जवाहर बाजार की दुकानें कारोबारियों को सौंपी लेकिन 2 माह में नहीं दे पाए बिजली और पानी , September 30, 2020 at 06:19AM

शहर का पहला स्मार्ट और सुव्यवस्थित जवाहर बाजार शुरुआत में ही बदइंतजामी से घिर गया है। कारोबारियों को दो माह पहले दुकानों की चाबी सौंप दी गई है, लेकिन दुकानों में अब तक न बिजली पहुंचाई जा सकी है और न ही बाजार में पानी का कोई इंतजाम है। काम भी अधूरा है, इसलिए ठेकेदार ने भी नगर निगम को बिल्डिंग हैंडओवर नहीं की है। यही वजह है कि मार्केट तैयार है, रंग-रोगन भी हो चुका लेकिन अब तक यह शुरू नहीं किया जा सका है।
नगर निगम पांच साल से दावा करता अा रहा है कि जवाहर बाजार शहर का पहला सुव्यवस्थित मार्केट होगा। यहां पुराने बाजार के 69 कारोबारियों को व्यवस्थापन दिया गया है। दुकानदारों को दुकानों का पजेशन भी दिया जा चुका है, लेकिन कोई भी कारोबारी दुकान खोलने की स्थिति में नहीं। बताया जा रहा है कि स्मार्ट सिटी ने अब तक जवाहर मार्केट में ट्रांसफार्मर नहीं लगाया है। इस वजह से किसी भी दुकान को बिजली का कनेक्शन ही नहीं मिल पा रहा है। दुकानों की चाबी मिलने के बाद कारोबारियों में आस जागी थी कि वे जल्द ही अपना व्यवसाय शुरू कर सकेंगे, लेकिन तकनीकी दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। गौरतलब है, इस बाजार में ज्यादातर दुकानें उन कारोबारियों को आवंटित हुई हैं, जो फल और कपड़े का व्यवसाय करते हैं।

सालभर से कई दिक्कतें : जवाहर बाजार का काम 2017 में शुरू हुआ। दो साल में इसे बनाकर तैयार करना था। 2019 में कारोबारियों को दुकानें आबंटित होने के बाद बाजार शुरू हो जाना था, लेकिन पिछले सालभर से कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। सबसे पहले कारोबारियों को दुकानों के आबंटन का मामला विवादों में रहा।

एक मूल दुकानदार के कई वारिश होने के कारण दुकानों के बंटवारे और आबंटन को लेकर विवाद था। मामला शासन के पास गया और जांच के बाद विवाद का निपटारा हुआ। इसके बाद नामांतरण को लेकर मामला गहरा गया। दरअसल, दुकानें 50 साल पहले आबंटित हुई थीं। जिन्हें दुकानें आबंटित हुई थी अब वे नहीं रहे। उनके वारिश को दुकानों का आबंटन होना था लेकिन तकनीकी आधार पर यह संभव नहीं था। इसलिए कारोबारियों ने पहले दुकानों के नामांतरण के लिए एडीचोटी का जोर लगाया। फिर निगम ने कारोबारियों को बैंक लोन के लिए एनओसी देने से इंकार कर दिया। बिना एनओसी के बैंक कारोबारियों का लोन मंजूर करने में असमर्थता जता दी थी। महापौर एजाज ढेबर के हस्तक्षेप के बाद निगम ने एनओसी जारी किया। अब कारोबारी भुगतान कर दुकान का पजेशन ले रहे हैं तो बिजली, पानी इत्यादि की सुविधा नहीं होने के कारण वे दुकानें चालू नहीं कर पा रहे हैं।

बाजार का हैंडओवर नहीं : जवाहर बाजार की बिल्डिंग तैयार हो गई है लेकिन मूलभूत सुविधाएं अब तक पूरी नहीं होने की वजह से ठेकेदार ने बिल्डिंग निगम को हैंडओवर नहीं किया है। कुछ कारोबारियों का कहना है कि वे दुकानों में फर्नीचर इत्यादि का काम कराना चाहते हैं लेकिन ठेकेदार के मना करने के कारण वे नहीं कर पा रहे हैं। बेसमेंट पार्किंग और फ्लोर का कांक्रीटीकरण भी अब तक नहीं हो पाया है। इस वजह से बाजार शुरू होने पर गाड़ियों के आने और उनके रखने की भी दिक्कत है।

"ठेकेदार को जल्द से जल्द बाजार हैंडओवर करने के लिए कहा गया है। बाजार विभाग के अफसरों से कहा है कि तकनीकी दिक्कतें दूर कर व्यापारियों को सुविधाएं दिलाएं, ताकि बाजार शुरू हो सके।"
-एजाज ढेबर, महापौर रायपुर



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