3804 डिस्चार्ज और 318 अस्पताल में भर्ती, 90 मरीजों का पता नहीं कहां, 8347 कोरोना पॉजिटिव में 100 की मौत, 4035 होम आइसोलेट , October 18, 2020 at 06:05AM

जिले में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या शुक्रवार की रात तक 8347 थी, जिसमें से 3804 मरीज स्वस्थ होकर अस्पतालों से वापस लौट चुके हैं। इनमें मात्र 318 मरीज जिले के विभिन्न कोविड केयर सेंटर में इलाज करा रहे हैं तथा 4035 मरीजों के होम आइसोलेशन में होने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास है। इन दोनों को मिला दें तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिन मरीजों की मॉनिटरिंग की जा रही है।

उनकी संख्या 4353 हाेती है तो आखिर 90 कोरोना के मरीज जब घरों में नहीं हैं और अस्पताल में भी इलाज नहीं करा रहे हैं तो आखिर वे कहां लापता हो गए हैं। जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही लापरवाही भी सामने आ रही है।

लोग कोरोना का टेस्ट कराने तो आ रहे हैं, सरकार ने होम आइसोलेशन की सुविधा दी है, इसके बाद से लगातार अस्पतालों में मरीज कम हो गए हैं, जबकि जिले में एक एक्सक्लूसिव कोविड सेंटर के अलावा 9 अन्य स्थानों पर ऐसे मरीजों को रखने की व्यवस्था की गई है। जिले के इन अस्पतालों में 1058 मरीजों को रखने व इलाज की व्यवस्था है। किंतु एक समय मरीजों को रखने के लिए बेड की कमी हो जा रही थी, अब स्थिति ऐसी है कि बेड में मरीजों की कमी हो गई है।

अफसर का दावा : संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं, पर डाटा अपडेट नहीं
ऐसी लापरवाही पखवाड़े भर से
मरीजों की इस तरह से मिसिंग चिंता की बात है, जिला सर्विलांस अधिकारी इसे मिसिंग नहीं मान रहे हैं। उनके अनुसार यह पोर्टल में अपडेट नहीं हो पाने के कारण हो रहा है, जबकि दैनिक भास्कर ने पड़ताल में पाया है कि ऐसी स्थिति एक दिन की नहीं है। हमने पिछले दस से 12 दिनों का विभाग की ओर से जारी हाेने वाले डाटा का मिलान किया है जिसमें दो सौ से लेकर ढ़ाई सौ मरीजों की जानकारी ही विभागीय जानकारी में नहीं मिल पा रही है।

सामुदायिक संक्रमण का खतरा

ऐसे लोग जिनकी निगरानी ही स्वास्थ्य विभाग नहीं कर पा रहा है, ऐसे लोग होम आइसोलेशन में भी नहीं हैं। एक आशंका यह भी है कि ऐसे पॉजिटिव मरीजों ने जांच के बाद होम आइसोलेशन में रहना तो बता दिया, लेकिन किसी डॉक्टर से अनुमति नहीं ली होगी, इसलिए भी इनकी जानकारी नहीं हो पा रही है। होम आइसोलेशन में मरीज स्वस्थ हुए इससे भी विभाग अनजान हैं। ऐसा होगा तो यह सामुदायिक संक्रमण का खतरा बन सकता है।

होम आइसोलेशन को दे रहे प्राथमिकता

सरकार ने जब से होम आइसोलेशन में रहने की छूट दी है, तब से मरीजों की संख्या एकबारगी अस्पतालों से कम होने लगी है। शुक्रवार तक जिले के सभी कोविड अस्पतालों में मात्र 318 मरीज ही इलाज के लिए भर्ती थे, जबकि इससे बारह गुना अधिक यानि 4035 मरीज अपने घरों में आइसोलेशन में हैं।

पोर्टल लेट से हो रहा अपडेट इसलिए देरी

दिन भर पोर्टल में इंट्री चलती रहती है, मरीज कहीं मिस नहीं हुए हैं। पोर्टल में लेट से अपडेट होने के कारण सही जानकारी नहीं मिल पाती है। इसलिए मरीजों की कुल संख्या और इलाज तथा होम आइसोलेशन में अंतर दिख रहा होगा। अंतर के जो मरीज हैं वे भी होम आइसोलेशन में होंगे।''
डॉ. पुष्पेंद्र लहरे, जिला सर्विलांस अधिकारी, जांजगीर-चांपा



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3804 discharges and 318 hospitalizations, 90 patients not known, 8347 corona positive 100 deaths, 4035 home isolates


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