22 शर्तें पूरी करें फिर जलाएं रावण का पुतला , October 04, 2020 at 05:37AM

जिले में 22 शर्तों के साथ इस माह के अंतिम सप्ताह में नवरात्र खत्म होने के बाद रावण का पुतला दहन करने यानी दशहरा (विजयदशमी) मनाने की अनुमति जिला प्रशासन ने दे दी है। बालोद शहर के सरदार पटेल मैदान, बुधवारी बाजार सहित वार्डों व गांवों में अलग-अलग तिथि में यह पर्व मनाया जाता है।

शनिवार को कलेक्टर जनमेजय महोबे ने गाइडलाइन जारी कर स्थिति भी स्पष्ट कर दी है कि पुतला दहन को लेकर क्या करना है। पुतलों की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होगी। रहवासी इलाकों में पुतला दहन की अनुमति नहीं मिलेगी यानी यहां पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। किसी भी खुले स्थान पर पुतला दहन किया जाएगा। वाद्य यंत्र, डीजे, धुमाल, बैंड पार्टी की अनुमति नहीं होगी। 4 सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा। ताकि संक्रमित मिलने पर कांटैक्ट ट्रेसिंग किया जा सकें।

एक से दूसरे आयोजन स्थल की दूरी 500 मीटर से ज्यादा हो। संंबंधित निकाय क्षेत्र में पुतला दहन के 10 दिन पहले शपथपत्र के साथ आवेदन देना होगा। अनुमति मिलने के बाद ही पुतला दहन किया जाएगा।
100 मीटर दायरे में लगेगी बेरिकेडिंग: कंटेनमेंट जोन में रावण का पुतला दहन की अनुमति नहीं होगी। यूं कहें कि आयोजकों को सोशल मीडिया में जानकारी देने के बाद ही पुतला दहन करना होगा। पुतला दहन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारा और प्रसाद वितरण पर प्रतिबंध जारी रहेगा। इसी के साथ रावण दहन के दौरान 100 मीटर दायरे में बेरिकेडिंग लगाई जाएंगी। आयोजन के दौरान आयोजकों को सुरक्षा पहलुओं का खासतौर पर ध्यान रखना होगा। लापरवाही नहीं चलेगी।

50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे

जारी गाइडलाइन अनुसार पुतला दहन कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी सहित किसी भी हाल में 50 से ज्यादा लोग एक साथ शामिल नहीं हो सकेंगे। आयोजन के दौरान केवल पूजा करने वाले लोग ही शामिल होंगे। अनावश्यक भीड़ होने पर जिम्मेदारी आयोजकों की रहेगी। यथासंभव ऑनलाइन प्रसारण करने कहा गया है ताकि लोग घर में ही बैठकर लाइव देख सकें और बाहर निकलने की नौबत न आए। रावण पुतला दहन के दौरान वीडियोग्राफी कराई जाएगी। प्रत्येक समिति, आयोजक को पुतला दहन को लेकर जानकारी सोशल मीडिया में देनी होगी। इस दौरान किसी भी तरह के लाउडस्पीकर की अनुमति नहीं होगी।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने गाइडलाइन जारी करने के साथ स्पष्ट कर दिया है कि आयोजकों को कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। यदि पुतला दहन स्थल पर कोई भी संक्रमित होता है तो उसका खर्चा पुतला दहन करने वाले आयोजक को उठाना पड़ेगा। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना गाइडलाइन की जानकारी पहले से जारी कर दी गई है। इसके बाद भी किसी तरह की लापरवाही होती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसकी मानिटरिंग की जाएगी।



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