राजस्थान का भरतपुर बन रहा जामताड़ा जहां नकली फौजी बनकर कर रहे ठगी, एक-दूसरे से ट्रेनिंग लेकर लोगों को बना रहे शिकार , September 01, 2020 at 06:27AM

खरीदी-बिक्री की साइट में मोपेड बेचने का झांसा देकर गुढियारी के मनोज जंघेल से रविवार को 45 हजार की ऑनलाइन ठगी कर हो गई। मोपेड बेचने वाले ने खुद को फौजी बताया और फर्जी आईडी वाट्सएप पर भेज दिया। ठग ने झांसे में लेने के लिए 3 साल पुरानी मोपेड को 15 हजार में बेचने की बात कही। इस तरह की ठगी रायपुर या छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में चल रही है। झारखंड के जामताड़ा के तर्ज पर इस तरह की ठगी राजस्थान के भरतपुर और हरियाणा के मेवात से की जा रही है। रायपुर पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद दो टीम राजस्थान और हरियाणा के इन जिलों के लिए रवाना कर दी है। यहां से पहले भी फौजी बनकर ठगी करने वालों को पुलिस पकड़कर ला चुकी है।
एक फौजी से शुरू हुई ठगी : क्राइम ब्रांच प्रभारी अभिषेक महेश्वरी ने बताया कि भरतपुर और मेवात के लोग एक-दूसरे से ट्रेनिंग लेकर ठगी कर रहे हैं। गांव के गांव इस तरह की वारदात कर रहे हैं। इंटरनेट से फौजियों की फोटो निकालकर फर्जी आईडी बनाते हैं। उसी को हर किसी को भेजते हैं। खरीदी-बिक्री की साइट को उन्होंने ठगी का प्लेटफार्म बना रखा है। उन्होंने बताया कि भरतपुर में एक रिटायर फौजी थे, जिसने पहली घटना की थी। उसके बाद से लोगों ने फौजियों के नाम का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है।

बहुत सस्ते में गाड़ी बेचने का देते हैं झांसा
गुढ़ियारी पुलिस ने बताया कि मनोज ने ओएलएक्स पर मोपेड देखी, जिसकी कीमत 15 हजार रखा गया था। मनोज भी 2017 मॉडल की मोपेड सस्ते में लेने के झांसे में आ गया। उन्होंने दिए नंबर पर कॉल कर सौदा किया। मनोज से पहले सिक्योरिटी मनी के तौर पर 3100 जमा करने को कहा। उसके बाद ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के तौर पर 5100 मांगा। उसने कहा कि मोपेड पार्सल से पहुंचाई जाएगी। मोपेड 10 अगस्त को मिल जाएगी। ठग ने फिर फोन किया और कि बाकी पैसा ऑनलाइन जमा करने को कहा। उन्होंने 6800 खाते में जमा कर दिया। ठग ने फिर कॉल किया और कहा कि उन्होंने पैसा जमा करने में देरी कर दी है। इसलिए मोपेड की डिलवरी नहीं हो पाएगी। उन्हें अगर मोपेड लेना होगा तो 5100 अतिरिक्त चार्ज देना होगा। वे बाद में उसे लौटा देंगे। मनोज ने झांसे में आकर फिर पैसा जमा कर दिया। फिर ठग ने कॉल किया कि गाड़ी की डिलवरी के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और अपने एटीएम के आगे-पीछे की फोटो खींचकर भेंजे। गाड़ी उनके नाम पर ट्रांसफर हो जाएगी। मनोज ने ठग की बातों में आकर एटीएम का भी फोटो भेज दिया।
इसके बाद ओटीपी जनरेट करके ठग ने खाते से 45 हजार निकाल लिया। जब मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का मैसेज आया तो ठगी पता चला। उन्होंने तुरंत एटीएम ब्लॉक कराया। उसके बाद पुलिस में शिकायत की। गुढ़ियारी पुलिस ने जांच के बाद रविवार को ठगी का केस दर्ज किया है। सोमवार को बैंक जाकर ट्रांजेक्शन की जानकारी निकाली जाएगी। मोबाइल नंबर का कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों खाता नंबर दूसरे राज्य का है।



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प्रतीकात्मक फोटो।


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