सभी 40 सरकारी अस्पतालों में कोरोना जांच, एक्सपर्ट डॉक्टर व स्टॉफ की संख्या बढ़ेगी, नई एजेंसी देगी खाना , September 06, 2020 at 06:38AM

जिले में कोरोना नियंत्रण के लिए प्रशासन ने तगड़ा एक्शन प्लान बना लिया है। कोरोना टेस्ट से लेकर ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट और भोजन की क्वालिटी दुरूस्त करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डेली कोरोना की जांच होगी। इसके अलावा जिला प्रशासन ने पॉजिटिव मरीजों को ट्रेस कर क्विक अस्पताल पहुंचाने और जिले के कोविड अस्पताल में एक्सपर्ट डॉक्टर तथा ट्रेंड स्टॉफ की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है। दैनिक भास्कर ने 1 सितंबर से लेकर 4 सिंतबर तक लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कर लोगों की समस्याओं को उठाया। इसके बाद जिला प्रशासन ने कोविड अस्पताल साफ-सफाई की समस्या तत्काल प्रभाव से हल कर लिया है। मरीज और वारियर्स को खाना देने के लिए नई एजेंसी तय की गई है। मरीजों को ट्रेस करने के लिए क्विक टीम बनाई है। इसकी मॉनीटरिंग होगी।

अब व्यवस्था देखने 8 को आएगी सेंट्रल की टीम...
कोविड से जारी इस जंग में जिला प्रशासन के इंतजामों का परखने सेंट्रल गारमेंट की 3 सदस्यीय टीम 8 सितंबर को आएगी। जिला भ्रमण के दौरान सभी ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट से लेकर साफ-सफाई तथा मरीजों को दिए जा रहे नाश्ते व खाने की क्वालिटी भी देखेंगे। इस टीम में डॉ. गीता यादव, डॉ. अनुभव श्रीवास्तव और डॉ. अभिनय सिंहा शामिल हैं।

टेस्ट से लेकर मरीजों को ट्रेस व ट्रीटमेंट में क्या है बदलाव, जानिए
कोरोना टेस्ट
पहले:
जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल, सीएचसी और कुछ पीएचसी में हो रही थी।
अब: जिले के सभी 40 सरकारी अस्पतालों में टारगेट बेस कोरोना की जांच होगी।

मरीज ट्रेसिंग
पहले:
पॉजिटिव आने वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए सामान्य टीमें काम कर रही थी।
अब: पॉजिटिव मरीजों को जल्दी अस्पताल पहुंचाने के लिए क्विक रिस्पांस टीम का गठन किया है।

मरीजों का ट्रीटमेंट
पहले:
आईसीयू में रेगुलर एक्सपर्ट डॉक्टर (एनेस्थिसिया) और ट्रैंड स्टॉफ नहीं था।
अब: आईसीयू को डील करने एक्सपर्ट डॉक्टर व ट्रेंड स्टॉफ रखने का निर्णय हुआ। भर्ती जल्द होगी।

नाश्ता व खाना
पहले:
सीएम कोविड केयर सेंटर से ही कोविड अस्पताल में खाना भेजा जा रहा था।
अब: कोविड अस्पताल और वारियर्स काे अब नई एजेंसी खाना सप्लाई करेगी।

अस्पताल में साफ-सफाई
पहले:
हर शिफ्ट में इसके लिए सिर्फ दो स्वच्छता कर्मी की ड्यूटी लगाई जा रही थी।
अब: बाथरूम की सफाई और वार्डों में सैनिटाइजेशन नगर निगम कर रहा है।

कोरोना से निपटने के लिए प्रशासन के सामने अब भी है ये चुनौतियां...
ट्रेंड ड्यूटी डॉक्टर और स्टॉफ: बेहतर ट्रीटमेंट के लिए कोविड अस्पताल में अनुभवी ड्यूटी डॉक्टर के साथ ही सहयोगी स्टॉफ भी ट्रेंड ही रखना होगा। इस पर फिलहाल प्रशासन मंथन कर रहा है।
समर्पित युवाओं की टीम: बेहतरी के लिए ऑपरेशनल टीम भी यंगस्टर की रखनी होगी जो कि डेली कोविड अस्पताल में राउंड कर गतिविधियों का जायजा ले सके।
शव शिफ्ट करने का स्टॉफ: कोविड अस्पताल में होने वाली डेथ के उपरांत डेड बॉडी को थर्ड और सेकेंड फ्लोर से नीचे लाने के लिए अलग से स्टाफ नहीं है। ऐसे में लंबे समय तक डेड बॉडी बेड पर ही रहती है।
बदलाव को आगे भी बरकरार रखना: सबसे बड़ी चुनौती जिला प्रशासन के द्वारा बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों को बरकरार रखना होगा। सेंट्रल की टीम आने से पहले जो तेजी दिखाई दे रही है।

कोरोना नियंत्रण के लिए उठा रहे जरूरी कदम, लागू कर रहे प्लान...
"टेस्ट, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट से लेकर साफ-सफाई और खाने की व्यवस्था पहले से बेहतर की गई है। कोविड अस्पताल में एक्सपर्ट डॉक्टर व ट्रेंड स्टॉफ की संख्या बढ़ाई जा रही है। खाना देने वाली एजेंसी भी चेंज कर दी है।"
-डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, कलेक्टर, दुर्ग



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शनिवार को कलेक्टर डॉ. भुरे ने कोविड अस्पताल जुनवानी का विजिट किया। जहां उन्होंने अधिकारियों व मैनेजमेंट के साथ बैठक की। इस दौरान कैंपस भी देखा।


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