भिलाई में एशिया की सबसे बड़ी लाइमस्टोन खदान, 50 साल तक बीएसपी को कर सकता है सप्लाई , September 28, 2020 at 06:30AM

एशिया की सबसे बड़ी नंदिनी की लाइमस्टोन माइंस में करीब 15 साल बाद एक बार फिर माइनिंग होने वाली है। जिसके बाद पीएम की महत्वाकांक्षी योजना आत्मनिर्भर भारत के तहत बीएसपी सहित सेल की अन्य इकाइयों में हॉट मेटल उत्पादन के दौरान इसी माइंस के लाइमस्टोन का इस्तेमाल किया जाएगा।
वर्तमान में लाइमस्टोन की डिमांड का बड़ा हिस्सा दुबई से इंपोर्ट करना पड़ रहा है। वर्ष 2005 के पूर्व बीएसपी की लाइम स्टोन की जरूरत नंदिनी माइंस से पूरी की जा रही थी। उस समय माइंस से प्रतिवर्ष करीब 6 लाख टन तक लाइमस्टोन की सप्लाई की गई।
2005 के बाद नंदिनी माइंस के लाइमस्टोन की गिरती क्वालिटी का हवाला देकर बीएसपी प्रबंधन दुबई सहित देश में राजस्थान के जैसलमेर और मध्य प्रदेश के कोटेश्वर से इसकी आपूर्ति करने लगा। नंदिनी माइंस को पूरी तरह बंद न करने का निर्णय लेते हुए डेढ़ से पौने दो लाख टन लाइमस्टोन अब तक खरीद रहा है। अब बीएसपी आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। खनन के लिए बीएसपी की ओर से तैयारी हो गई है।

ये गर्व का विषय : नंदिनी में विश्व की दूसरी सबसे बड़ी माइंस
नंदिनी में माइनिंग लीज एरिया 526.24 हेक्टेयर है। खदान का ओपन एरिया (स्ट्राइक लेंथ) 1.2 किमी है। जबकि जैसलमेर माइंस का ओपन एरिया 0.9 किमी है। विश्व की सबसे बड़ी लाइमस्टोन माइन्स यूक्रेन में है जिसका ओपन एरिया 2.2 किमी है। पूरे माइंस का सबसे बेस्ट क्वालिटी का लाइमस्टोन यहीं पर है। इसमें सीलिका का प्रतिशत 4.5% है। जबकि पूरे माइंस के बाकी हिस्से के लाइमस्टोन में सीलिका 6% तक है। सीलिका की मात्रा कम होनी चाहिए। इस दिशा में बीएसपी प्रबंधन ने तैयारी शुरू कर दी है।

स्टील के उत्पादन में लाइमस्टोन की भूमिका
लाइमस्टोन का इस्तेमाल ब्लास्ट फर्नेस में किया जाता है। इसका काम है आयरन ओर की अशुद्धियों को दूर करना। लाइमस्टोन को केमिकल रिएक्शन कर फर्नेस में भेजा जाता है। जहां आयरन ओर की अशुद्धियों को बाहर निकालने में मदद मिलती है।

50 साल तक बीएसपी को कर सकता है सप्लाई
नंदिनी माइंस में लाइमस्टोन का खनन प्लांट स्थापित करने के साथ ही वर्ष 1959 से शुरू हो गया। अभी भी माइंस एरिया में करीब 100 मिलियन टन लाइमस्टोन डिपॉजिट है। माइंस प्रबंधन अकेले बीएसपी को 50 वर्षों तक लाइमस्टोन की जरूरत पूरा करने की क्षमता रखता है।

परिवहन के लिए माइंस में रास्ते भी बनाए जा रहे
15 वर्षों से माइंस में खनन का काम बंद होने की वजह से उसमें पानी जमा हो गया है। माइंस प्रबंधन उनमें पानी खाली करने का काम दिनरात कर रहा है। अलावा वाहनों के आवागमन के लिए नए सिरे से रास्ते भी तैयार किए जा रहे हैं। वर्तमान में एक शिफ्ट में ही माइनिंग हो रही है।

राजस्व की बचत के साथ-साथ इनकम भी होगी
नंदिनी माइंस नए सिरे से माइनिंग शुरू होने के बाद बीएसपी प्रबंधन की दुबई पर निर्भरता काफी हद तक खत्म हो जाएगी। जिससे कंपनी को राजस्व की बचत तो होगी ही साथ ही सेल की अन्य इकाइयों को लाइमस्टोन सप्लाई किए जाने से बीएसपी के आय का जरिया भी बन जाएगा। यह बीएसपी के लिए उपलब्धि है।

कालापत्थर वाले हिस्से से पहले होगी खुदाई
बीएसपी नंदिनी माइंस के जीएम इंचार्ज वीबी सिंह ने बताया, नंदिनी माइंस के जिन हिस्सों में लाइमस्टोन का खनन बंद किया जा चुका था। उत्पादन बढ़ाने के लिए वहां दोबारा माइनिंग की तैयारी की जा रही है। अप्रैल 2021 से नए सिरे से माइनिंग का लक्ष्य रखा गया है। सेल के आर्थिक संकट में घिरने के बाद दुबई सहित देश के अन्य हिस्सों से लाइमस्टोन मंगवाना बीएसपी के लिए महंगा सौदा साबित हो रहा था। पीएम ने आत्मनिर्भर भारत का देश के औद्योगिक कंपनियों को मंत्र दिया। प्रेरित होकर बीएसपी ने लाइमस्टोन के मामले में विदेशी निर्भरता से उबरने के लिए ये खनन करने जा रहा है।



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तस्वीर नंदिनी स्थित लाइमस्टोन माइंस की है। बताया ज रहा है कि अप्रैल-2021 से वृहदस्तर से माइनिंग होगी। फिलहाल सालाना एक से डेढ़ लाख टन ही खनन किया जा रहा है। फोटो- भूपेश केशरवानी


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