कोरोना जांचने वाली दुर्ग जिले की दोनों ट्रू-नॉट लैब 5 दिनों से बंद, रोजाना 300 सैंपलों की होती थी जांच , September 20, 2020 at 05:51AM

रोज 300 सैंपलों की जांच करने वाली जिले के दोनों ट्रू-नॉट लैब बंद है। कोरोना की कंफरमेंट्री जांच करने वाली किट 15 सितंबर से खत्म हो गई है। इन मशीनों को संचालित करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने किट खत्म होने से पहले ही हालांकि सीजीएमएससी को डिमांड भेज दी है, लेकिन अबतक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है। किट नहीं होने से पुरानी दोनों लैब में एक नई मशीन लगाने और सुपेला में बहुप्रतिक्षित लैब में भी दो मशीन इंस्टॉल करने का कोई मलब नहीं निकला है। इस तरह कोरोना जांच के लिए तैयार जिले के तीन लैब में लगी 6 मशीनें शो-पीस हो गई हैं। ऐसा हाल तब हुआ है, जब तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को रोकने जिले में ज्यादा से ज्यादा जांच की जरूरत है। जिला प्रशासन के द्वारा रोज जिए जाने वाले 2000 सैंपलों की कंफरमेट्री जांच करना चुनौती पूर्ण हो गई है। दोनों लैब के बंद होने से कोरोना की कंफरमेंट्री जांच के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग एम्स व मेडिकल कॉलेज पर निर्भर है।

अब तक 240 ट्रू-नॉट जांच का लक्ष्य...
स्वास्थ्य विभाग के दैनिक सैंपलों को रिकार्ड देखें तो रोज 240 सैंपल लेने का लक्ष्य निर्धारित है। 13 सितंबर से पहले 40 से 50 ट्रू-नॉट सैंपल लिया जाता रहा है। लेकिन 14 से इसकी संख्या नहीं के बराबर कर दी गई है। पिछले सात दिनों में ट्रू-नॉट 10 से 15 सैंपल ही जा सके हैं। ऐसे में आरटीपीसीआर जांच पर ज्यादा लोड बढ़ गया है।

1. पॉजिटिव मरीजों में वॉयरल लोड बढ़ेगा: एंटीजेन टेस्ट में रिपोर्ट निगेटिव आने पर बिना लक्षण वाले पॉजिटिव मरीजों की एडवांस जांच कराने पर रिपोर्ट आने में देरी होती है। इस दशा में मरीज पॉजिटिव हुआ, तो रिपोर्ट के आने तक उसमें वॉयरल लोड बढ़ जाएगा। 50 प्लस मरीजों की भी क्विक कनफर्म जांच नहीं हो पाएगी। अपनी लैब से हम 3 घंटे में ही कंफर्म कर लेते थे।

2. नई चुनौती खड़ा करेगा बढ़ता बैकलॉग: ट्रू-नॉट लैब बंद होने से जिला स्वास्थ्य विभाग कोरोना कंफर्म करने के लिए आरटीपीसीआर जांच करा रहा है। पिछले सात दिनों में रोज औसतन 300 सैंपल लिए गए हैं। रोज सभी की जांच नहीं हो पाने से लगातार बैकलॉग संख्या बढ़ रही है। ऐसे में रोजाना लंबित हो रही जांच का निराकरण बड़ी चुनौती बन रही है। आगामी दिनों में यह बढ़ेगी।

ज्यादा जरूरत, तब जांच हुई ठप
कंफरमेट्री जांच में लगेगा समय, बैकलॉग बढ़ने से बल्क में आएगी रिपोर्ट..क्योंकि 5 दिनों से कोरोना की कंफरमेंट्री जांच करने वाली किट नहीं।

इधर रोज 2000 सैंपल लेने के निर्देश
जिले में अब रोज 2000 सैंपल लेंगे। क्लोज कांटेक्ट और लक्षण वाले हर मरीज की जांच की जाएगी। एंटीजेन टेस्ट में जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आएगी, सिमटम होने पर उनकी आरटीपीसीआर जांच करेंगे। 50 वर्ष से ज्यादा आयु वालों की जांच को प्राथमिकता दी जाएगी। कांटेक्ट ट्रेसिंग के दौरान रिस्क वाले मरीजों की अलग सूची तैयार करेंगे।

रोकथाम के लिए की गई है अन्य तैयारियां..

  • जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड को 60 बेड का किया।
  • जिन क्षेत्रों में ज्यादा पॉजिटिव केस, वहां आगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ऑक्सीमीटर देंगे।
  • ट्रेसिंग के दौरान ही लक्षण देखकर मरीज को कोविड केयर सेंटर भेजेंगे या अस्पताल।
  • होम आइसोलेशन वाले मरीजों को रिपोर्ट आने के बाद भी दवाओं की किट दी जएगी।


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फाइल फोटो।


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