छत्तीसगढ़ में 32 हजार कोरोना मरीजों में से 17 हजार घर में, इनमें चार हजार ठीक , September 15, 2020 at 06:24AM

संदीप राजवाड़े | हल्के या बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के लिए घर में अलग-थलग रहकर इलाज (होम आइसोलेशन) का एक हफ्ते पहले जारी फार्मूला प्रदेश में कामयाब होता दिख रहा है। प्रदेश में 33645 हजार एक्टिव मरीज हैं, जिनमें 16780 लोगों ने अस्पताल के बजाय होम आइसोलेशन को चुना है, जिन्हें कोई गंभीर शिकायत नहीं है। ऐसे 3933 हजार मरीज ठीक भी हो चुके हैं। डाॅक्टर भी मान रहे हैं कि हल्के या बिना लक्षण वाले मरीज घर में ही रह रहे हैं, तो मानसिक रूप से भी उनकी स्थिति बेहतर हुई है। यही नहीं, इससे कोरोना के गंभीर या सांस में कमी जैसे मरीजों के लिए अस्पतालों और कोविड सेंटरों में बिस्तरों की कमी का प्रेशर भी कम हो गया है। होम आइसोलेशन कोरोना के इलाज के लिए अंतरराष्ट्रीय तौर पर स्वीकार्य है। पिछले रविवार तक इसकी अनुमति मुश्किल से दी जा रही थी, लेकिन सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद शासन ने होम अाइसोलेशन को प्रमोट करने के लिए कई तरह की छूट दे दी। इसके बाद से ही घर पर रहकर इलाज करवाने वाले मरीज बढ़ रहे हैं। यहां तक कि राजधानी रायपुर में रोजाना औसतन 400 मरीज होम आइसोलेशन में रहने की अनुमति ले रहे हैं। 14 सितंबर को शाम 7 बजे तक प्रदेश में होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की संख्या 16780 हजार हो चुकी है। इनमें 7083 मरीज तो सिर्फ राजधानी में हैं।

इस मामले में बिलासपुर दूसरे नंबर पर हैं, जहां 1886 लोग घर पर ही इलाज करवा रहे हैं। रायगढ़ में यह संख्या 1010, दुर्ग में 1257 और राजनांदगांव में 1591 है।

ठीक होने वाले भी बढ़े
हेल्थ विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16780 हजार होम आइसोलेशन मरीजों में से 3933 पूरी तरह घर पर रहकर ठीक हो चुके हैं। इसमें भी सबसे ज्यादा 2555 मरीज रायपुर के हैं, जो होम आइसोलेशन में थे और स्वस्थ हैं।


इमरजेंसी नंबर पर रोज 200 कॉल
रायपुर में होम आइसोलेशन में रहने वाले कुछ मरीजों में बताया कि पॉजिटिव आने के बाद ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद घर पर रहने की अनुमति में देरी हो रही है। मोवा के एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि जानकारी देने के 24 घंटे बाद भी होम आइसोलेशन की अनुमति की सूचना नहीं आई। डीडी नगर के 34 वर्षीय व्यक्ति ने बताया कि घर पर रहने के दौरान दवा किट पहुंचाते हैं, लेकिन तीसरे दिन भी नहीं मिली। भास्कर टीम ने 24 घंटे मरीजों के इमरजेंसी सेवा के लिए दिए गए नंबर की पड़ताल की। यहाँ जानकारी मिली कि रोजाना 150-200 कॉल रहे हैं। यहा सुबह 6 से दोपहर 2, दोपहर 2 से रात 10 और रात 10 से सुबह 6 बजे तक कि तीन शिफ्ट में 3-3 डॉक्टर्स की टीम इमरजेंसी के लिए लगाई गई है। ज्यादातर लोग होम आइसोलेशन की अनुमति में देरी, घर में रहनेवाले को अस्पताल में भर्ती करने, दवा किट नहीं मिलने या अन्य तरह की परेशानी के हैं।

रायपुर में फिर रह गई बड़ी कसर, दवाई किट बांटने में सबसे पीछे
हेल्थ विभाग की होम आइसोलेशन ट्रैकिंग सिस्टम के अनुसार घर पर रहने वाले कोरोना मरीजों को 5 दिन के दवा का डोज दे रही है। राजधानी के लिए यह गंभीर विषय है कि यहां होम आइसोलेशन वाले सबसे ज्यादा मरीज हैं, और दवाई की किट यहीं सबसे कम (केवल 231) बांटी गई है। जबकि बिलासपुर में होम आइसोलेशन वाले पूरे 1883 मरीजों को, राजनांदगांव में पूरे 1591 मरीजों और रायगढ़ में 950 को अमला दवाइयां बांट चुका है। रायपुर को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी शहरों में होम आइसोलेशन में जितने मरीज हैं, लगभग सभी के पास 5 दिन का दवाइयों का डोज पहुंचा दिया गया है।

सिर्फ होम आइसोलेशन के लिए जरूरी नंबर

  • 24 घंटे इमरजेंसी- 7566100283, 7566100284, 7566100285।
  • घर से अस्पताल के लिए- स्वतंत्र रहंगडाले : 79994-40263
  • एंबुलेंस- हरिकृष्ण जोशी: 9165601666, सी जोसेफ: 9826123957


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रायपुर में होम आइसोलेशन वाले घरों के बाहर लगा स्टीकर।


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