8 हजार मरीज घर में ही ठीक, सिर्फ दो सौ गए अस्पताल; रोजाना अधिकतम 15 मरीजों के ही तबियत बिगड़ने के फोन , September 28, 2020 at 06:17AM

राजधानी में होम आइसोलेशन में कोरोना के इलाज का सिस्टम दो हफ्ते में भी लगभग कामयाब हो गया है। शहर में रोजाना जितने भी पाजिटिव केस निकल रहे हैं, उनमें से आधे से ज्यादा (औसतन 500 रोज) लोग होम आइसोलेशन में इलाज का विकल्प हो रहे हैं।
भास्कर की पड़ताल के मुताबिक इनमें से अधिकतम 15 (एक-दो बार 20 तक) मरीज ही रात में डाक्टरों को फोन कर बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण बता रहे हैं। बाकी घर में ही आसानी से स्वस्थ हो रहे हैं। पिछले 15 दिन में केवल राजधानी और आसपास के कस्बों में होम आइसोलेशन लेने वाले 15 हजार से ज्यादा लोगों में से अब तक 8 हजार स्वस्थ हो चुके हैं। राजधानी में जिन्हें रात में दिक्कत अा रही है, डाक्टर उन्हें लालपुर कोविड अस्पताल भेज रहे हैं। वहां उनकी जांच, भर्ती या किसी और सेंटर में भेजने का सिस्टम बना दिया गया है। घर में रहकर कोरोना इलाज करवा रहे मरीजों में से औसतन दस से पंद्रह मरीज परेशानी होने पर रोजाना अस्पताल भी शिफ्ट किए जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर मामले ऑक्सीजन की कमी या घबराहट के हैं। शहर में अब तक 200 से ज्यादा मरीजों को होम आइसोलेशन में इलाज के दौरान अस्पताल या कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट करवाने की नौबत आई है। डाक्टरों के मुताबिक घर में इलाज करवा रहे ज्यादातर मरीजों के इस तरह के फोन कॉल्स रात के वक्त ही आते हैं। उनकी जांच व इमरजेंसी में मदद के लिए कोविड अस्पताल लालपुर में 24 घंटे सेवा देने वाली डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई हैं। लालपुर में जांच के बाद मरीज के हालात को देखते हुए उसे अस्पताल या कोविड सेंटर में भर्ती किया जा रहा है।

इमरजेंसी : 0771 4320202, 07712445785
रायपुर जिले को नगरीय और ग्रामीण इलाकों के मुताबिक 15 भागों में बांटा गया है। रायपुर निगम क्षेत्र को 10 जोन में बांटकर मरीजों की देखभाल और आकस्मिक हालात में तत्काल मदद का सिस्टम बनाया गया है। मरीज का इलाज कर रहे उसकी पसंद के डॉक्टर और संबंधित जोन के अलावा दो हेल्पलाइन नंबर और भी बनाए गये हैं। जहां मरीज किसी भी वक्त दिन हो रात फोन कर सकता है। एक हेल्पलाइन डेस्क स्मार्ट सिटी के दक्ष कमांड सेंटर में है जिसका नंबर 0771 4320202 है और दूसरा हेल्पलाइन नंबर 07712445785 है जो जिला पंचायत के दफ्तर में बनाए गये कंट्रोल रूम में है।

घर छोटा या मरीज की ज्यादा उम्र पर ही रद्द हो रहे आवेदन
राजधानी में अब तक 8हजार से ज्यादा लोग घर पर इलाज करवाकर ठीक हो चुके हैं। रोजाना तकरीबन 300-350 मरीजों को होम आइसोलेशन में 10 दिन (कभी-कभी 14 दिन) पूरे करने के बाद आइसोलेशन से बाहर निकलने की अनुमति दी जा रही है, अर्थात स्वस्थ होने के बाद उन्हें घर में ही सामान्य लोगों की तरह क्वारेंटाइन करने के लिए कहा जा रहा है। अफसरों के मुताबिक होम आइसोलेशन के आवेदन आमतौर से मंजूर हो रहे हैं। केवल उन्हें अनुमति नहीं दी जा रही, जिनका घर छोटा है, अतिरिक्त कमरा या शौचालय नहीं है या फिर मरीज की उम्र अधिक है।

टीम दिन में कितनी बार फोन करे ये भी मरीज की पसंद पर
होम आइसोलेशन प्रयोग की शुरूआत में कुछ मरीजों ने कॉल सेंटर से बहुत ज्यादा या बिल्कुल भी फोन नहीं आने की शिकायत भी की, इसके बाद नयी व्यवस्था के तहत अब फॉर्म में कॉलिंग टीम कितनी बार या कितने दिन बाद और किस वक्त फोन करे, ये भी विकल्प मरीज की पसंद पर दिया जा रहा है। इसमें मरीज अपनी सुविधा के अनुसार कॉलिंग टीम के फोन कॉल का वक्त भी तय कर सकता है।

"इमरजेंसी की स्थिति में होम आइसोलेशन के मरीज को तत्काल शिफ्ट करवाया जा रहा है। हालांकि शहर में साढ़े 7 से 8 हजार तक मरीज घर पर ठीक हो चुके हैं।"
-केदार पटेल, सहायक नोडल अधिकारी, कॉल सेंटर



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रायपुर में होम आइसोलेशन वाले घरों के बाहर लगा स्टीकर।


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