113 दिन लॉकडाउन, 434 मरीज और 9 मौतें; 68 दिन अनलॉक, 6119 संक्रमित; 115 मौतें , September 21, 2020 at 05:35AM

(राजू शर्मा) जिले में आठवां लॉकडाउन शुरू होने वाला है। इस बार भी शहर को लॉक करने का मकसद कोरोना की रफ्तार को रोकना है। 22 सितंबर से लॉकडाउन लगेगा जो 28 सितंबर यानी 7 दिन चलेगा। यह दूसरा सबसे छोटा लॉकडाउन है। इससे पहले 1 से 6 अगस्त तक लॉकडाउन लगाया गया था। छह दिन का यह सबसे छोटा सातवां लॉकडाउन था।

यूं तो 22 मार्च को जनता कफ्र्यू था और जिले मेंं पहला लॉकडाउन 24 मार्च से लगाया गया था। तब से दिनों की गिनती करें तो 20 सितंबर तक 181 दिन हो रहे हैं। 181 दिनों में 6553 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं तो 124 पीड़ितों की मौत भी हुई है।

181 दिन में 113 दिन लॉकडाउन बिलासपुर लॉकडाउन था। अब तक लगाए गए सातों लॉकडाउन में 434 केस मिले हैं तो 9 कोरोना मरीजों की मौत भी हुई है। वहीं 68 दिन शहर खुला रहा। इन 68 दिनों में 6119 लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। 115 पीड़ितों ने दम भी तोड़ा है।

छठवें और सातवें लॉकडाउन में 253 मरीज मिले थे और 6 मौतें भी

अब तक सात लॉकडाउन लग चुके हैं। शुरू के तीन लॉकडाउन में बिलासपुर में एक केस था लेकिन जब प्रवासी मजदूरों और दूसरे राज्यों से लोगों का आना शुरू हुआ तो कोरोना के केस बढ़ने लगे और रोज मिल रहे हैं। सात लॉकडाउन में सबसे ज्यादा 185 कोरोना पॉजिटिव 23 से 31 जुलाई तक लगे 9 दिन के छठवें लॉकडाउन में मिले थे। वहीं दो कोरोना पीड़ितों की मौत भी हुई थी। सातवां लॉकडाउन की बात करें तो 1 से 6 अगस्त तक 68 संक्रमित मिले थे तो चार की मौत भी हुई थी। छठवें और सातवें लॉकडाउन के 15 दिनों में जिले में 253 कोरोना मरीज मिले थे। छह पीड़ित मरे भी थे।

22 मार्च को पूरे देश में जनता कर्फ्यू था। 24 मार्च से जिले में पहला लॉकडाउन शुरू हुआ। 21 दिनों के लॉकडाउन में जिले में एक कोरोना मरीज मिला। 26 मार्च को शहर में 64 वर्ष की महिला विदेश से लौटी और कोरोना संक्रमित हो हुई थीं।

15 अप्रैल से 3 मई तक यानी 19 दिनों का दूसरा लॉकडाउन किया गया। इस लॉकडाउन में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं मिले। पूरे 19 दिन राहत रही। हालांकि इस बीच स्वास्थ्य विभाग संदेहियों के सैंपल लेता रहा लेकिन पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं आई।

तीसरा लॉकडाउन 4 मई से शुरू हुआ जो 17 मई यानी 14 दिन चला। इन 14 दिनों में भी जिले में एक भी केस नहीं मिले, लेकिन प्रवासी मजदूरों का आना शुरू हो गया था। श्रमिक स्पेशल ट्रेनें भी चलने लगीं थीं।

18 मई से 31 मई तक 14 दिन का फिर एक लॉकडाउन हुआ। इन 14 दिनों में बिलासपुर जिले में 47 कोरोना मरीज मिले। 20 मई को एक साथ पांच पॉजिटिव मिले और फिर संख्या बढ़ती गई। 30 मई को एक कोरोना पीड़ित बच्ची की मौत भी हुई थी।

1 जून से 30 जून तक 30 दिनों का सबसे बड़ा यानी पांचवां लॉकडाउन किया गया। 30 दिनों में जिले में 133 मरीज मिले। इसी महीने कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 181 हो गई। वहीं दो संक्रमितों की मौत भी हुई।

23 जुलाई से छठवां लॉकडाउन शुरू हुआ जो 31 जुलाई तक चला। 9 दिन के इस लॉकडाउन में 185 कोरोना संक्रमित मिले। वहीं 35 वर्षीय महिला और 85 वर्षीय कैदी यानी दो कोरोना पीड़ितों की मौत
भी हुई।

1 अगस्त से सातवां यानी सबसे छोटा लॉकडाउन लगा। 1 से 6 अगस्त तक चले इस लॉकडाउन में 68 कोरोना मरीज मिले वहीं चार मौतें भी हुईं। सभी सातों लॉकडाउन में कुल 434 कोरोना मरीज मिले हैं। वहीं 9 की मौतें भी हुई हैं।

20 दिन में 4775 मरीज और 89 मौतें

बिलासपुर ने सबसे ज्यादा संक्रमण सितंबर महीने में झेला है। इस महीने के 20 दिनों में 4775 लोग कोविड की चपेट में आए हैं। 89 पीड़ितों ने दम भी तोड़ा है। यह रफ्तार अभी रुकी नहीं है। कोरोना की इस रफ्तार को देखते हुए जिला प्रशासन के अफसरों ने शहर को एक बार फिर से लाॅक करने का निर्णय ले लिया है। अब देखते हैं कि 22 सितंबर से शुरू हो रहे आठवें लॉकडाउन में कोरोना की रफ्तार कम होती है या नहीं?

लॉकडाउन में निश्चित रूप से कम मिलेंगे केस

सीएमएचओ डॉ. प्रमोद महाजन का कहना है लॉकडाउन में कोरोना की रफ्तार निश्चित रूप से कम होगी। केस बढ़ने का कारण है लोगों का एक-दूसरे के संपर्क में ज्यादा रहना। इसके अलावा लोग मास्क नहीं पहनते, साेशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं करते। लॉकडाउन लगने से जरूरी चीजें निर्धारित समय तक मिलेगी तो निश्चित रूप से लोग बेवजह घर से बाहर नहीं निकलेंगे तो संक्रमण रुकेगा।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
शनिचरी बाजार में रविवार को सामान लेने भीड़ उमड़ पड़ी। सोशल डिस्टेंसिंग फेल। इसलिए संक्रमण बढ़ रहा।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/35WxpFo

0 komentar