स्काईवाक नहीं टूटेगा, बदलेगा केवल डिजाइन, कहीं भी तोड़फोड़ किए बिना उपयोगिता और बढ़ाएंगे , August 21, 2020 at 05:29AM

राजधानी के सबसे विवादित निर्माण स्काईवाक को तोड़ने के बजाय डिजाइन बदलकर बनाने का फैसला हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता वाली 22 सदस्यीय सामान्य सुझाव समिति ने गुरुवार को यह फैसला लिया है। बैठक में जनप्रतिनिधियों के साथ पीडब्ल्यूडी के अफसर और विशेषज्ञ भी थे। समिति ने कहा कि स्काईवॉक में करीब 45 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इसे पूरा करने में केवल 31 करोड़ रुपए और खर्च करने होंगे। समिति ने इसके डिजाइन में बदलाव का फैसला भी किया है, ताकि लागत कम हो सके। अब यह प्रस्ताव सीएस की 25 सदस्यीय तकनीकी कमेटी के पास फाइनल होगा। वहीं स्काईवॉक के डिजाइन पर भी मुहर लगेगी।
स्काईवाॅक की पुरानी योजना के अनुसार शास्त्री चौक पर एक बड़ी रोटेटरी बनानी थी, जिसमें सारी सड़कें आकर जुड़तीं। पुराने डिजाइन के अनुसार अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट भी लगनी है। लेकिन पता चला है कि अब इसी रोटेटरी के डिजाइन में ही बदलाव किया जा सकता है। यही नहीं, इसे आकर्षक बनाने के लिए भी कुछ सुधार किए जाने हैं। सामान्य सुझाव समिति की बैठक में स्काईवॉक निर्माण के लिए दो प्रस्तावों पर सहमति बनी है। पहला प्रस्ताव एक रोटेटरी के साथ बनाने से जुड़ा है। दूसरे प्रस्ताव में रोटेटरी नहीं होगी। हालांकि दोनों ही प्रस्तावों का तकनीकी कमेटी निरीक्षण करेगी। गुरुवार को सामान्य सुझाव समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों में कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय, एजाज ढेबर, किरणमयी नायक और प्रमोद दुबे, रायपुर कलेक्टर डा. एस भारतीदासन और एसएसपी अजय यादव के अलावा पीडब्ल्यूडी के ईएनसी विजय भतपहरी, सीई एसके कोरी, ईई शिरीष पड़ेगावकर समेत कई अफसर और शहर के आर्किटेक्ट वगैरह मौजूद थे।

सामान्य सुझाव समिति का फैसला, इस पर सीएस की कमेटी लगाएगी मुहर, आकर्षक बनाने पर अब खर्च होंगे 31 करोड़
दोबारा निर्माण बड़ी मुसीबत

स्काईवॉक का लगभग डेढ़ साल बाद दोबारा निर्माण शुरू करना भी बड़ी मुसीबत है। सूत्रों के अनुसार डिजाइन और प्रक्रिया फाइनल होने के बाद पुराने एजेंसी को ही बुलाया जाएगा। अगर वह नहीं अाई तो दोबारा टेंडर करना होगा। वजह यह है कि नियम के मुताबिक जब कोई निर्माण कार्य छह महीने से अधिक समय तक ठप रहता है तो ठेकेदार उस प्रोजेक्ट से हाथ खींच सकता है। इसे लखनऊ की कंपनी जीएस एक्सप्रेस बना रही थी। शहर में उसके दो और प्रोजेक्ट अधूरे हैं। लालपुर का फ्लाईओवर और फाफाडीह रेलवे क्रॉसिंग पर अंडरब्रिज बनाने काम भी ढाई साल से ठप है।

यूटिलिटी बढ़ाने पर और देंगे जोर
स्काईवॉक के अलग-अलग छोर को लोगों के लिए सुविधाजनक बनाने की कवायद होगी। डीकेएस से अंबेडकर अस्पताल को विशेष तौर से जोड़ा जाएगा, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सुविधा मिल सके। इसी तरह मल्टीस्टोरी पार्किंग और शहीद स्मारक भवन के साथ ही तहसील कार्यालय और कलेक्ट्रेट को भी आपस में जोड़कर स्काईवॉक को बेहतर यूटिलिटी के अनुसार बनाया जाएगा।

विधायक बृजमोहन ने किया तंज
इधर पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने इस फैसले पर तंज किया है। उन्होंने कहा कि स्काई वॉक को पूरा करना था, फिर डेढ़ साल से बंद कर क्यों रखा था। इस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वे निर्माण पूरा करने के फैसले का स्वागत करते हैं। साथ ही, आग्रह करते हैं कि 6 महीने में काम पूरा कर लोगों की सुविधा के लिए खोल दिया जाए। उन्होंने स्काई वॉक में पैदल चलने के साथ अल्टरनेट के उपयोग पर विचार करने पर भी जोर दिया है। सरकार हर निर्णय में देरी करती है। रायपुर शहर को दो साल से स्काई वॉक के निर्माण का इंतजार था। इसका निर्णय आज हुआ है।



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