चौक-चौराहे पर कितने कैमरे चालू कितने बंद, पता लगाने नहीं मिल रही एजेंसी , September 16, 2020 at 05:30AM

शहर के चौक-चौराहे पर नजर रखने वाले दक्ष के स्मार्ट सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए स्मार्ट सिटी को एजेंसी नहीं मिल रही है। आलम ये है कि स्मार्ट सिटी को इसके लिए तीसरी बार टेंडर निकालकर ऐसी एजेंसियों की तलाश करनी पड़ रही है जो दक्ष के कैमरे से लेकर शहर की जरूरत के मुताबिक पूरे सिस्टम की खामियों को बता सके। दरअसल, एक अलग एजेंसी के जरिए पूरे शहर के ट्रैफिक और अन्य गतिविधियों पर पल-पल की नजर रखने वाले दक्ष के सिस्टम की भी मॉनिटरिंग होनी है। स्मार्ट सिटी को इस काम के लिए एक नई एजेंसी तैनात करनी है। जो ये पता लगा सके कि शहर में दक्ष के सिस्टम में कहां खामियां हैं, कहां कैमरे काम कर रहे हैं कहां नहीं। स्मार्ट बत्तियां जल रही है या नहीं।
स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की देखरेख का जिम्मा पहले ही पांच साल के लिए दिया गया है। ये सिस्टम पांच साल तक कैसे काम कर पाएगा, नई एजेंसी इसका भी ऑडिट भी करेगी। इतना ही नहीं, शहर को किन नई जगहों पर कैमरे स्मार्ट बत्तियों और क्राइम के लिहाज सर्विलांस सिस्टम की दरकार है, उसके बारे में भी एजेंसी स्मार्ट सिटी को ऑडिट करके बताएगी। एक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से ये काम इसलिए भी किया जा रहा है ताकि सिस्टम में कहां खामियां है इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच हो सके। दक्ष के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में कई सारे सॉफ्टवेयर के जरिए न केवल पुराने शहर के ट्रैफिक बल्कि पर्यावरण, साफ सफाई, फ्री वाईफाई सुविधा, भीड़भाड़ वाली जगहों में नियमों के अनुपालन आदि बिंदुओं पर भी कमांड सेंटर से नजर रखी जाती है। ये सारे काम सुचारू रूप से आगे भी कैसे किए जा सकेंगे, इसका भी आंकलन किया जाएगा।

ऑडिट के आधार पर बनेगा शहर में नया सिस्टम
स्वतंत्र एजेंसी 360 डिग्री पर दक्ष के सिस्टम की पड़ताल करके समय-समय पर स्मार्ट सिटी को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर पुराने शहर में दक्ष के सिस्टम में जरूरत के हिसाब से नए बदलाव भी किए जाएंगे। शहर में दो चरणों में अब तक पचास से ज्यादा जगहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम लगाया जा चुका है। 118 से ज्यादा प्वाइंट पर सर्विलांस के लिए कैमरे भी लग चुके हैं, 63 जगहों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स जैसे बंदोबस्त हैं।

"दक्ष का सिस्टम इसके कैमरे शहर के चौक चौराहों पर काम कर रहे हैं या नहीं। कहां दिक्कत है कहां नहीं मॉनिटरिंग के माध्यम से इसको परखा जाएगा, ताकि इसका संचालन सुचारु रूप से हो सके।"
-एसके सुंदरानी, जीएम, स्मार्ट सिटी रायपुर



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फाइल फोटो।


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