प्रदेश के 450 सामाजिक भवनों को कुर्मी समाज ने लिया कोविड सेंटर बनाने का फैसला, रायपुर में नरदहा स्थित भवन में 100 मरीजों के इलाज और रहने-खाने की करेंगे व्यवस्था , September 25, 2020 at 05:48AM

अस्पतालों में बेड की कमी के बीच मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज ने कोरोना मरीजों की मदद के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेशभर में करीब 450 जगहों पर समाज का अपना भवन है। तय किया गया है कि जहां कोरोना के मरीज ज्यादा हैं, वहां इन सामाजिक भवनों का इस्तेमाल कोविड सेंटर के रूप में किया जाएगा। रायपुर में भी नरदहा स्थित सामाजिक भवन को कोविड सेंटर के रूप में तब्दील करने की तैयारी है। यहां करीब 100 मरीजों के रहने-खाने की व्यवस्था होगी।
दरअसल, गुरुवार को मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज की वीडियो कांफ्रेंसिंग हुई। इसमें राज्य से लेकर राज कार्यकारिणी तक, सारे प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. रामकुमार सिरमौर ने प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर चिंता जताई। प्रदेशभर के प्रतिनिधियों को उन्होंने निर्देश दिया कि जहां कोरोना के केस ज्यादा हैं, वहां समाज आगे आकर अपना भवन प्रशासन को कोविड सेंटर बनाने के लिए मुहैया कराए। इसके अलावा मरीजों के इलाज और भोजन में भी जितनी ज्यादा मदद समाज की ओर से की जा सकती है, वह की जाए। लगभग सभी प्रतिनिधियों ने इस पर सहमति जताई है। अध्यक्ष डॉ. सिरमौर ने बताया कि रायपुर में नरदहा स्थित सामाजिक भवन का बुधवार को सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल ने निरीक्षण किया है। उन्होंने इसे 100 बिस्तर के कोविड सेंटर के लिए उपयुक्त बताया है। यह जल्द से जल्द शुरू हो सके, इसके लिए तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

ओबीसी वर्ग को मिले 27% आरक्षण इसलिए सभी समाज का डाटा जुटाएंगे
राज्य सरकार से ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने राशन कार्ड को आधार बनाया है। यानी प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की आबादी की गणना राशन कार्ड के जरिए होगी। कांफ्रेंसिंग में यह मुद्दा भी उठा कि ओबीसी वर्ग के सब लोगों के पास राशन कार्ड नहीं है। इस पर यह तय हुआ कि मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज यह डाटा जुटाएगा कि ओबीसी वर्ग के कितने लोगों ने राशन कार्ड बनवाया है और कितनों ने नहीं। समाज के केंद्रीय महामंत्री ललित बघेल ने बताया कि इसमें सिर्फ कुर्मी समाज के लोग ही नहीं, बल्कि साहू, देवांगन समेत पिछड़ा वर्ग में आने वाले सभी समाज के लोगों का डाटा शामिल होगा। इसकी जिम्मेदारी राज प्रमुख और ग्राम प्रमुखों को सौंपी गई है। जानकारी मिलने के बाद जिनका राशन कार्ड नहीं बन पाया है, उनका कार्ड बनवाएंगे। 27% ओबीसी आरक्षण के लिए यह जरूरी है।

कृषि विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर नाराजगी जताई, कहा- पहले सुझाव मांगें
केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार बिल कहा जा रहा विधेयक राज्यसभा में पारित हो गया है। इस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अंतिम मुहर लगनी बाकी है जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। हालांकि, इसे लेकर किसानों के मन में अब भी कई शंकाएं हैं। समाज ने इस विधेयक के विरोध में 25 तारीख के महाबंद का समर्थन किया है। समाज का कहना है कि प्रदेश के ज्यादातर लोगों की आय का साधन खेती-किसानी है। यह विधेयक धीरे-धीरे एपीएमसी (एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी), यानी आम भाषा में कहें तो मंडियों को खत्म कर देगा। इससे निजी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा और वे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य नहीं देंगी। पहले ही किसान आत्महत्या करने का मजबूर हैं और अब सरकार का यह फैसला किसानों की परेशानियां और बढ़ाने वाला साबित होगा।

अब समाज की हर बैठक होगी ऑनलाइन लोगों को जागरूक करने अभियान भी
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए यह फैसला भी लिया गया है कि स्थिति जब तक सामान्य नहीं हो जाती, समाज की सभी बैठकें वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही होंगी। इसके अलावा लोगों को महामारी से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार अभियान भी चलाया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले समाज ने कोविड मरीजों और जरूरतमंदों की मदद के लिए प्रदेशभर के सामाजिक प्रतिनिधियों से रकम इकट्ठा कर मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया था।

मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद दिया कोविड सेंटर बनाने का निर्देश
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मनवा कुर्मी समाज के संरक्षक हैं। बीते दिनों समाज के प्रदेश अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों से सीएम से मुलाकात की थी। इसी दौरान उनसे प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मरीजों के लिए समाज की ओर से मदद मुहैया कराने को लेकर चर्चा की गई थी। प्रदेश के सभी सामाजिक भवन को कोविड सेंटर बनाने का फैसला भी सीएम से चर्चा के बाद ही तय किया गया था।



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राजधानी के अंबेडकर अस्पताल का कोविड सेंटर। (फाइल फोटो)


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