रायपुर, बिलासपुर में कल से लाॅकडाउन खत्म, बिना मास्क और बदइंतजामी पर अब होगी ज्यादा कड़ी कार्रवाई , September 28, 2020 at 06:14AM

रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा जिला कड़ी शर्तों के साथ 28 सितंबर देर रात से अनलॉक हो जाएगा। प्रदेश सरकार में उच्चस्तर पर इस बारे में सहमति बन गई है कि कोरोना प्रोटोकाॅल का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए, लेकिन लाॅकडाउन बढ़ाने की जरूरत नहीं है। मरीजों की बढ़ती संख्या की वजह से इन जिलों में 28 सितंबर तक एक सप्ताह का लॉकडाउन लगाया गया था। हालांकि तीनों जिलों में लाॅकडाउन खत्म करने का ऐलान संबंधित जिला प्रशासन सोमवार को होने वाली बैठक के बाद करेंगे।

बताया गया है कि इस बार जिस कड़ाई से लॉकडाउन किया गया था, अनलाॅक होने के बाद सख्ती उससे भी ज्यादा रहने वाली है। इस बार बिना मास्क के दिखने वाले हर व्यक्ति पर जुर्माना किया जाएगा। दुकानों में भीड़ नजर आने पर दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बाजारों में भीड़ न हो, इसलिए पहले की ही तरह दुकानों के खुलने और बंद होने की समयसीमा भी तय की जाएगी।


छत्तीसगढ़ में काेरोना संक्रमित मरीजों की संख्या एक लाख को पार कर गई है। लगातार बढ़ती संख्या के बीच रायपुर, बिलासपुर, सरगुजा समेत प्रदेश के कई जिलों में लॉकडाउन लगाया गया था। इनमें तीन जिलों में लॉकडाउन 28 सितंबर को समाप्त हो रहा है जबकि दुर्ग 30 सितंबर और कवर्धा, धमतरी और महासमुंद में 1 अक्टूबर तक लॉकडाउन रखा गया है। माना जा रहा है कि वहां भी लाॅकडाउन बढ़ना मुश्किल है।

कड़ाई तो होगी पर लोग भी रहें सचेत
लॉकडाउन खोले जाने काे लेकर सोमवार को समीक्षा की जाएगी। इस दौरान काेरोना गाइडलाइन का पालन करने कड़ाई करने पर जोर दिया जाएगा वहीं लोगों को भी सावधानी बरतने और नियमों का पालन करने की अपील भी की जाएगी।


रोजगार का संकट फैसले की वजह
एक सप्ताह के इस लॉकडाउन में सबसे ज्यादा सब्जी और फल व्यापारियों का नुकसान हुआ है। क्योंकि एक सप्ताह में उनकी लगभग आधी से ज्यादा सब्जियां खराब हो गई हैं। रोजाना कमाने वाले और छोटे-मोटे कारोबारियों के लिए भी लाॅकडाउन में रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उच्चस्तर से यह संकेत मिल रहे हैं कि रोजगार किसी तरह से प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन खोला जा रहा है।



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यह तस्वीर राजधानी के सड्‌डू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के पास की है। ऐसी कॉलोनी जहां हजारों लोग रहते हैं। चहल-पहल रहती है। ऐसी सड़क पर किसी ने उपयोग में लाई हुई पीपीई किट को फेंक दिया। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे पीपीई किट को डिस्पोज करने का पूरा एक प्रोटोकॉल है। छत्तीसगढ़ में कोरोना एक लाख को पार कर चुका है। इस बढ़ते हुए आंकड़ों के कारण ऐसे ही गैरजिम्मेदार और लापरवाह लोग हैं, जो अपनी कारगुजारियों से दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, कोरोना बांट रहे हैं। ये काम करने वाला कौन है पता नहीं, लेकिन इसके दुष्परिणाम सैकड़ांे लोगों को भुगतने पड़ सकते हैं।


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