500 करोड़ खर्च कर डोंगरगांव में बनेगा सौ मेगावॉट का सोलर प्लांट , October 17, 2020 at 06:19AM

राकेश पाण्डेय | थर्मल पावर की तरह सौर ऊर्जा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को हब बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। डाेंगरगांव में सोलर एनर्जी पॉवर कार्पोरेशन (सेकी) के माध्यम से लगभग 500 करोड़ के निवेश की योजना है। 100 मेगावाट के सोलर प्लांट के लिए डिस्कॉम ने सेकी के साथ पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किया है। इसके लिए फर्स्ट बीड मीटिंग हो चुकी है। इसके अलावा सोलर और विंड एनर्जी के स्टोरेज दर को थर्मल पॉवर से कम करने की कोशिश है। इसके लिए 4 रुपए प्रति यूनिट की दर पर सोलर एनर्जी को स्टोर करने और बेहतर तकनीक के लिए एमओयू करने की कोशिश की जा रही है। सोलर एनर्जी को स्टोर करने के लिए भी कंपनियों से प्रस्ताव भी मंगाए गए हैं। आने वाले समय में बिजली की कीमतें कम होने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा राज्य के लोगों को मिलेगा।
इससे पहले राज्य विद्युत मंडल व क्रेडा एनटीपीसी के सहयोग से 500 मेगावाट बिजली तैयार करने डोंगरगढ़ में 2000 करोड़ निवेश करने की योजना पर काम कर रहे थे। लेकिन सहमति नहीं बन पाने के कारण प्लान ठंडे बस्ते में चला गया। क्रेडा के सीईओ आलोक कटियार ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य को अफोर्डेबल एनर्जी की दिशा में ले जाना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ को सोलर पावर हब बनाने और इस बिजली को कम दर पर स्टोर करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। आने वाले समय में सोलर और विंड एनर्जी को थर्मल पॉवर से कम दर में स्टोर किया जा सकेगा। फिलहाल, राज्य में रिन्युएबल एनर्जी के जरिए 485 मेगावाट बिजली बन रही है।

राज्य की मांग से 5 गुना उत्पादन
दरअसल, छत्तीसगढ़ पहले से ही पॉवर सरप्लस राज्यों में शामिल है। अभी राज्य में वास्तविक मांग का पांच गुना बिजली बनाने की कैपेसिटी है। वितरण कंपनी के लगभग 5 हजार मेगावाट की मांग के विरूद्ध राज्य में 15 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जबकि इंस्टाल्ड केपेसिटी 22 हजार से 23 हजार मेगावाट है। इसमें 13 हजार मेगावाट थर्मल पॉवर, 485 मेगावाट सोलर एनर्जी, 272 मेगावाट जलविद्युत और 234 मेगावाट बायोमास से उत्पादन हा़े रहा है।

छत्तीसगढ़ में हर साल 200 मेगावॉट अतिरिक्त सोलर पॉवर
राज्य सरकार हर साल 200 मेगावाट अतिरिक्त सोलर एनर्जी पैदा करने की योजना पर काम कर रही है। राज्य की ऊर्जा जरूरतों के मद्देनजर पिछले दिनों डिस्कॉम ने एनएचपीसी (नेशनल हाइड्रो पावर कार्पोरेशन) के साथ 400 मेगावाट के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) किया है। इसके तहत एनएचपीसी से डिस्कॉम 2 रुपए 62 पैसे के दर से बिजली खरीदेगी।

"राज्य में रिन्युएबल एनर्जी खासकर सोलर एनर्जी और बायोमास की अपार संभावनाएं है। रिन्युएबल एनर्जी के क्षेत्र में राज्य में भी बहुत जल्द बदलाव नजर आने लगेगा, खासकर सोलर एनर्जी के क्षेत्र में। 100 मेगावाट के प्लांट लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।"
- आलोक कटियार, सीईओ क्रेडा।



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