शिक्षक भर्ती के लिए अभ्यर्थी सड़क पर, सीएम हाउस घेरने निकले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका , September 08, 2020 at 06:34AM

सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया अटकी है। इसे लेकर सोमवार को डीएड-बीएड संगठन के बैनर तले चयनित करीब 20 हजार अभ्यर्थी राजधानी की सड़कों पर उतरे और जमकर हंगामा मचाया। भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की मांग को लेकर सीएम हाउस घेरने निकले प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रास्ते में रोका। इस बीच झूमाझटकी भी हुई। इसके बाद शहर के तीनों कांग्रेस के विधायकों सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय ने इन प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर आश्वस्त किया कि सरकार जल्द नियुक्ति के लिए प्रयासरत है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूर्ण नहीं की जाती, नियुक्ति की लिए ऑर्डर नहीं मिलता तो आगे भी प्रदर्शन जारी रहेगा। वे भूख हड़ताल पर भी बैठेंगे। उनके प्रदर्शन का तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रातांध्यक्ष विजय झा और उनके नेताओं ने भी सभा की। इससे पहले, साल 2019 में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। करीब 14 हजार पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जानी है। भर्ती परीक्षा के नतीजों के आधार पर दस्तावेज परीक्षण हुआ। नियुक्ति आदेश जारी होना बाकी है। इसे लेकर ही विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। पिछले दिनों भी चयनित अभ्यर्थियों ने विरोध किया था।

मुख्यमंत्री बघेल शिक्षकों की नियुक्ति आदेश देने की तारीख बताएं : साय
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु देव साय ने शिक्षक भर्ती के लिए मुख्यमंत्री निवास के घेराव के लिए निकले युवाओं को राजधानी के तीन विधायकों के आश्वासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर बेरोजगार युवाओं के साथ छल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लिखित परीक्षा और पात्रता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्तियां न देकर सिर्फ मियाद बढ़ाना बेरोजगार युवाओं के साथ छल करना हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा कि मियाद और आश्वासन नहीं युवाओं को रोजगार चाहिए। रोजगार के नाम पर कोरोना का बहाना बना कर मियाद बढ़ाया जाता हैं और जब युवा सड़क पर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने उतरते हैं तब उन्हें तीन विधायकों को भेज कर छला जाता हैं यह युवाओं के साथ अन्याय हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिक्षकों की नियुक्ति आदेश देने की तारीख बताने और युवाओं को छलने से बाज आने कहा हैं।
भाजपा को शिक्षक भर्ती में बोलने का नैतिक अधिकार नहीं : शुक्ला
इधर कांग्रेस ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती के मामले में भाजपा को बोलने का कोई नैतिक अधिकार नही है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राज्य सरकार की नीयत युवाओं को रोजगार देने की है। सरकार चाहती है कि राज्य में खाली पड़े शिक्षकों के पदों में भर्तियां हों इसीलिए सरकार ने 14500 शिक्षकों के भर्ती के लिए आवेदन मंगाए थे और चयन प्रक्रिया पूरी कर पात्र अभ्यर्थियों की सूची भी जारी की गई है। लेकिन कोरोना के कारण चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति विलंबित है।



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On the road for the recruitment of teachers, the police stopped the protesters who came out to surround the CM house


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