सितंबर के 8 दिनों में संक्रमण का तेज फैलाव, पिछले 10 दिनों में रोजाना 750 से ज्यादा मरीज मिले , September 09, 2020 at 06:20AM

अमिताभ अरुण दुबे | प्रदेश और पुराने शहर में कोरोना के 175 दिन पूरे हो गये। 18 मार्च को समता कॉलोनी में पहला केस मिलने के बाद से अब तक हालात इस कदर बेकाबू हो रहे हैं कि यहां पॉजिटिव केस मिलने का मार्च से अब तक का रोजाना का औसत 97 मरीज पर पहुंच गया है। मौत भी अब रफ्तार से बढ़ रही हैं और सिर्फ राजधानी में 212 लोग कोरोना की वजह से दम तोड़ चुके हैं। इस तरह, 175 दिन के इस कालखंड में राजधानी में मौतों का औसत रोजाना एक से अधिक हो गया है। हालांकि मौतों के मामले में अगस्त का अंतिम सप्ताह और सितंबर के पहले 8 दिन भारी पड़ गए हैं। सितंबर के शुरूआती कुल जमा 8 दिन में कोरोना का सबसे डरावना स्वरूप सामने आया है। रायपुर में केवल इस हफ्ते में कोरोना के 6 हजार से ज्यादा नए केस मिल रहे हैं। पिछले 10 का औसत निकाला जाए तो राजधानी में रोजाना साढ़े 7 सौ से ज्यादा मरीज मिले हैं।

  • अब तक का औसत : 97 केस रोज
  • सितंबर में औसत : 782 केस रोज
  • रायपुर का रिकवरी रेट : 38.47 %
  • देशभर में रिकवरी रेट : 77.55 %

कंटेनमेंट जोन की सीमाएं भी ध्वस्त
175 दिन की इस पड़ताल में कई चौंकाने और हैरान करने वाली बातें सामने आई है। शहर में जब एक्टिव केस की संख्या जून जुलाई में जब सैकड़ों में रहती थी, उन परिस्थितियों में शहर में 200 से ज्यादा कंटेनमेंट जोन बन गये थे। लेकिन अब जबकि हजारों में एक्टिव केस हैं लेकिन कंटेन किए गये इलाके 100 भी नहीं है। भास्कर ने जब पड़ताल की तो पता चला कि बीते हफ्तों में जारी की गयी गाइडलाइंस में पांच केस का पैमाना बनाया गया है। लेकिन कितनी दूरी तक कितने दायरे को कंटेन करना है, इसको लेकर गाइडलाइन में कुछ भी स्पष्ट नहीं रहा। लिहाजा जहां जरूरत थी वहां कंटेनमेंट जोन बन ही नये पाए, क्योंकि पहले प्रशासन एक केस मिलने पर भी इलाके की घेराबंदी कर रहा था। एक्टिव सर्विलांस और कांटैक्ट ट्रेसिंग में छूट गये ऐसे ही इलाकों से अब ज्यादा केस निकले हैं।

जुलाई से बिगड़े हालात

  • मार्च : 5 मरीज
  • अप्रैल : 6 मरीज
  • मई : 14 मरीज
  • जून : 300 मरीज
  • जुलाई : 2895 मरीज
  • अगस्त : 11227 मरीज
  • सितंबर : 6259 अब तक


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रायपुर स्थित अंबेडकर अस्पताल का कोविड वार्ड। (फाइल फोटो।)


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