सीएम भूपेश ने कहा: अब खेती-किसानी का निजीकरण करने की तैयारी में मोदी सरकार , September 28, 2020 at 06:14AM

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हवाईअड्‌डों, रेल्वे स्टेशनों को बेचने के बाद मोदी सरकार की नजर अब खेती की ओर है। वह खेती-किसानी का भी निजीकरण करना चाह रही है। लेकिन हम किसी भी शर्त में यह कानून लागू नहीं होने देंगे इसके लिए हम किसानों के घर-घर जाकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पत्रकारों के सामने कृषि बिल, श्रम कानून और शांताकुमार की रिपोर्ट पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अपने उद्योगपति मित्रों के हितों को ध्यान में रखकर यह कानून बनाया है। संघ सूची में एक भी विषय ऐसा नहीं है जिसके अंतर्गत एकमेव रूप से कृषि से संबंधित मामलों पर केंद्र को कोई कानून बनाने का अधिकार है जबकि राज्य सूची में कृषि से संबंधित अनेक विषय ऐसे हैं जिस पर उसे कानून बनाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि किसान को व्यापारी बताकर इस कानून को पास कराया गया है। वे एफसीआई के साथ कृषि मंडियों को बंद साजिश रच रहे हैं। लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं किसानों के हित की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

भूपेश ने रमन से पूछे सवाल
सीएम भूपेश ने पूर्व सीएम रमन सिंह और भाजपा नेताओं से सवाल पूछा है कि वे स्वामीनाथन कमेटी का समर्थन करते हैं या विरोध? 2016 में किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा की थी वह कब करेंगे। 2014 में केन्द्र सरकार ने किसानों के बोनस पर प्रतिबंध लगाया था उसके पक्ष में हैं या विरोध में। 2004 से 2010 तक यूपीए सरकार ने जो एमएसपी लागू की थी इसे आपकी सरकार में कमी की गई क्या इसे सही मानते हैं क्या? बैकडोर से बनाया गया कानून क्या यह देशद्रोह नहीं है।
कल जाएंगे राजभवन
केन्द्र सरकार के कृषि विधेयक बिल के विरोध में कांग्रेस देशभर में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। छत्तीसगढ़ में भी कल कांग्रेस के सभी मंत्री, विधायक, सांसद राजभवन जाकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।

किसानों के हित में एक राष्ट्र- एक बाजार: कौशिक

नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि देश में कृषि विधेयक के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार मिलेगा। मंडी की व्यवस्था कभी भी बंद नहीं होने वाली है। इस विधेयक को लेकर कांग्रेस भ्रम फैलाने के अलावा कुछ नहीं कर रही है। कृषि उत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर हमेशा केंद्र की सरकार संवेदनशील है। देश व प्रदेश में किसानों की चिंता कांग्रेस को कितना है ,यह सबको पता है। जब एक राष्ट्र- एक बाजार की दिशा में हम आगे बढ़ रहें हैं तो किसान विरोधी मानसिकता का परिचय देते कांग्रेस विधेयक का विरोध कर रही है।

रमन बोले- काली कमाई का भांडा फूटने से डरे कांग्रेसी
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार के कृषि सुधार संबंधी विधेयकों और श्रम कानूनों में परिवर्तन के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने और कोर्ट जाने की बात कहकर सीएम भूपेश बघेल ने संविधान, किसान और मजदूर विरोधी होने का परिचय दिया है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस का नेतृत्व बौना और दुविधाग्रस्त है, विचारशील नेतृत्व आइसोलेट हो गया है। इन विधेयकों से गमलों में खेती करके करोड़ों कमाने वाले कांग्रेस नेताओं की काली कमाई का भांडा फूट जाएगा। राज्य में सत्ता में आने के बाद से सीएम बघेल केंद्र सरकार के खिलाफ झूठ बोलकर प्रदेश में अराजकता का माहौल बना रहे हैं। साथ ही केंद्र के फैसलों का विरोध करके संघीय ढांचे की अवमानना भी कर रहे हैं। केंद्र-राज्य के अधिकारों पर ज्ञान बांटने से पहले वे संवैधानिक प्रावधानों का गंभीर अध्ययन करें। केंद्र सरकार ने किसानों के हित में जो क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, उससे कांग्रेस को अपना वजूद खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।



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CM Bhupesh said: Now the Modi government is preparing to privatize farming and farming


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