प्रदेश में औसत से 16 फीसदी ज्यादा बारिश, 138 दिन बाद आधी रात लौटा मानसून, रात में पड़ने लगी ठंड , October 28, 2020 at 06:09AM

प्रदेश से मानसून मंगलवार को आधी रात लौट गया। 138 दिन का मानसून प्रदेश में 1321 मिमी पानी बरसाकर लौटा है। प्रदेश का औसत 1148 मिमी बारिश का है। इस तरह, इस साल मानसून में 16 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। इस मानसून की खास बात ये है कि प्रदेश में केवल सरगुजा जिले में औसत से कम और बस्तर में औसत से बहुत अधिक वर्षा के अलावा बाकी सभी जिलों में लगभग समान रूप से बारिश हुई है। मानसून की वापसी के साथ ही अब अगले एक-दो दिन में ही रात में हल्की ठंड महसूस होने की संभावना है। इस साल मानसून में अच्छी बारिश की वजह से पूरे प्रदेश में ग्राउंड वाटर लेवल 3 से 10 मीटर तक ऊपर अा गया है। राजधानी रायपुर में 1100 मिमी बारिश हुई है। यह भी सामान्य ही है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस बार मानसून इसलिए बेहतर है क्योंकि नियमित अंतराल में अच्छी बारिश होती रही है।

जून से सितंबर के चार महीने मानसून ज्यादा सक्रिय रहता है, लेकिन इस बार अक्टूबर में भी 87.5 मिमी पानी बरसा, जबकि इस माह का औसत 56.8 मिमी है। प्रदेश में 30 सितंबर तक 1234 मिमी बारिश हुई थी।

अच्छा : बंपर धान की उम्मीद
अच्छे मानसून का नतीजा है कि इस बार खरीफ फसल अच्छी होने की संभावना है। हालांकि अक्टूबर में हुई बारिश से कुछ जिलों में धान के पौधे गिरे, जिससे थोड़ा नुकसान हो सकता है, लेकिन पैदावार अधिक है। अक्टूबर में बारिश से सब्जियों को ही थोड़ा नुकसान हुआ क्योंकि बीज सड़ रहे थे। हालांकि अब स्थिति सामान्य है और अगले दो-तीन महीने लोकल बाड़ियों से सब्जियां आने के कारण राजधानी सहित प्रदेश में सब्जियों की कीमत काफी गिरेगी।

खतरा : बढ़ सकता है कोरोना

इस बार की ठंड पहले से कुछ अलग होगी, क्योंकि कोरोना का खतरा बढ़ सकता है। सीनियर गेस्ट्रो सर्जन डॉ. देवेंद्र नायक व मेडिकल कंसल्टेंट डॉ. अब्बास नकवी ने बताया कि ठंड में धूल के कण नीचे हाेते हैं। इससे अस्थमा वाले मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होगी। यही नहीं सामान्य लोगों को भी धूल के कारण परेशानी हो सकती है। कोरोना सामान्यत: फेफड़े को प्रभावित करता है। ऐसे में धूल के कण से मरीजों का रिस्क बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि लोग बिना मास्क लगाए घर से बाहर न निकलें।

आज से ही रात कुछ ठंडी
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के अनुसार बुधवार रात के ही तापमान में 1 से 2 डिग्री तक की गिरावट की उम्मीद है। मंगलवार काे राजधानी का न्यूनतम तापमान 21.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा है। वहीं अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री रहा। यह भी सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा। हवा में आद्रता की मात्रा सुबह 70 व शाम को 52 फीसदी रही। दूसरी ओर जगदलपुर व दुर्ग में न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम है। जगदलपुर में न्यूनतम तापमान 16.4 व दुर्ग में 18.8 डिग्री रहा। अमूमन प्रदेश में सबसे ठंडा रहने वाला पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री है, जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा था। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री रहा, जो सामान्य है। उत्तर छग में हल्की ठंड ने दस्तक दे दी है। राजधानी में भी देर रात ठंड का अहसास होने लगा है।



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फाइल फोटो।


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