अगर सरकार 15 करोड़ की सब्सिडी दे तो करंट से रुक सकती है हाथियों की मौत, अवैध बिजली कनेक्शन की वजह से 10 साल में 47 हाथियों की गई जान , October 01, 2020 at 05:51AM

मोहम्मद निजाम | राज्य में पिछले 10 साल में 47 हाथी बिजली करंट से मौत के मुंह में जा चुके हैं। एक-दो को छोड़कर सभी जगह अवैध बिजली कनेक्शन के तारों ने हाथियों की जान ली है। इनमें 21 हाथी तो अकेले धरमजयगढ़ के जंगलों से लगे गांवों में मरे हैं। अब जांच में खुलासा हुआ है कि इस इलाके में सबसे अधिक अवैध बिजली कनेक्शन हैं। हाथियों का डेरा भी अक्सर यहीं रहता है। इसलिए हाथी ही करेंट के सबसे ज्यादा शिकार हो रहे हैं। हालांकि इसी इलाके में 1542 ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन के लिए अर्जी दे रखी है। लेकिन एक लाख की सब्सिडी इस कनेक्शन को वैध करने में सबसे बड़ा पेंच है। अगर इतने ग्रामीणों को बिजली कनेक्शन दिया जाता है, तो सरकार को 15 करोड़ रुपए की सब्सिडी देनी होगी। पिछले 10 साल मामला इसी पर अटका है और हाथियों की मौत रुक नहीं रही है।

बिजली विभाग बगैर सब्सिडी के बिजली का कनेक्शन नहीं दे रहा है। इससे हाथियों की मौतें भी लगातार हो रही हैं। हाथियों के करंट से लगातार मौतों को लेकर सोमवार को वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अफसरों की बैठक ली। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ की ओर से उन्हें रिपोर्ट दी गई। उसी में खुलासा हुआ कि 10 साल में 47 हाथियों की मौत हो चुकी है और धरमजयगढ़ सबसे आगे है। रिपोर्ट के साथ अफसरों ने वन मंत्री को बताया कि वहां हाथियों का सबसे अधिक मूवमेंट रहता है। अवैध बिजली कनेक्शन भी उतने ही अधिक हैं। ग्रामीणों और किसानों ने अपनी मर्जी से कनेक्शन खींच लिया है।

बिजली के तारों की चपेट में आने से हाथियों की मौत हो रही है। रिपोर्ट में बताया गया कि धरमजयगढ़ के ग्रामीणों की ओर से 1542 आवेदन दिए गए हैं। उन आवेदनों के आधार पर बिजली का कनेेक्शन देने में 15 करोड़ की सब्सिडी देनी होगी। बिजली विभाग सब्सिडी के बिना कनेक्शन देने से इनकार कर रहा है। वन मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिया है कि वे इस बारे में बिजली और जिला प्रशासन के अफसरों से चर्चा करें। उन्होंने बिजली कनेक्शन से संबंधित सभी विभागों के अफसरों के साथ बैठक बुलाने के निर्देश दिए हैं।

हुकिंग के कारण तार भी नहीं मिलते
किसान कनेक्शन नहीं मिलने पर अपनी मर्जी से खंभे लगाकर अवैध कनेक्शन लेते हैं। वे तारों को कहीं भी बेतरतीब बिछाते हैं। कई बार आंधी और बारिश से तार टूट जाते हैं। हाथी और दूसरे जानवर इसी की चपेट में आकर मर रहे हैं।

पंप कनेक्शन में 1 लाख की सब्सिडी का फंडा, बाकी पैसे देते हैं किसान
जंगलों से सटे ग्रामीण इलाकों में बिजली के पंप कनेक्शन को खेतों तक पहुंचाने के लिए शासन की ओर से एक लाख की सब्सिडी का प्रावधान रखा गया है। कनेक्शन में आने वाले खर्च पर 1 लाख तक शासन की ओर से सब्सिडी दी जाती है, बाकी पैसे किसान देते हैं। पड़ताल में पता चला है कि शासन स्तर पर हर साल न्यूनतम 500 कनेक्शन का कोटा तय किया गया है। पांच सौ कनेक्शन तक के लिए शासन की ओर से सब्सिडी उपलब्ध करवायी जाती है, जबकि हर साल सैकड़ों आवेदन किसानों की ओर से दिए जाते हैं। ऐसी दशा में पुराने आवेदनों की छंटाई कर 500 को कनेक्शन दिया जाता है। बाकी लंबित रहते हैं। हर साल पांच सौ आवेदनों का निपटारा जरूर किया जाता है, लेकिन बाकी पेंडिंग रह जाते हैं। ये हर साल बढ़ते जाते हैं। इसी वजह से केवल धरमजयगढ़ में ही 15 सौ से ज्यादा आवेदन लंबित हैं।



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फाइल फोटो।


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