मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च फिर से रहेंगे बंद, घरों में ही पूजा करने की अपील , September 20, 2020 at 05:35AM

राजधानी में एक बार फिर लॉकडाउन होने के साथ ही मंदिर-मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च बंद हो जाएंगे। इसके साथ ही धार्मिक गतिविधियों पर रोक लग जाएगी। मंदिरों में पूजा, मस्जिद में नमाज नहीं होगी। ऐसा कोई भी कार्यक्रम नहीं होगा जिसमें लोगों की भीड़ लगे। हालांकि 22 से 28 सितंबर के बीच कोई त्यौहार और पर्व भी नहीं हैं।
मंदिर-मस्जिद के साथ सभी धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर पुलिस का पहरा रहेगा। इसके पहले भी कई व्यापारी संघ और कर्मचारी संगठनों ने शासन से लॉकडाउन लगाने की मांग की थीं। मंत्रालय सहित कई सरकारी दफ्तरों में कोरोना पीड़ित मिलने कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध भी कर रहे थे।
मां महामाया मंदिर के पुजारी पं. मनोज शुक्ला बताते है कि लॉकडाउन के बीच कोई त्योहार व पर्व नहीं है, जिसके चलते कोई महत्वपूर्ण पूजा पाठ नहीं होगी। इसके साथ ही यह पुरुषोत्तम मास है, इसे मलमास भी कहते है। घर में ही भगवान की पूजा करने का भी विशेष महत्व रहता है। लॉकडाउन के दिनों में श्रद्धालु अपने घरों पर ही पूजा कर सकते है। इस दौरान समय की अधिकता के साथ घर में ही विशेष पूजा-अर्चना की जा सकती है। इसके साथ ही समाजसेवी संगठन, कर्मचारी संघ और व्यापारी संगठनों ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते शासन से मांग की थी कि, लॉकडाउन लगाया जाए। इस पर उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

संघ की मांग पूरी, 7 दिन सभी सरकारी दफ्तर बंद
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या से मंत्रालय, संचालनालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों में हड़कंप मचा हुआ था। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सभी कार्यालयों को बंद करने और केवल कोरोना संबंधित कार्य करने की मांग की थी। संघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा और जिला अध्यक्ष इदरीश खान ने बताया कि इंद्रावती भवन, महानदी भवन सहित सभी सरकारी कार्यालयों में कई गुना वृद्वि होने के बाद भी इन्हें बंद न करने से आमजन भी यहां पहुंचकर संक्रमित हो रहे थे। संघ की मांग को शासन ने मान्य करते हुए 21 सितंबर की रात 9 बजे से 28 सितंबर जिले को कंटेंटमेंट जोन घोषित किया है। इस पर संघ ने कलेक्टर डाॅ. एस भारतीदासन के आदेश का कार्यकारी प्रांतीय अध्यक्ष अजय तिवारी, उमेश मुदलियार, विश्वनाथ ध्रुव, जी एस यादव, नरेश वाढ़ेर, अमर मुदलियार, रविराज पिल्ले, कुंदन साहू ने स्वागत किया है।

वायएमएस ने किया समर्थन
एक हफ्ते का लॉकडाउन लगाने पर वायएमएस यूथ फाउंडेशन ने कलेक्टर के आदेश का समर्थन किया है। फाउंडेशन ने सख्त लॉकडाउन की मांग की थी। संस्था के अध्यक्ष बॉबी सिंह होरा ने बताया कि दुर्ग, मुंगेली और राजनांदगांव में बढ़ते संक्रमण की वजह से लॉकडाउन किया जा चुका है।
उपाध्यक्ष डॉ. यूसुफ मेमन ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोरोना जांच के दायरे को बढ़ाने का प्रयास होना चाहिए। लॉकडाउन होने से संक्रमितों की जांच कर उनकी पहचान होगी, भीड़ नहीं होगी तो संक्रमण का फैलाव कम होगा। लोगों पर नियंत्रण होगा तो आसानी से सभी को अस्पताल में सुविधा मिलेगी। व्यापारी वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए बिना कालाबाजारी के सामान बेचने जैसी बातों के फेर में पड़े जन सेवा करनी चाहिए, इस समय में जनहित सबसे ऊपर है। इस पर संस्था के सिद्धार्थ पारेख, सुरेश छाबड़ा, अमित जैन, महेंद्र सिंह होरा, अशोक श्रीवास्तव आदि ने समर्थन किया है।



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Temples, mosques, gurudwaras and churches will remain closed again, appeals to worship in homes


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