11 लाख से अधिक पौधे रोपने का जहां पर दावा, वहां बकरियों का चारागाह, तीन जगह पर पौधे लगे ही नहीं , October 17, 2020 at 06:48AM

बिलासपुर वनमंडल ने वन क्षेत्र के अंदर 11 लाख 55 हजार 719 पौधे लगाने का दावे किए है जबकि उसमें भी पूरी जगहों पर पौधे नहीं लगाए गए। जहां पौधे लगाए गए उनमें से कुछ जगहों पर सुरक्षा नहीं होने से वे बकरियों के चारागाह बन रहे हैं। बिलासपुर वनमंडल में जुलाई 2020 की स्थिति में वनमंडल क्षेत्र के अंदर व बाहर पौधे लगाए गए है। इन तीनों योजनाओं में विभाग 100 फीसदी पौधे लगाने का दावा कर रहा है जबकि उरतुम,सीस और कुकदा में पौधे लगाए ही नही गए हैं। विभाग अपने आंकड़ों में पौधों की एक ही संख्या को लक्ष्य और प्रगतिरत दोनों बता रहा है। ऐसी स्थिति में विभाग के 100 फीसदी पौधे लगाए जाने के दावे पर ही सवाल उठ रहा है। सामान्य तौर पर चलने वाले काम पर प्रगतिरत लिखा जाता है लेकिन विभाग दूसरी ओर 100 फीसदी काम होने की बात भी कर रहा है। दूसरी ओर जहां पौधे रोपे गए थे वहां की स्थिति खराब हो चुकी है। तखतपुर जेवरा में रोपे गए पौधे की जगह पर बकरियां चरने लग गईं हैं।

वन क्षेत्र के बाहर पौधे लगाने में भी विभाग पीछे
वन क्षेत्र के बाहर रोपे गए पौधों की संख्या में बिलासपुर संभाग पीछे है। यहां 1 लाख 64 हजार 700 पौधों में से सिर्फ 44 हजार पौधे ही लगाए हैं। बिलासपुर वनमंडल कुल 26.72 फीसदी पौधे ही लगा पाया और वह अन्य मंडलों से पीछे रह गया है। इनमें मरवाही 86.70 फीसदी , कोरबा 77.37,रायगढ़ 100, धरमजयगढ़ 92.21 फीसदी, मुंगेली 80.80 फीसदी शामिल है।

अतिक्रमण की वजह से नहीं हो पाया-डीएफओ
वन क्षेत्र के अंदर उरतुम,कुकदा व सीस में पौधे लगाने थे पर समस्या थी। पौधे लगाने पर उखाड़कर फेंक दिए जाते थे। वरिष्ठ कार्यालय को रिपोर्ट करने पर पहले समस्या सुलझाने पर ही फरवरी मार्च में पौधरोपण करने का निर्देश दिया गया। आंकड़े सौ फीसदी इसलिए क्योंकि उतनी संख्या लक्ष्य से भी घटा दी गई है। बाहर क्षेत्र उपलब्ध नहीं होने की वजह से पौधे नहीं लगाए जा सके।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
जहां पौधारोपण हुआ वहां बकरियां चराई जा रही हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/31gQr6d

0 komentar