्यू कर जनकपुर में सरस्वती शिशु मंदिर में रखा गया है।

मुंगेली, पथरिया से टूट चुका है तखतपुर का संपर्क

तखतपुर में मनियारी नदी पर बने पुल से पानी उतरने के बाद भी रास्ता अवरुद्ध है। पिछले 3 दिनों से बंद रास्ता के पानी उतरने के बाद खुलने की उम्मीद थी लेकिन पुल के ऊपर का हिस्सा गायब होने की वजह से मार्ग फिलहाल बंद है। पानी अभी भी पुल के ऊपर से बह रहा है जिससे पुल का काफी हिस्सा गायब नजर आ रहा है। नेशनल हाइवे के इस पुल के संबंध में ईई व्हाई के सोनकर ने बताया कि पानी पूरी तरह से नहीं उतरने के कारण फिलहाल यह बता पाना मुश्किल है कि पुल बहा है या पुल के ऊपरी हिस्से पर डामर की कोटिंग बही है। कल मैं मौके का निरीक्षण करने जा रहा हूं वहां जाने पर ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वर्ष 2008 -09 में या लोक निर्माण विभाग संभाग क्रमांक एक में आता था। उस दौरान मुंगेली तक रानी कंस्ट्रक्शन ने सड़क चौड़ीकरण का काम किया था तब पुल की ऊंचाई बढ़ाने का स्टीमेट बनाया गया था लेकिन यह प्रपोजल फिर आगे नहीं बढ़ पाया।

चितावर में 300 एकड़ फसल डूब गई
चितावर और उसके आश्रित ग्राम में नदी के पानी से जहां कई घर टूट चुके हैं, वहीं किसानों को काफी नुकसान हुआ है। सरपंच सुखदेव सिंगरौल के मुताबिक कुछ किसानों के घर में बोरों में रखे धान खराब हुए तो करीब 300 एकड़ खेत पानी में तीन दिन से डूबे हैं। किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं। नेताओं ने आश्वासन दिया है।



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ग्राम सिंघनपुरी में घरों में पानी घुस जाने से परेशान ग्रामीण।


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