पोषक तत्व से भरपूर होते हैं माइक्रोग्रीन्स, घर में उगाना आसान, एक सप्ताह में हो जाते हैं तैयार , September 24, 2020 at 06:03AM

कोविड 19 के कारण आज हर घर में इम्यूनिटी पॉवर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसे देखते हुए अभी माइक्रोग्रीन्स की डिमांड भी बढ़ रही हैं। क्योंकि इसमें प्रचूर मात्रा में पोषक तत्व मिलते हैं और आसानी से घर में उगाया जा सकता हैं। इंडियन डाइटेटिक एसोसिएशन छत्तीसगढ़ चैप्टर की श्वेता गिलानी छाबड़ा, एक्सपर्ट कशिश और अभया जोगलेकर ने बताया कि माइक्रोग्रीन्स में पोषक तत्व भरपूर होते हैं। यह एक सप्ताह मेंे ही तैयार हो जाते हैं। माइक्रोग्रीन्स को चाट, चीला, पिज्जा, रोल्स, सैंडविच और बर्गर किसी में भी उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए किसी खास तैयारी की भी जरूरत नहीं है। घर पर जो अनाज उपलब्ध है, उससे ही माइक्रोग्रीन्स तैयार किए जा सकते हैं।

कैसे लगाएं माइक्रोग्रीन्स : किसी भी पॉट या ट्रे में लगा सकते हैं। पौधे लगाने के लिए मिट्टी या नारियल का बुरादा (कोको पिट) पर कोई भी बीज डाल कर छोटे पौधे उगाए जा सकते हैं। यह पौधे दो से चार इंच के हो जाने पर इन्हें कुकिंग में इस्तेमाल किया जा सकता है। एक सप्ताह के अंदर इन माइक्रोग्रीन्स को तोड़ लेने पर इसमें दूसरे माइक्रोग्रीन्स लगने शुरू हो जाते हैं।

मेथी, सरसों, धनिया से उगा सकते हैं माइक्रोग्रीन्स
सफेद तिल को 1 दिन पानी में भींगा कर उसे मिट्टी में छींट दिया जाए तो 5 से 6 दिन में सफेद तिल का माइक्रोग्रीन्स प्लांट निकल जाता है। इसे सितंबर से नवंबर के बीच लगाया जा सकता है। हरा मूंग को भींगा कर रखने के बाद मिट्टी में छींट दिया जाए तो 7 से 9 दिन में उसके पौधे निकलने शुरू हो जाते हैं। काला चना जिसे देसी चना भी कहा जाता है इसका माइक्रोग्रीन्स प्लांट 10 दिन में ग्रो करने लगता है । हम घर पर मेथी, सरसों, अजवाइन, धनिया, लेमन ग्रास आदि के माइक्रोग्रीन्स प्लांट तैयार कर सकते हैं।

माइक्रोग्रीन्स को पचाना आसान
पोषण के लिए आमतौर पर लोग स्प्राउट ( अंकुरित अनाज) खाते हैं। माइक्रोग्रीन्स में काफी पोषक तत्व होते हैं। माइक्रोग्रीन्स को स्प्राउट की तुलना में पचाना काफी आसान होता है, क्योंकि ये हरी पत्तियां होती है। मूंग को 1 दिन भीगा कर रख दिया जाए तो उसमें अंकुर निकलने लगता है। मूंग के बीज को मिट्टी में डाल दिया जाए तो छोटे-छोटे पौधे निकल आएंगे। इन छोटे पौधों की पत्तियों को खाने में यूज किया जा सकता है।

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मनी प्लांटः
इसे पानी और मिट्‌टी दोनों में लगा सकते है। यह बहुत अच्छा इंटीरियर पौधा माना जाता है। सात दिन में मनी प्लांट का पानी चेंज करना चाहिए। 15 दिन में मनी प्लांट ग्रोथ करने लगता है।

बोगन बेलियाः बोगन बेलिया इस सीजन में लगाई जा सकती है। इसमें पत्ते घने होते हैं और फूल भी बहुत घने आते हैं। देसी पौधे कलम के द्वारा लगते हैं। हाइब्रिड बोगन बेलिया जड़ सहित लगता है।

गुलाब : गुलाब के पौधों के साथ एक्सपेरिमेंट किया जा सकता है। अलग-अलग गुलाब के कलम को तिरछा काटकर उसे आपस में जोड़ कर एक नए कलर का गुलाब का पौधा डेवलप किया जा सकता है।

गिलोय ः अभी गिलोय का पौधा डिमांड में है। इसका पौधा भी कलम से लग जाता है। कलम को गमले या मिट्टी पर लगाएं तो बहुत तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस पौधे को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है।

मीठा नीम और पान पत्ताः मीठा नीम जिसे कढ़ी पत्ता भी कहा जाता है। येे आसानी से गमले में लग जाता है। पान का पत्ता भी मनी प्लांट के पत्ते की तरह होता है। इनके कलम मिट्टी में लगा सकते हैं।



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