आईपीएल मैच के साथ सट्टे के लाइव दांव वाले दो एप पकड़े, इनमें डिस्प्ले भाव भी इंटरनेशनल, सटोरियों के नंबर पर आने वाली कॉल्स को 17 मोबाइल से किया जा सकता है रिसीव , October 08, 2020 at 06:34AM

प्रमोद साहू | राजधानी में पहली बार पुलिस ने क्रिकेट सटोरियों के दो मोबाइल फोन से ऐसे दो एप पकड़े जिनमें क्रिकेट भी लाइव चल रहा था और उसी स्क्रीन पर साइड में सट्टे के भाव भी। पुलिस के साइबर विशेषज्ञों ने इन एप्लीकेशन के पकड़े जाने के बाद इंटरनेट पर सर्च किया तो ऐसे 5 एप और मिले, जिनमें आईपीएल मैच लाइव था और इंटरनेशनल लेवल पर सट्टे के भाव चल रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि सभी एप मुंबई के बड़े खाईवाल संचालित कर रहे हैं। सटोरियों से पूछताछ में यह बात भी आई कि बड़े खाईवालों ने पासवर्ड दिया, उसके बाद ही यहां क्रिकेट सट्टे का सीधा संचालन शुरू हुआ। जिन मशीनों के जरिए यह काम हो रहा था, उन्हें जब्त कर लिया गया है। खाईवालों का जो नेटवर्क सट्टा चलाने के लिए मोटी रकम लेकर पासवर्ड दे रहा है, पुलिस उनकी तलाश में है लेकिन सभी बाहर हैं इसलिए उन तक पहुंच नहीं पाई है।
राजधानी में पिछले 10 दिन में दर्जनभर से ज्यादा आईपीएल सटोरिए पकड़े गए हैं। सभी ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे और सट्टा खेलनेवालों को लाइव मैच देखकर भाव लगाने की सुविधा दी गई थी। सबसे जांच में सबसे अलग बात यह सामने आई है कि सटोरिए मोबाइल एप का प्रयोग कर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर खुले भावों के साथ दांव ले रहे हैं। दोनों ही एप में खेलने वाली टीम से लेकर बल्लेबाज, गेंदबाज और प्रति ओवर का अलग-अलग भाव स्क्रीन पर ही डिस्प्ले हो रहा था, लोग वही देखकर दांव लगा रहे थे। सटोरियों के मोबाइल से दोनों एप पकड़े जाने के बाद साइबर सेल ने नेट पर 5 एप और ढूंढे, जो मुंबई, गोवा और दिल्ली के बड़े सटोरियों ने बना रखे थे। यहां के सटोरियों ने बताया कि जब उन्होंने पेमेंट किया, तब इन लोगों ने पासवर्ड दिया और वही एप फिर यहां भी ऑपरेट किया जाने लगा। सायबर सेल प्रभारी रमाकांत साहू ने बताया कि क्रिकेट सट्टा अब कुछ ज्यादा ही हाईटेक हो गया है। मोबाइल से ही 50 लाख से 1 करोड़ रुपए तक का दांव लग रहा है और एप के जरिए बहुत सीमित साधनों में यह ऑपरेट किया जा रहा है।

एप में सट्टा खेलनेवालों का ग्रुप
सायबर सेल ने सटोरियों से जब्त मोबाइल से चैट भी रिट्रीव की है। इस चैट के आधार पर ही कई सटोरिए पकड़े गए हैं। पुलिस के मुताबिक ज्यादातर ने एप पर सीधे ग्रुप बनाए हैं और दांव ग्रुप वाले ही लगा रहे हैं। यही नहीं, पकड़े गए सभी एप ई-मेल से लेकर सोशल मीडिया तक से कनेक्ट हो सकते हैं, इसलिए सटोरिए इनका पेमेंट करके इस्तेमाल कर रहे हैं।

दो नंबर पर कॉल और 17 हैंडसेट पर बातचीत
पुलिस ने सटोरियों से कई हाईटेक मशीनें जब्त की है। इसमें कॉल रिसीवर और एक्सचेंज मशीनें है। सटोरिए हमेशा सट्टा खेलने वालो के दो नंबर जारी करते हैं, जिसमें कॉल करके दांव लगा सकते है। इन दोनों नंबरों पर आने वाले कॉल को 17 मोबाइल हैंडसेट से रिसीव किया जा सकता है। यह एक मशीन के जरिए होता है, ताकि कोई भी काॅल इंगेज न मिले। इन मशीनों में हर काॅल को ऑटोमेटिक रिकॉर्ड करने की सुविधा भी है।

हवाला का एंगल भी
"पिछले 15 दिनो में 30 से ज्यादा सटोरियों को गिरफ्तार किया है। सटोरिए हाईटेक हैं, इसलिए पुलिस ने भी टेक्नोलाॅजी पर ही फोकस किया है। सभी के बैंक खाते छाने जा रहे हैं। एक-दो मामलों में हवाला का भी एंगल है।"
-अजय यादव,एसएसपी रायपुर



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सटोरियों से जब्त मशीनें।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3d9tren

0 komentar