सर्व ब्राह्मण समाज 12 साल से मना रहा शहीदों का श्राद्ध, पिछले दो साल से महिलाओं के जिम्मे तर्पण , September 12, 2020 at 06:28AM

पितृपक्ष के मातृ नवमीं पर शुक्रवार को सर्व ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने शहीदों को तर्पण दिया। संस्था की ओर से पिछले 12 वर्षों से शहीदों का श्राद्ध मनाया जा रहा है। वहीं शुरुआत के 10 वर्षों में पुरुषों ने यह कार्य किया। इसके बाद पिछले 2 वर्षों से महिलाओं ने इसका जिम्मा लिया है। संस्था की ओर से 1947 के पूर्व और उसके बाद से अब तक शहीद जवानों काे पिछले 12 वर्षों से तर्पण दिया जा रहा है।
सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष ललित मिश्रा की उपस्थिति में पितृ तर्पण संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि यह विशेष इसलिए है क्योंकि यहां उन पूर्वजों का श्राद्ध किया गया, जिन्होंने देश के लिए आतंकी और नक्सली हमलों में अपनी जान गंवाई है। इस कुर्बानी में वे महिलाएं भी शामिल है, जिन्होंने किसी की जान बचाने, किसी अत्याचार की शिकार और अन्य किसी प्रताड़ना से उनकी जान गई हो। समाज की ओर शहीदों का श्राद्ध मनाने की परंपरा वर्ष 2008 से शुरू हुई। इसके साथ ही यह दूसरा मौका था कि, जब समाज की महिलाओं ने श्राद्ध मनाया, तर्पण दिया और सभी अनुष्ठान संपन्न कराएं। समाज की महिलाओं ने शुक्रवार की सुबह महादेव घाट में शहीदों को जल अर्पण किया। सभी शहीद पितरों व मातृ शक्ति का आह्वान कर महिलाओं ने चावल, तिल, गुड़, उड़द दाल आदि का तर्पण किया। इस दौरान पंडितों ने भी मंत्रोच्चार के साथ विधिवत सभी अनुष्ठान संपन्न करवाया।

श्राद्ध के काम में भी महिलाएं को मिले प्रोत्साहन
प्रदेश अध्यक्ष ललित मिश्रा ने बताया कि दुनियाभर में महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। वहीं कुछ क्षेत्र ऐसे भी है जहां उन्हें समानता नहीं मिली है। इसी दिशा में प्रयास करते हुए दूसरी बार महिलाओं ने शहीदों का श्राद्ध कराया। ताकि इस आयोजन से सभी समाजों में धार्मिक अनुष्ठानों आदि आयोजनों में महिलाओं को पर्याप्त स्थान व प्रोत्साहन मिल सके। इस दौरान रत्ना शर्मा, शिखा शर्मा, सुधा शर्मा, वीणा तिवारी, शशि पांडे, शारदा मिश्रा, नितीश शुक्ला, धनेश्वरी दुबे, सविता दुबे आदि उपस्थित रहे।



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Sarva Brahmin society has been celebrating martyrdom for 12 years, surrendering the responsibility of women for the last two years


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