जिन कोरोना योद्धाओं की जान गई उनके परिजनों को कोई लाभ नहीं, प्रदेश में सिर्फ 1 क्लेम स्वीकृत, हर 3 महीने में नियम बदला , September 28, 2020 at 06:33AM

अनुराग शर्मा | फ्रंटलाइन पर कोरोना से जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं के प्रति सिस्टम जिम्मेदार नहीं है। 23 मार्च से 27 सितंबर के बीच जिले में 5 कोरोना वॉरियर की मौत हुई है, लेकिन किसी एक को भी अब तक 50 लाख का बीमा लाभ नहीं मिल पाया है। इन वॉरियर में 3 हेल्थ वर्कर, 2 पुलिसकर्मी (एसआई और प्रधान आरक्षक) शामिल हैं। एक की फाइल जैसे-तैसे भेजी थी, जो रिजेक्ट कर दी गई है।

किस विभाग के किस वॉरियर की कब मौत
17 मई - दयाराम साहू, एलटी, सीएचसी झींठ, पाटन।
स्टेटस:- फाइल जमा की थी अब कुछ पता नहीं।
25 जुलाई - भरत लाल, वार्ड ब्वाय, जिला अस्पताल।
स्टेटस:- कोई बताया नहीं।
25 अगस्त - विजय यादव, ड्रेसर, पीएचसी, नगपुरा।
स्टेटस:- दो बार सीएमएचओ ऑफिस गया था। बताए नहीं।
16 सितंबर - फूलचंद भूआर्य, प्र. आरक्षक भट्ठी थाना।
स्टेटस:- बीमा के बारे में बारे में सुना था। कैसे मिलेगा।
16 सितंबर - इंदू साहू, एसआई, एससी/एसटी थाना।
स्टेटस:- जानकारी मांग रहे।

पहला नियम मार्च से मई: हेल्थ वर्कर से लेकर पुलिस, शिक्षाकर्मी को शामिल किया
तब नियम था:
कोरोना रोकथाम में लगे सभी हेल्थ वर्कर, निकाय के कर्मी, पुलिसकर्मी, शिक्षाकर्मी, वॉलेंटियर, निजी कोविड अस्पताल के वर्करों को शामिल किया गया।
जबकि: केंद्र सरकार द्वारा संचालित बीमा योजना के अलावा, कोरोना वॉरियर के लिए प्रदेश सरकार ने अब तक कोई बीमा कवर नहीं दिया है। प्रशासन को भी इसकी खबर नहीं।

दूसरा नियम जून से अगस्त: सूची से पुलिस और शिक्षकों को हटा दिया गया
तब नियम था:
पुलिस, शिक्षा, निगम सहित अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मियों को पात्र नहीं माने। स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मचारी, आशाएं, मितानिन, कोरोना को चिन्हित किया।
जबकि: निगम, पुलिस, शिक्षा सहित कई अन्य विभागों के कर्मियों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में कोरोना रोकथाम में लगे हैं। इन्हें बीमा योजना के भरोसे छोड़ दी गई है।

तीसरा नियम सितंबर से: देश में 187 को ही बीमा लाभ देने आदेश जारी कर दिया
तब नियम था:
नियम-2 में दर्शाई पात्रों में कोई बदलाव नहीं किया गया, लेकिन 15 सितंबर को नई शर्त रखते हुए बताया कि पूरे देश में मात्र 187 वॉरियर का बीमा कराया जाएगा।
जबकि: स्पष्ट है कि देश भर में 187 क्लेम होने के बाद पीएमजीकेवाई द्वारा संचालित यह बीमा योजना स्वत: खत्म हो जाएगी। इसमें छग से सिर्फ 1 को शामिल किया है।

विडंबना तो देखिए: प्रदेश में कई कोरोना योद्धाओं की मौत लेकिन सरकारी आंकड़े सिर्फ 7 के
पीएमजीकेवाई बीमा योजना के प्रदेश नोडल डॉ. श्रीकांत बताते हैं कि उनके पास पूरे प्रदेश से मात्र 7 वॉरियर के डेथ की रिपोर्ट आई है। इसमें से एक यानी कि डॉ. रमेश ठाकुर के आश्रितों को लाभ दिला दिए हैं। चार आवेदकों की फाइल अग्रेषित की गई है। पात्रता नहीं होने से दो के आवेदन निरस्त कर दिए गए है।

परिवार में हैं कोरोना योद्धा तो इन बातों का रखें ध्यान

  • कोरोना रोकथाम या इलाज में सेवा देने का प्रमाण पत्र।
  • कोरोना रोकथाम या इलाज में सेवा देने का परिचय पत्र।
  • चयनित निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहें तो भी प्रमाण लें।
  • जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसकी लिखित रिपोर्ट।
  • दौरान दुर्घटना मौत होने पर एफआईआर की मूल कॉपी।
  • पीएम हुआ हो तो प्रमाणित छायाप्रति।
  • हॉस्पिटल में डेथ के बाद सार्टिफिकेट जरूर लें।

योद्धाओं के परिजनों की सुनें
हमें इसकी न रिपोर्ट दिए और न ही कोई खबर...

