वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट, गार्बेज कैफे से प्लास्टिक कचरे का निपटान व स्वच्छता दीदियों की रंग लाई मेहनत , August 21, 2020 at 06:46AM

एक लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर स्वच्छता में नंबर वन आया है। अंबिकापुर इस कैटेगरी वाले शहरों में स्वच्छता में चाैथी बार नंबर बना है। अंबिकापुर को यह मुकाम दिलाने में कचरे को महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के अलावा वेस्ट वाटर का ट्रीटमेंट कर उपयोग में लाना अहम रहा। वहीं प्लास्टिक के कचरे को सड़कों पर आने से रोकने शुरू गार्बेज कैफे का भी इसमें बड़ा रोल रहा है। स्वच्छता में अंबिकापुर में ये दोनों नए प्रयोग हुए हैं। वहीं शहर में करीब 30 हजार घरों तक 470 स्वच्छता दीदियाें ने कोरोना के कारण जब लोग घरों में बंद थे। तब भी शहर को साफ-सुथरा करने में डटीं रहीं। स्वच्छता दीदियों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में अंबिकापुर देश में नंबर वन बना है। बता दें कि जनवरी में देश के 42 सौ शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ था। इस बार एक लाख से 10 लाख तक और 10 लाख से ऊपर वाले दो कैटेगरी में शहरों की ग्रेडिंग हुई है। इतनी आबादी वाले शहरों में सर्वेक्षण में 432 शहर हैं। अंबिकापुर को सर्वेक्षण में 6 हजार में से 5 हजार 428 नंबर मिले हैं।

स्वच्छता में इस तरह आगे बढ़ते गया अंबिकापुर

  • 2017 में दो लाख की जनसंख्या में देश में प्रथम और पूरे देश में 15वें स्थान पर था।
  • 2018 में दो लाख की जनसंख्या में देश में प्रथम, बेस्ट प्रैक्टिस व इनोवेशन में देश में अव्वल और पूरे देश में 11वें स्थान पर था।
  • 2019 में दो लाख की जनसंख्या में प्रदेश में प्रथम और पूरे देश में दूसरे स्थान पर था और 5 स्टार रेटिंग से पुरस्कृत किया गया था।
  • 2020 हैट्रिक करते हुए अंबिकापुर अपनी श्रेणी में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। एक से 10 लाख की जनसंख्या के शहरो में अंबिकापुर अव्वल रहा है।

3 हजार घरों में लोग बना रहे हैं कचरे से खाद
नगर के 3000 से ज्यादा परिवारों द्वारा होम कम्पोस्टिंग के माध्यम से गीले कचरे की घरों में खाद बनाई जा रही है। निगम इस अभियान के जरिए खाद की विक्रय कर आय बढ़ाने के साथ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।

इस मुकाम तक पहुंचने कैसे, कहां और क्या-क्या किया जा रहा है

मेयर डॉ. तिर्की और कलेक्टर ने लिया अवार्ड
गुरुवार को केंद्रीय शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजे घोषित किए। जिसमें अंबिकापुर नगर निगम को पुरस्कृत किया। महापौर डॉ. अजय तिर्की कलेक्टर संजीव झा आयुक्त हरेश मंडावी, सुनील सिंह आदि ने पुरस्कार ग्रहण किया।

नंबर वन का खिताब दिलाने में ये रहे कारगर
स्वच्छता में अंबिकापुर ने कई नवाचार किए गए। प्लास्टिक से दाना तैयार कर सड़क निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। वहीं सीमेंट प्लांट के लिए आरडीएफ, दीदी बर्तन बैंक, नेकी की दीवार का संचालन किया जा रहा है।

3 हजार घरों में लोग बना रहे हैं कचरे से खाद
नगर के 3000 से ज्यादा परिवारों द्वारा होम कम्पोस्टिंग के माध्यम से गीले कचरे की घरों में खाद बनाई जा रही है। निगम इस अभियान के जरिए खाद की विक्रय कर आय बढ़ाने के साथ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।

स्वच्छता श्रृंगार योजना के तहत दीदियों को रोजगार
36 सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालयों का सौंदर्यीकरण कर व्यवस्था की गई है। स्वच्छता श्रृंगार योजना के माध्यम से समूह की दीदियों को रोजगार के साथ शौचालय संचालन की व्यवस्था सौंपी गई है। नगर से निकलने वाले मल प्रबंधन के लिए एफएसटीपी प्लांट की स्थापना की गई।

18 एसएलआरएम सेंटरों में 470 स्वच्छता दीदियां जुड़ीं
48 वार्डों से डोर टू डोर कलेक्शन कर रोज 51 मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस किया जा रहा है। इससे हर महीने 5 से 6 लाख और यूजर चार्ज से 15 लाख समेत 20 से 21 लाख हर महीने आय हो रही है। इस राशि से अभियान में लगी महिलाओं को मानदेय दिया जा रहा है। इस अभियान से स्वच्छता में निगम पर बोझ कम हुआ है।

अंबिकापुर के लिए गर्व की बात: मंत्री सिंहदेव
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने स्वच्छता में अंबिकापुर के नंबर वन आने कहा कि शहर के लिए यह गर्व की बात है। अभियान में लगी महिलाएं, निगम के अधिकारी व जनप्रतिनिधि सभी के सहयोग से यह उपलब्धि मिली है।

स्वच्छता में आगे और बेहतर करेंगे: मेयर
मेयर डाॅ. अजय तिर्की ने कहा कि शहर के लिए यह दिन खुशी का है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व शहर के लोगों के हम सब आभारी हैं, जिन्होंने हर कदम पर साथ दिया है।



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Wastewater disposal, garbage cafe disposal of plastic waste and cleanliness brought color to the Didis


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