बच्चों की फीस के मुद्दे पर गुस्साए परिजन, कोई स्कूल पहुंचा तो किसी ने कलेक्टर से शिकायत की , September 08, 2020 at 07:00AM

शहर में सोमवार को प्राइवेट स्कूल के खिलाफ अभिभावकों ने नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर दफ्तर और पेंशन बाड़ा इलाके के एक स्कूल में परिजन शिकायतें लेकर पहुंचे। पूरा विवाद कुछ प्राइवेट स्कूल द्वारा फीस वसूली को लेकर है। बिलासपुर हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि कोरोना संकट के इस दौर में स्कूल ट्यूशन फीस ले सकते हैं। अब पैरेंट्स का दावा है कि स्कूल इसी फीस में अन्य शुल्क जोड़कर वसूली का दबाव बना रहे हैं।

केस- 1

फोटो पेंशन बाड़ी के स्कूल की है। पालकों से मिलने काफी देर तक स्कूल की तरफ से कोई राजी नहीं हुआ। पैरेंट्स ने कहा जब कोई गलत वसूली नहीं तो बात करने से क्यों पीछे हट रहा स्कूल प्रबंधन।
फोटो पेंशन बाड़ी के स्कूल की है। अभिभावकों से मिलने काफी देर तक स्कूल की तरफ से कोई राजी नहीं हुआ। पैरेंट्स ने कहा- जब कोई गलत वसूली नहीं तो बात करने से क्यों पीछे हट रहा स्कूल प्रबंधन।

सोमवार को पेंशन बाड़ा स्थित एक प्राइवेट स्कूल में परिजन पहुंच गए। इनकी शिकायत थी कि स्कूल ट्यूशन फीस में स्पोर्ट्स और लाइब्रेरी के पैसे मांग रहा है। मार्च से ही स्कूल बंद हैं, किसी बच्चे ने जब स्कूल में इस सुविधा को लिया ही नहीं तो फिर पैसे किस बात के। स्कूल में हंगामे के आसार देखते हुए गोलबाजार थाने से पुलिस भी पहुंची। काफी देर तक स्कूल में परिजन डटे रहे। अभिभावक नितिन तिवारी ने बताया कि स्कूल की तरफ से किसी ने बात नहीं की। दबाव बना, तब टीचर ने बात सुनकर विचार करने का आश्वासन दिया।

केस-2
कलेक्टरेट परिसर में भी दर्जनभर परिजन पहुंचे। डंगनिया इलाके के एक स्कूल के खिलाफ परिजन ने शिकायत की। उनका कहना था कि ऑनलाइन तरीके से पढ़ाई में बच्चों के डाउट या कोर्स कंपलीट करने का काम उतने प्रभावी तरीके से नहीं हो रहा। स्कूल प्रबंधन फीस को लेकर भी दबाव बना रहा है, जो उचित नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा। लोगों ने कहा कि स्कूल के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अधिकारियों ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद परिजन घर लौट गए।



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फोटो रायपुर के कलेक्टरेट परिसर की है। यहां पहुंचे परिजन ने बताया कि फीस को लेकर बड़ा कंफ्यूजन है, सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।


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