मेरे पापा विजय यादव की तबीयत बिगड़ने से लेकर मौत तक मै उनके साथ में था। उनके अपने विभाग के लोगों ने उनका ख्याल नहीं किया। डेथ सार्टिफिकेट के साथ पॉजिटिव होने की रिपोर्ट तक नहीं दी गई। मौत के बाद अंत्येष्ठि लाभ का 50 हजार रु. देने, मुझे सीएमएचओ कार्यालय बुलाया गया था, उसके बाद से अब तक कोई खोज खबर नहीं ली गई।
(जैसा कि पुत्र दिनेश यादव ने बताया)

कोरोना ने बेटे की जान ले ली, बर्बाद हो गए...
मेरी उम्र 70 पार चली गई है। पांच लोगों के परिवार में केवल बड़ा बेटा भरत ही कमासुत था। उसकी मौत हो जाने से हम सबके सामने खाने के लाले पढ़ गए है। यूं, तो तीन और बेटे हैं, लेकिन किसी के पास कोई रोजगार नहीं है। उसकी मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग 40 हजार रुपया अंत्येष्टी के लिए दिया था। वह काम-काज में ही खत्म हो गया, अब दाल-रोटी चलाना मुश्किल हो गया है।
(जैसा कि मां चंदकला बाई ने बताया)
नोट.. भास्कर के पास ऐसे कई मामले हैं, जिनके परिजनों को बीमा लाभ दिलाने के लिए अब तक कोई प्रयास ही नहीं हुआ है।

मौत की सूचना दे दी, शीघ्र ही दस्तावेज भेजेंगे: सीएमएचओ
सीएमएचओ डॉ. गंभीर सिंह ने बताया कि ड्रेसर विजय और वार्ड ब्वाय भरत की मौत दौरान ड्यूटी हुई है। दोनों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर उन्होंने 50 लाख के बीमा लाभ के लिए नोडल को सूचना दे दी है। इससे संबंधित दस्तावेज भेजे जाने हैं। परिजनों को कुछ नहीं करना है। उनके कार्यालय से ही आवेदन अग्रसारिर किए जाने की प्रक्रिया बनाई गई है।


सीधी बात
टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री, छग

सवाल - केंद्रीय बीमा के अलावा वॉरियर के लिए क्या राज्य सरकार ने कोई बीमा कराया है?
-पीएम गरीब कल्याण योजना से हर वॉरियर के लिए 50 लाख का बीमा हुआ है। हमारे तरफ से विभागों ने अपने-अपने अनुसार कर्मियों को बीमा कराया है। विभाग वार कर्मियों का बीमा रहता भी है।
सवाल - पर, उसमें तो हेल्थ डिपार्टमेंट के अलावा अन्य को बाहर कर दिया है, 187 क्लेम के बाद वह स्वत: खत्म हो जाएगी?
-इसकी जानकारी मुझे नहीं है। शुरू में तो कोरोना रोकथाम में लगे पुलिस, निगम और शिक्षकों को भी लाभ देने की बात कहीं गई थी। कब बाहर कर दिया गया, नई कंडिशन डाल दी गई, मुझे पता नहीं है।
सवाल - कोरोना रोकथाम में अन्य विभाग के कर्मी भी लगे हैं, उनके लिए राज्य सरकार क्या कर रही है?
-केंद्रीय बीमा योजना में अपडेट क्या हुआ है, मैं उसे गहनता से देखने को बोल रहा हूं। कोरोना वॉरियर को सामाजिक सुरक्षा देने का हमें पूरा ख्याल है। अपडेट देखने के बाद विचार करेंगे।
सवाल - प्रदेश में अब तक मात्र एक को क्लेम मिला है, दुर्ग में एक को छोड़ किसी वॉरियर की फाइल तक नहीं बनी है?
-मुझे उन सबके नाम और विभाग बता दीजिए, सबकी फाइल शीघ्र बीमा कंपनी के पास भेजने को बोलता हूं। लेट कहां किस पटल से हुआ जानकारी लेता हूं।



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तस्वीर भिलाई के रामनगर मुक्तिधाम की है। जहां रोजाना औसतन 5 कोरोना संक्रमित मृतकों का शव जला रहे हैं।


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