मानसिक रूप से कमजोर नाबालिग बेटी को 3 हजार में बेचा, खरीदार युवक अपने पिता के साथ करता रहा दुष्कर्म, गर्भवती हुई तो छोड़ा, अब मां बनी , September 29, 2020 at 06:48AM

घरघाेड़ा थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले एक शख्स ने मानसिक हालत ठीक न हाेने पर अपनी नाबालिग बेटी काे एक युवक के हाथों 3 हजार में बेच दिया। खरीदार युवक उसे अपने साथ घर ले गया और उसका कई दिनों तक शोषण किया, युवक का पिता भी किशोरी से दुष्कर्म करता रहा। किशोरी गर्भवती हुई तो उसे लावारिस छोड़ दिया।
मामला नारी निकेतन तक पहुंचने पर कलियुगी पिता के साथ ही दुष्कर्म करने वाले युवक व उसके पिता के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। नाबालिग का पिता पुलिस हिरासत में हैं लेकिन उसे कथित तौर पर खरीदने वाला युवक और उसका पिता फरार हैं। शोषण का शिकार गर्भवती किशोरी सड़काें पर इधर उधर भटक रही थी, देखने में उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं लग रही थी। इस पर अमलीडीह घरघोडा के सरपंच एवं मितानिन ने 15 मई काे 181 महिला हेल्प लाइन रायपुर काे दी। संपर्क करके 18 मई काे सखी वन स्टॉप सेंटर रायगढ के माध्यम से बदहवाश घूम रही युवती की हालत देख उसे घरघोड़ा स्वास्थ केन्द्र में भर्ती कराया गया। 19 मई काे उसने एक बच्चे काे जन्म दिया। डॉक्टराें के इलाज में उसे कुछ परेशानी समझ कर रायगढ जिला अस्पताल से मनोरोग चिकित्सक काे दिखाया गया। जहां पर उसकी मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं बताई गई। रिपोर्ट के आधार पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रायगढ़ के आदेश पर उसे मानसिक उपचार केन्द्र सेन्द्री बिलासपुर 29 मई काे भर्ती कराया गया। 4 महीने इलाज के बाद युवती की मानसिक स्थिति ठीक हुई ताे उसने लाेगाें अपना दर्द बयां करना शुरू कर दिया। रायगढ़ लाने के बाद पांच महिला अधिकारियों की उपस्थिति में काउसंलिंग के माध्यम से अपना बयान दिया। पीड़िता के बयान सुन कर हर काेई दंग रह गया। उसने बताया कि घर में सब उसे प्रताड़ित करते थे। उसके घर पर तमनार के पेलमा में रहने वाले दीपक व उसके पिता का आना जाना था। इस पर पिता ने उसे 3000 हजार रुपए में बेच दिया था। दीपक व उसके पिता उसे अपने साथ ले गए, और दुष्कर्म करते रहे। जब वह उनके पास थी उस समय वह नाबालिग थी। इसी बीच वह उनसे गर्भवती हाे गई, जब उन्हें पता चला कि वह गर्भवती है ताे वह उसे अमलीडीह लाकर छाेड़ गए। घर वाले भी उस पर ध्यान नहीं दे रहे थे। इस पर इधर उधर भटक रही थी। मामला दर्ज होने पर नाबालिग का पिता उसे बेचने के बदले शादी के लिए युवक को सौंपने की बात कह रहा है।
फिलहाल पीड़ित नारी निकेतन अम्बिकापुर में है। थाना प्रभारी घरघाेड़ा ने बताया कि धारा 363, 366-ए,376(2)(I) आईपीसी, 376(2)(n)आईपीसी, 5जे(ii)-CHL,5(के) पाक्साे एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है।

5 महीने भटकती रही, परिवार ने पनाह नहीं दी
दरिंदगी का शिकार पीड़ित काे घर वाले भी विक्षिप्त और गर्भवती हाेने पर पनाह नहीं दे रहे थे। वह 5 माह से गांव के आसपास किसी तरह से पेट भर कर दिन गुजार रही थी। लेकिन उसकी हालत पर किसी काे तरस नहीं आया। यहां तक की गांव में रहने वाले भी पिता की करतूत से मदद करने काे तैयार नहीं थे। लेकिन सरपंच और मितानिन की मदद उसके लिए एक नया जीवन दे गया।

फरार आराेपियाें काे ढूंढ रही पुलिस
मामले में बाल संरक्षण अधिकारी की ओर से आराेपियाें के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पेलमा में रहने वाले पिता-पुत्र दाेनाें फरार चल रहे हैं। नाबालिग का पिता हिरासत में है, पुलिस के मुताबिक उसने बेचने की बात नहीं कही है, वह शादी के लिए देने की बात कह रहा है। घरघोड़ा टीआई ने कहा उसकी भूमिका की जांच कर रहे हैं।

बाप-बेटे पर एफआईआर पुलिस कर रही है जांच
"पीड़ित युवती के बयान के आधार पर विभाग की ओर से प्रथम सूचना रिपाेर्ट दर्ज कराई गई है। जिसमें पीड़ित ने बताया कि उसके पिता ने उसे 3 हजार रुपए में बेचा था। गांव में पिता की माली हालात ठीक नहीं है, जिसके बाद उसे देखते हुए उसे सुरक्षित रखने के लिए नारी निकेतन में रखा गया। पीड़ित काे पहले भी बेचे जाने की बात सामने आई है, पुलिस जांच कर आगे की कार्रवाई करेगी। मैंने जाे कुछ जांच में पाया उसे आवेदन में लिख कर दिया है।''
-चैताली राय, बाल संरक्षण अधिकारी



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प्रतीकात्मक फोटो।


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