दो वेतन वृद्धि वसूली आदेश का शिक्षक संघ ने विरोध किया , September 14, 2020 at 08:11AM

खरोरा| 16 जून 1993 को बीएड-डीएड को अनिवार्य योग्यता बनाने के बाद 27 साल बाद देय दो वेतन वृद्धि की राशि वसूल करने के डीपीआई स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश का छग विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ ने निंदा की है। संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी, मनीराम साहू, रामनारायण वर्मा, संतोष सोनी, गोपाल सेन, रमेश कुमार वर्मा, चंदू ध्रुव ने बताया है कि यह आदेश कोर्ट की अवमानना है।

उन्होंने कहा है कि यदि 1993 के बाद किसी को दो वेतन वृद्धि की पात्रता नहीं थी तो स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने 1998, 2007, 2011,2014, 2016, 2017 आदि में शिक्षकों को वेतन वृद्धि जारी करने का आदेश कैसे कर दिया गया था। अधिकांश आदेश हाईकोर्ट बिलासपुर के आदेश के बाद जारी हुए हैं, जिसमें शासन द्वारा बीएड, डीएड को अनिवार्य योग्यता बनाने का तर्क रखकर 1993 के नियुक्त शिक्षकों को दो

वेतन वृद्धि नहीं देने का तर्क रखा था। इसे हाईकोर्ट जबलपुर व बिलासपुर ने खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट के दो वेतन वृद्धि प्रदान करने के निर्णय के परिपालन में शासन द्वारा उक्त सभी आदेश जारी किया गया था।
अधिकारियों द्वारा पूर्व के कोर्ट प्रकरणों का बिना अध्ययन के ही 7.3.2020 व 12.6.2020 को 1993 के बाद नियुक्त शिक्षकों के वेतन वृद्धि नहीं दिए जाने के आदेश जारी किए गए हैं, जो हाईकोर्ट बिलासपुर की अवमानना है तथा कोई भी पश्चवर्ती आदेश पूर्ववर्ती आदेश को प्रभावित नहीं करता है। संघ के समस्त पदाधिकारी इस निर्णय का हर स्तर की लड़ाई के लिए तैयार हैं।



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