बच्चे, बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाएं निगेटिव मिलें, फिर भी आरटीपीसीआर जांच; मंत्रालय के अफसरों-कर्मचारियों को स्वयं के वाहन से आने की सलाह , September 11, 2020 at 09:10AM

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण और मौत के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। संक्रमितों के संपर्क में आए हाई रिस्क वर्ग के सभी लोगों की लक्ष्ण नहीं होने पर भी जांच की जाएगी। वहीं बच्चे, बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिलाओं की एंटीजन रिपोर्ट निगेटिव आने पर आरटी-पीसीआर जांच होगी।

स्टेट कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की तकनीकी समिति की अनुशंसा पर कोविड-19 की जांच में संशोधन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की अपर मुख्य सचिव रेणु जी. पिल्ले ने इस संबंध में सभी संभाग आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर कोरोना संक्रमितों की पहचान के लिए नए दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

नई गाइडलाइन में यह किया गया है संशोधन

  • कोरोना संक्रमित व्यक्ति के प्राइमरी कांटेक्ट में आए ऐसे लोग जिनमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं, उनकी जांच की जाएगी।
  • बुखार, सर्दी, खांसी या सांस में तकलीफ, सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित, निमोनिया के भर्ती मरीजों की जांच होगी।
  • मुंह में स्वाद न आना, सुगंध न आना, उल्टी या पतले दस्त होना और मांसपेशियों में दर्द वाले पीड़ितों की भी जांच की जाएगी।
  • ज्यादा जोखिम वाले 65 वर्ष से अधिक आयु, बच्चों, गर्भवती महिलाओं में लक्षण नहीं दिखने पर भी जांच।
  • इम्युनो-कांप्रोमाइज्ड और को-मोरबीडाइटीज ग्रस्त जैसे डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, कैंसर, किडनी रोग, सिकल सेल से प्रभावित व्यक्तियों की जांच के निर्देश।
  • संक्रमण के लक्षण दिखने के बाद भी रैपिड एंटीजन किट से रिपोर्ट निगेटिव आती है तो सभी की आरटी-पीसीआर या ट्रू-नाट विधि से जांच की जाएगी।

मंत्रालय में अफसर-कर्मचारियों की उपस्थिति एक तिहाई की गई
मंत्रालय व संचालनालय के अफसरों-कर्मचारियों को स्वयं के वाहन से कार्यालय आने का सुझाव दिया है। इसका उद्देश्य सहयोगियों और उनके परिजनों को संक्रमण से बचाना है। बसों में फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पाता और संक्रमित होने की आशंका रहती है। वहीं अफसरों-कर्मचारियों की उपस्थिति एक तिहाई कर दी गई है।

संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में रहे गायब, 9 कर्मचारियों को नोटिस
कोरोना संक्रमण में ड्यूटी का निर्वहन नहीं करने पर जिला प्रशासन ने 9 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया है। तीन दिन में जवाब देने के लिए कहा गया है। इन कर्मचारियों की ड्यूटी जोन-5 में संक्रमित मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में लगाई गई थी, लेकिन सभी अपनी ड्यूटी से नदारद थे। अब सभी को वेतन कटौती व दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



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यह तस्वीर रायपुर कलेक्ट्रेट की है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिजिकल डिस्टेंसिंग बनाने और संक्रमण को रोकने के लिए इस तरह से व्यवस्था की गई है।


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