प्राइवेट अस्पताल कोरोना संक्रमितों से वसूल रहे लाखों, संसदीय सचिव उपाध्याय ने मुख्यमंत्री से की लाइसेंस रद्द करने की मांग , September 06, 2020 at 06:22AM

रायपुर. शहर के प्राइवेट अस्पताल लोगों को लूट रहे हैं, कोरोना की बीमारी के नाम पर लोगों को गुमराह कर लाखों का बिल सौंप रहे हैं। यह आरोप संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में शनिवार को मुख्यमंत्री से शिकायत की। विकास ने कहा स्वास्थ्य सेवाएं देना किसी सामान बेचने जैसा नहीं है और ऐसा कर स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले निजी अस्पताल के संचालक मेडिकल क्लीनिक कंज्यूमर प्रोटेक्शन ऐक्ट का खुला उलंघन कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा 90 फीसदी पीड़ितों द्वारा लगातार ये शिकायत मिल रही है कि निजी अस्पतालों में कोरोना का डर दिखा कर उनसे मनमाने तरीके से लाखों रुपए वसूली की जा रही है।


भरपूर फायदा उठा रहे अस्पताल
कई मरीज तो ऐसे भी हैं जो इन निजी अस्पतालों में महज 3 दिन की फीस 6 लाख रुपये तक दे चुके हैं। छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीज बढ़े है,लिहाजा सरकारी अस्पतालों में अब जगह नहीं है। मजबूरन प्रदेश भर के संक्रमित लोग अच्छे इलाज के आशा में राजधानी रायपुर के निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। विकास उपाध्याय ने कहा कि इसका फायदा ये निजी अस्पतालों के संचालक भरपुर उठा रहे हैं। कई बार देखा गया है कि अगर अस्पताल का पूरा बिल न अदा किया गया हो तो मरीज़ को अस्पताल छोड़ने नहीं दिया जाता है। जिनकी मौत हुई उनकी लाश नहीं दी जाती। बाम्बे हाई कोर्ट ने इसे ग़ैर कानूनी बताया है।


वर्चुअल मीटिंग करें
विकास उपाध्याय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इन सभी बातों की शिकायत की है। मुख्यमंत्री से मांग करते हुए गहा गया है कि वर्चुअल मीटिंग लेकर सभी निजी अस्पतालों के संचालकों को इस बारे में स्पष्ट हिदायत दें कि छत्तीसगढ़ की आम जनता के साथ किसी तरह की लूट बर्दाश्त नहीं कि जाएगी और इस बात का ध्यान नहीं दिया गया या मनमानी जारी रही तो ऐसे अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किया जाए। विकास उपाध्याय ने अस्पतालों के संचालकों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वो इस वैश्विक महामारी के समय मानवता का सही परिचय दें।



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फोटो रायपुर की है। विधायक विकास उपध्याय ने हाल ही में जरुरतमंदों के बीच जाकर राशन बांटा था।


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