टेंट, बैंड, डीजे वाले फिर बेरोजगार, कहा: शासन का हर नियम मानेंगे, सिर्फ काम दें , September 27, 2020 at 07:06AM

दुर्गा उत्सव के लिए प्रशासन की गाइड लाइन फिर जिले के टेंट, लाइट, बैंड व डीजे वालों के लिए मुसीबत लेकर आई है। कोरोना संक्रमण के चलते पर्व के दौरान बड़े पंडाल बनाने, सजावट, बैंड-बाजा व डीजे के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। इन व्यवसायियों को अनलॉक की कड़ी में इस बार दुर्गा उत्सव पर बड़े राहत की उम्मीद थी, लेकिन वह भी टूट गई है।

भिलाई डेकोरेटर्स कैटरर्स एंड लाइन वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि शासन-प्रशासन चाहे तो शर्ताें के साथ उनका काम शुरू करवा दे। वे सारे नियमों का पालन करेंगे। आधे से भी कम संख्या लेकर काम किया जाएगा, जो पार्टी उनकी शर्ते नहीं माने उनका आर्डर तक कैंसल करने का तैयार हैं। लेकिन उनका व्यवसाय शुरू किया जाए। इसे लेकर व्यवसायियों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। बता दें कि 22 मार्च के बाद से कोरोना संक्रमण के चलते सार्वजनिक कार्यक्रमों, समारोह आदि पर प्रतिबंध लगा है। इससे टेंट, लाइट, डेकोरेशन, बैंड और डीजे वालों का काम भी बंद है।

अभी दुर्गा उत्सव आने वाला है, जो दुर्ग-भिलाई के इन व्यवसायियों के लिए सीजन है। लेकिन प्रशासन की गाइड लाइन में उत्सव को बड़े स्तर पर मनाने पर प्रतिबंध लगा है। इसलिए व्यवसायों के सामने जीविकोपार्जन की समस्या फिर खड़ी हो गई है। बीते 6 माह से उनका व्यवसाय बंद है। भूखमरी की नौबत है।
कोलकाता से 4-5 हजार कारीगर आते थे, सब बंद
भिलाई डेकोरेटर्स कैटरर्स एंड लाइन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव कुमार जैन ने बताया कि दुर्गा उत्सव के लिए खासतौर पर उनके कलाकार कोलकाता से दो माह पहले ही आज जाते थे। 4 से 5 हजार मजदूर वहां से आते थे। इस बार काम के लिए वे भी बार-बार संपर्क कर रहे। लेेकिन हमारे पास कोई काम ही नहीं है। बीते कई महीनों से संगठन के पदाधिकारी व सदस्य शासन-प्रशासन के पास अपनी बात रख रहे, लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हुई है। शासन नियम-शतों के साथ हमें छूट दें, हम उसका दोगुनी सख्ती से पालन करेंगे।

कर्मचारी सब्जी बेच रहे हम भी अब काम ढूंढेंगे
बैंड संचालक अनिल केमे, मारुति राव, आनंद, लब्दी ने बताया कि बीते 6 महीने से उनके पास काम नहीं है। जो कारीगर साथ हैं, वे अब सब्जी की दुकान, ठेला लगाकर जीवन यापन कर रहे। बैंड संचालकों के सामने भी अब रोजगार ढूंढने की नौबत आ गई है। अनिल का कहना है कि शासन यदि अनुमति दे तो हम 15-20 की जगह 8-10 लोगों के साथ ही काम करेंगे। तमाम नियमों का पालन करेंगे।

दुकान का किराया, बैंक किस्त तक नहीं दे पा रहे
दुर्ग-भिलाई साउंड एसोसिएशन के राकेश साहू, जगदीश साहू, महेश राजपूत, रमेश भट्ट का कहना है कि पहले गणेशोत्सव के साथ ही सीजन की शुरुआत हो जाती थी। हमारे पीछे सैकड़ों कलाकारों व मजदूरों का जीवन यापन होता था। प्रतिबंध के बाद से उन सभी के सामने जीवन यापन की समस्या खड़ी हो गई है। दुकान किराया, बिजली बिल, बैंक की किस्त कुछ नहीं दे पा रहे।

260 से ज्यादा टैंट कारोबारी, 2 करोड़ का काम ठप
ट्विनसिटी में करीब 260 से ज्यादा टेंट हाउस संचालक हैं, जो गणेश व दुर्गा उत्सव में लगभग 2 करोड़ का कारोबार करते थे। पर्व पर बड़े-बड़े पंडाल तैयार करने कारीगर भी इन्हीं के माध्यम से शहर पहुंचते थे, जो इस बार नहीं आ पाए। इसी तरह दोनों शहरों में 15-20 बैंड संचालक हैं, जिन्हें पर्व के दौरान लगातार आर्डर मिलते थे। कोई कलाकार खाली नहीं रहता था, लेकिन परिस्थिति विपरीत हो गई है। डीजे वालों का भी यही हाल है। वे तो अपना कर्ज भी नहीं चुका पा रहे। इनसे जुड़े जनरेटर, बिजली मिस्त्री समेत छोटे व्यवसायी भी खाली बैठे हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2G6lsCq

0 komentar